आज शेयर बाजार क्यों रह सकता है कमजोर? जानिए 5 बड़ी वजहें

आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजारों की कमजोरी के बीच निवेशकों की नजर कई अहम संकेतकों पर रहेगी।

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने की संभावना है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इससे दुनिया भर के निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और वे फिलहाल जोखिम वाले निवेश से दूरी बना रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जिससे निफ्टी 50 और सेंसेक्स के कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।

आज शेयर बाजार की शुरुआत क्यों रह सकती है कमजोर

आज बाजार पर असर डालने वाले बड़े कारण

  • गिफ्ट निफ्टी: करीब 24,044 के स्तर पर कारोबार
  • संकेत: निफ्टी और सेंसेक्स की कमजोर शुरुआत
  • कच्चा तेल: कीमतों में तेज उछाल
  • मुख्य वजह: पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
  • निवेशक: जोखिम वाले निवेश से दूरी
  • फोकस: वैश्विक बाजार और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां

गिफ्ट निफ्टी करीब 24,044 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से लगभग 197 अंक नीचे था। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा है। इससे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं। इसी वजह से निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।

एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 और टॉपिक्स सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सबसे ज्यादा दबाव में रहा और इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई। वहीं कोसडैक भी नीचे रहा। चीन का सीएसआई 300 सूचकांक भी फिसला, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक हल्की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। विशेषज्ञों के अनुसार तकनीकी कंपनियों और निर्यात से जुड़े शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।

वैश्विक बाजारों का भारतीय शेयर बाजार पर असर

निवेशकों की नजर इन अहम संकेतों पर

  • कच्चे तेल की कीमतें: बाजार की दिशा तय कर सकती हैं
  • पश्चिम एशिया: भू-राजनीतिक स्थिति पर नजर
  • विदेशी निवेशक: एफआईआई की खरीद और बिकवाली
  • अमेरिका: महंगाई के आंकड़ों पर फोकस
  • तकनीकी स्तर: 24,000 अहम सपोर्ट
  • रेजिस्टेंस: 24,300–24,400 का दायरा

शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में तेजी से डॉव जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक में बढ़त दर्ज की गई। हालांकि सोमवार को अमेरिकी फ्यूचर्स में गिरावट देखने को मिली, जिससे यह संकेत मिला कि वैश्विक निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और बाजार में सतर्कता बनी हुई है।

यूरोपीय बाजारों में शुक्रवार को मिला-जुला कारोबार रहा। ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और स्पेन के प्रमुख सूचकांक हल्की बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि जर्मनी के डैक्स और यूरो स्टॉक्स 50 में मामूली मुनाफावसूली देखने को मिली। निवेशक वैश्विक व्यापार और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।

निफ्टी 50 के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी 50 के लिए 24,000 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। इसके नीचे 23,800 से 23,700 का दायरा अगला सहारा हो सकता है। वहीं ऊपर की ओर 24,300 से 24,400 के बीच पहला बड़ा रुकावट स्तर माना जा रहा है। यदि निफ्टी 24,500 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो बाजार में फिर से तेजी का माहौल बन सकता है。

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के कारोबार के दौरान निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया की स्थिति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी। इन सभी कारकों का असर भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर रहेगा।

अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के लिए है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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