MCX पर सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, जानें क्या है वजह

सोमवार को एमसीएक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मजबूत डॉलर के कारण कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला।

सोमवार सुबह एमसीएक्स (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हो गया। मजबूत डॉलर और बढ़ती महंगाई की आशंकाओं का असर कीमती धातुओं पर पड़ा। सुबह करीब 9:10 बजे एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1.16 फीसदी गिरकर 1,41,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जबकि सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 2.34 फीसदी टूटकर 2,17,448 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

एमसीएक्स पर सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट

आज सोना-चांदी बाजार की प्रमुख बातें

  • एमसीएक्स सोना: 1.16% गिरकर 1,41,820 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • एमसीएक्स चांदी: 2.34% टूटकर 2,17,448 रुपये प्रति किलोग्राम
  • मुख्य वजह: अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल में उछाल
  • डॉलर इंडेक्स: करीब 101.22 पर पहुंचा
  • बाजार का रुख: कीमती धातुओं पर दबाव
  • निवेशकों की नजर: फेड और महंगाई के आंकड़ों पर

कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4 फीसदी की तेजी आने से डॉलर इंडेक्स भी बढ़कर लगभग 101.22 पर पहुंच गया। जब डॉलर मजबूत होता है तो दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इससे सोने की मांग कमजोर पड़ती है और कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले तेज हो गए हैं। ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का दावा किया है, जो दुनिया में कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी 12 जुलाई को ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। इन घटनाओं से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

कच्चे तेल और डॉलर का सोने-चांदी पर असर

इस सप्ताह किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर

  • अमेरिकी फेड: चेयरमैन के बयान
  • महंगाई: जून महीने के CPI आंकड़े
  • PPI: उत्पादक मूल्य सूचकांक
  • रिटेल सेल्स: अमेरिकी उपभोक्ता मांग के संकेत
  • कच्चा तेल: कीमतों की चाल
  • डॉलर इंडेक्स: वैश्विक बाजार की दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने का खतरा फिर से बढ़ गया है। ऐसे में अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य बड़े केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं या जरूरत पड़ने पर और सख्ती कर सकते हैं। आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने के दौर में सोने की कीमतों पर दबाव रहता है क्योंकि सोना कोई ब्याज देने वाली संपत्ति नहीं है।

इस सप्ताह निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन के बयान, जून महीने के महंगाई के आंकड़ों, उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) और रिटेल सेल्स के आंकड़ों पर रहेगी। इन आंकड़ों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आगे की मौद्रिक नीति के संकेत मिल सकते हैं।

रुपये और निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत

कमोडिटी बाजार के जानकार मनोज कुमार जैन का कहना है कि इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर इंडेक्स और पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। उनका मानना है कि लंबी अवधि के निवेशक गिरावट के दौरान धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं, लेकिन अल्पकालिक कारोबार करने वालों को बाजार में स्थिरता आने का इंतजार करना चाहिए।

इसी बीच भारतीय रुपये पर भी दबाव देखने को मिला। सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 37 पैसे की कमजोरी के साथ 95.70 पर खुला। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है, जिससे रुपये पर दबाव बना रह सकता है। आने वाले दिनों में रुपये की चाल काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।

अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है। निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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