बेंगलुरु स्थित ज्वेलरी कंपनी Bluestone Jewellery and Lifestyle ने भारत के ज्वेलरी बाजार में कमजोरी के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया है। अप्रैल-जून तिमाही में सोने की ऊंची कीमतों और मांग में सुस्ती के बीच कंपनी ने अपनी बिक्री को मजबूत बनाए रखा। कंपनी के संस्थापक और CEO गौरव सिंह कुशवाहा के अनुसार, Bluestone के ग्राहक आमतौर पर एक तय बजट के साथ खरीदारी करते हैं और सोने की कीमत बढ़ने के बाद भी उसी दायरे में खरीदारी जारी रखते हैं।
Bluestone Jewellery ने कमजोर बाजार में भी दिखाया मजबूत प्रदर्शन
कंपनी ने इस तिमाही में 12 नए स्टोर जोड़े, जिससे उसका नेटवर्क बढ़कर 139 शहरों में 352 स्टोर तक पहुंच गया। हालांकि, सोने की बढ़ती कीमतों के कारण नए ग्राहकों की संख्या प्रभावित हुई और 20,000-40,000 रुपये की कीमत वाली ज्वेलरी की मांग पर असर पड़ा।
Bluestone ने बताया कि उसके पुराने ग्राहक अब कुल बिक्री में करीब 60% योगदान दे रहे हैं। कंपनी का कुल ग्राहक आधार लगभग 10 लाख तक पहुंच गया है। हालांकि, नए ग्राहकों की संख्या घटकर करीब 40,000 प्रति तिमाही रह गई, जो पहले लगभग 50,000 थी।
कंपनी की बिक्री और मुनाफे में बड़ा सुधार
अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का संचालन से राजस्व 49.6% बढ़कर 736.8 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 492 करोड़ रुपये के आसपास था। कंपनी ने इस बार 6 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसे 34.7 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
देश की बड़ी ज्वेलरी कंपनियों की तुलना में भी Bluestone का प्रदर्शन बेहतर रहा है। बाजार में सोने और चांदी की ऊंची कीमतों, साथ ही आयात शुल्क बढ़ने के कारण मांग पर दबाव देखा गया। कंपनी का लक्ष्य अगले चार साल में 12,000 करोड़ रुपये का revenue हासिल करना है और operating margin को मौजूदा 7.5% से बढ़ाकर करीब 15% तक ले जाना है।
💎 Bluestone Jewellery के प्रमुख आंकड़े
- कुल स्टोर: 352 स्टोर
- शहरों में विस्तार: 139 शहर
- कुल ग्राहक आधार: करीब 10 लाख
- Q1 राजस्व: 736.8 करोड़ रुपये
- शुद्ध लाभ: 6 करोड़ रुपये
छोटे शहरों और डिजिटल मॉडल पर कंपनी का फोकस
कंपनी छोटे शहरों में विस्तार पर भी ध्यान दे रही है, क्योंकि वहां कम किराये के कारण स्टोर चलाने की लागत कम रहती है। Bluestone खुद को भारत की बड़ी digital-first jewellery कंपनियों में शामिल मानती है और हल्की तथा डिजाइन आधारित ज्वेलरी पर अपना फोकस बनाए हुए है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में ज्वेलरी खरीदने का तरीका धीरे-धीरे बदल रहा है। पहले लोग ज्यादातर शादी या निवेश के लिए सोना खरीदते थे, लेकिन अब कई ग्राहक रोजाना पहनने वाली और डिजाइन वाली ज्वेलरी को पसंद कर रहे हैं। इसी बदलाव का फायदा संगठित ज्वेलरी कंपनियों को मिल सकता है।
इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग से कंपनी को फायदा
Bluestone की एक खास बात यह है कि कंपनी अपनी ज्यादातर ज्वेलरी खुद बनाती है। इससे नए डिजाइन जल्दी तैयार करने, ग्राहकों की पसंद के अनुसार बदलाव करने और उत्पादों की गुणवत्ता पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है। कंपनी के अनुसार, उसकी 95% से अधिक ज्वेलरी इन-हाउस बनाई जाती है।
📈 Bluestone की भविष्य की रणनीति
- Revenue लक्ष्य: अगले चार साल में 12,000 करोड़ रुपये
- Margin लक्ष्य: 7.5% से बढ़ाकर 15%
- फोकस: डिजाइन आधारित और हल्की ज्वेलरी
- विस्तार: छोटे शहरों में नए स्टोर खोलना
सोने की कीमतों के बावजूद बिक्री में सुधार
सोने की कीमतों में तेजी और आयात शुल्क बढ़ने से तिमाही की शुरुआत में मांग कमजोर रही थी, लेकिन जून के दौरान बिक्री में सुधार देखने को मिला। कंपनी के शेयरों में भी नतीजों के बाद तेजी आई और मंगलवार को शेयर करीब 19% ऊपर बंद हुए।
Bluestone की रणनीति अब नए ग्राहकों को जोड़ने के साथ-साथ पुराने ग्राहकों से ज्यादा खरीदारी बढ़ाने पर केंद्रित है। कंपनी को उम्मीद है कि डिजाइन आधारित ज्वेलरी और छोटे शहरों में विस्तार से भविष्य में growth को बढ़ावा मिल सकता है।
Disclaimer: यह जानकारी केवल समाचार उद्देश्य से दी गई है, निवेश सलाह नहीं है।
