DeFi Website Hack: 12 साइट्स पर Crypto Wallet चोरी

विकेंद्रीकृत वित्त यानी DeFi से जुड़ी 12 वेबसाइटों पर हुए साइबर हमले ने क्रिप्टो उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। 31 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने कुछ लोकप्रिय DeFi सेवाओं की वेबसाइटों पर नियंत्रण हासिल कर लिया और वहां ऐसा दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर लगाया जो उपयोगकर्ताओं को अपने वॉलेट से धन भेजने की अनुमति देने के लिए धोखा देता था। The Block ने ब्लॉकचेन सुरक्षा कंपनी Blockaid के हवाले से बताया कि तीन वॉलेट में लगभग 1.38 लाख डॉलर की रकम का पता लगाया गया।

DeFi Website Hack में क्या हुआ?

रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार देर रात कई DeFi वेबसाइटों के वेब पते गलत दिशा में भेजे गए। इस तरह के हमले को DNS hijacking कहा जाता है। DNS इंटरनेट की वह व्यवस्था है जो किसी वेबसाइट के नाम को उसके सर्वर के पते से जोड़ती है। यदि हमलावर इस व्यवस्था को बदल देते हैं, तो उपयोगकर्ता सही नाम टाइप करने के बाद भी नकली या बदले हुए पेज पर पहुंच सकता है। यही कारण है कि ब्राउजर में सही वेबसाइट का नाम दिखना भी हर बार सुरक्षा की गारंटी नहीं होता।

Blockaid ने Flap, Kintsu, Pickle Finance और Origami Finance सहित कुल 12 प्रभावित वेबसाइटों की पहचान की। The Block की जांच में पाया गया कि इन सभी वेबसाइटों के डोमेन Name.com के जरिए पंजीकृत थे। रिपोर्ट प्रकाशित होने तक 10 डोमेन को registrar स्तर पर रोक दिया गया था। कुछ वेबसाइटों ने उपयोगकर्ताओं को उनसे जुड़ने या लेनदेन करने से बचने की चेतावनी दी। अलग-अलग परियोजनाओं ने अपनी वेबसाइट और नेटवर्क की स्थिति को लेकर अपडेट दिए।

हमले में Step Drainer नाम के टूलकिट का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दी गई। यह ऐसा दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर है जो उपयोगकर्ता को वॉलेट जोड़ने और लेनदेन की अनुमति देने के लिए फंसाता है। उपयोगकर्ता को स्क्रीन पर सामान्य अनुमति जैसा संदेश दिख सकता है, लेकिन वास्तव में वह अपने टोकन या दूसरी डिजिटल संपत्ति हमलावर के पते पर भेजने की मंजूरी दे सकता है। इसलिए किसी भी वॉलेट अनुरोध को पढ़े बिना स्वीकार करना खतरनाक हो सकता है।

🔎 हमले से जुड़ी अहम जानकारी

  • प्रभावित साइटें: 12 DeFi वेबसाइटें
  • दुर्भावनापूर्ण टूल: Step Drainer
  • पता लगी रकम: लगभग 1.38 लाख डॉलर
  • डोमेन Registrar: Name.com
  • रोक लगाए गए डोमेन: 10
  • पहचानी गई समस्या: DNS hijacking और नकली अनुमति

कितनी रकम चोरी हुई और आंकड़ा अधूरा क्यों है?

The Block ने सार्वजनिक ब्लॉकचेन लेनदेन का विश्लेषण कर तीन वॉलेट में लगभग 1.38 लाख डॉलर की संपत्ति का पता लगाया। यह आंकड़ा केवल उन नेटवर्कों पर दिखाई देने वाली रकम से जुड़ा है जिन्हें रिपोर्ट में ट्रैक किया जा सका। प्रभावित परियोजनाओं में कुछ Solana और Aptos नेटवर्क पर भी काम करती हैं। उन नेटवर्कों पर हुई संभावित हानि इस अनुमान में शामिल नहीं थी। इसलिए 1.38 लाख डॉलर को हमले का अंतिम नुकसान नहीं कहा जा सकता।

रिपोर्ट में बताया गया कि हमलावरों ने अलग-अलग नेटवर्कों पर प्राप्त रकम को कई वॉलेट में बांटा। कुछ लेनदेन में रकम को तय हिस्सों में अलग-अलग पतों पर भेजा गया। ऐसी व्यवस्था जांच को कठिन बना सकती है, क्योंकि डिजिटल संपत्ति कई नेटवर्क और सेवाओं के बीच स्थानांतरित की जा सकती है। हालांकि सार्वजनिक ब्लॉकचेन पर लेनदेन के रिकॉर्ड मौजूद रहते हैं, लेकिन किसी वॉलेट के पीछे वास्तविक व्यक्ति की पहचान करना हमेशा आसान नहीं होता।

कई प्रभावित परियोजनाओं ने कहा कि उनके मूल smart contracts पर सीधा हमला नहीं हुआ। यह अंतर समझना जरूरी है। DeFi में उपयोगकर्ता वेबसाइट के जरिए अपने वॉलेट को स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट से जोड़ते हैं। यदि वेबसाइट ही नकली या बदली हुई हो, तो असली स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट सुरक्षित होने के बावजूद उपयोगकर्ता गलत अनुमति दे सकता है। इसका अर्थ है कि केवल ब्लॉकचेन कोड की जांच पर्याप्त नहीं; वेबसाइट, डोमेन, होस्टिंग और उपयोगकर्ता के वॉलेट अनुरोध की भी सुरक्षा जरूरी है।

DNS hijacking कैसे उपयोगकर्ताओं को नुकसान पहुंचाता है?

जब कोई व्यक्ति किसी DeFi वेबसाइट का पता ब्राउजर में लिखता है, तो DNS प्रणाली उसे संबंधित सर्वर तक पहुंचाती है। यदि डोमेन सेटिंग या उससे जुड़ी सेवा पर नियंत्रण हासिल कर लिया जाए, तो वेबसाइट का पता किसी दूसरे सर्वर की ओर मोड़ा जा सकता है। उपयोगकर्ता को पेज सामान्य दिखाई दे सकता है, लेकिन उसके पीछे चलने वाला कोड बदल चुका होता है। इस तरह हमलावर असली परियोजना की पहचान का फायदा उठाते हैं।

नकली पेज अक्सर उपयोगकर्ता को वॉलेट जोड़ने, टोकन की अनुमति देने या किसी संदेश पर हस्ताक्षर करने के लिए कहता है। कुछ अनुरोधों में यह स्पष्ट नहीं होता कि अनुमति किस संपत्ति या कितनी राशि के लिए है। यदि उपयोगकर्ता बिना पढ़े मंजूरी दे देता है, तो हमलावर बाद में उस अनुमति का इस्तेमाल कर सकता है। इसलिए wallet connect और token approval दो अलग बातें हैं। केवल वॉलेट जोड़ना और किसी टोकन को खर्च करने की स्थायी अनुमति देना समान नहीं है।

ऐसे हमलों में जल्दबाजी और भरोसे का फायदा उठाया जाता है। उपयोगकर्ता पहले से परिचित वेबसाइट पर जाता है और मान लेता है कि सब कुछ सुरक्षित है। लेकिन वेबसाइट की पहचान केवल नाम से तय नहीं होती। आधिकारिक सोशल मीडिया घोषणा, परियोजना की वेबसाइट पर सुरक्षा सूचना, ब्राउजर चेतावनी और वॉलेट द्वारा दिखाए गए लेनदेन विवरण को देखना चाहिए। किसी भी अनजान संदेश या पॉप-अप के जरिए वेबसाइट तक पहुंचने से बचना बेहतर है।

⚠️ वॉलेट सुरक्षित रखने के जरूरी कदम

  • वेबसाइट: आधिकारिक पते को खुद टाइप करें
  • अनुमति: हर wallet approval ध्यान से पढ़ें
  • हस्ताक्षर: अनजान संदेश पर sign न करें
  • जांच: पुराने और अनजान token approvals हटाएं
  • संपर्क: केवल आधिकारिक सहायता चैनल का उपयोग करें
  • सुरक्षा: रिकवरी वाक्य और निजी कुंजी गोपनीय रखें

यदि आपने प्रभावित वेबसाइट का इस्तेमाल किया है तो क्या करें?

यदि किसी उपयोगकर्ता ने हमले के समय प्रभावित वेबसाइट से वॉलेट जोड़ा था, तो उसे सबसे पहले उस परियोजना के आधिकारिक सुरक्षा संदेश पढ़ने चाहिए। यदि उसने कोई token approval दिया था, तो संबंधित ब्लॉकचेन के भरोसेमंद explorer या approval checker के जरिए अनुमति की जांच की जा सकती है। अनजान या जरूरत से ज्यादा अनुमति को हटाने की प्रक्रिया सावधानी से करनी चाहिए। गलत लिंक पर जाकर approval revoke करने की कोशिश करने से एक और धोखा हो सकता है।

यदि वॉलेट से कोई अनधिकृत लेनदेन हुआ है, तो लेनदेन का रिकॉर्ड, समय, वेबसाइट का पता और संबंधित वॉलेट जानकारी सुरक्षित रखें। परियोजना की आधिकारिक सहायता टीम और संबंधित एक्सचेंज को सूचना दें। किसी व्यक्ति को seed phrase या private key देकर सहायता लेने की कोशिश न करें। असली सहायता टीम आम तौर पर इन गोपनीय जानकारियों की मांग नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति चोरी हुई रकम वापस दिलाने के नाम पर पहले शुल्क मांगता है, तो वह भी धोखाधड़ी हो सकती है।

किसी प्रभावित वॉलेट में बची संपत्ति को सुरक्षित नए वॉलेट में स्थानांतरित करने की जरूरत हो सकती है, लेकिन ऐसा कदम तभी उठाएं जब आप सही प्रक्रिया समझते हों। यदि निजी कुंजी या रिकवरी वाक्य उजागर हो चुका है, तो केवल वेबसाइट से disconnect करना पर्याप्त नहीं होगा। नया सुरक्षित वॉलेट बनाना और शेष संपत्ति स्थानांतरित करना पड़ सकता है। प्रत्येक नेटवर्क और टोकन की प्रक्रिया अलग हो सकती है।

DeFi कंपनियों और डोमेन सेवाओं के लिए सबक

यह घटना दिखाती है कि DeFi परियोजनाओं को smart contract audit के साथ डोमेन और वेबसाइट प्रबंधन की सुरक्षा भी मजबूत करनी होगी। डोमेन खाते में multi-factor authentication, सीमित प्रशासनिक पहुंच, बदलाव पर अलर्ट और आपातकालीन रोक की व्यवस्था उपयोगी हो सकती है। वेबसाइट पर अचानक बदलाव होने पर उपयोगकर्ताओं को चेतावनी देने का स्पष्ट तरीका भी होना चाहिए। सुरक्षा को केवल तकनीकी कोड तक सीमित नहीं रखा जा सकता।

वेब होस्टिंग और डोमेन सेवा देने वाली कंपनियों के लिए भी यह घटना महत्वपूर्ण है। किसी एक registrar या सेवा प्रदाता से जुड़े कई डोमेन प्रभावित होने पर जांच का दायरा बढ़ जाता है। कंपनियों को घटना की समयरेखा, प्रभावित खातों और उठाए गए कदमों के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। हालांकि जांच पूरी होने से पहले किसी एक सेवा प्रदाता को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। रिपोर्ट में कुछ परियोजनाओं ने Vercel से जुड़ी समस्या की बात कही, लेकिन अंतिम कारण की पुष्टि जरूरी है।

आने वाले समय में जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि डोमेन या DNS बदलाव किस तरह किए गए, कितने उपयोगकर्ता प्रभावित हुए और अलग-अलग नेटवर्कों पर कुल कितनी रकम गई। अभी उपलब्ध आंकड़े शुरुआती हैं। उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे अच्छा बचाव यह है कि वे वेबसाइट के नाम पर आंख बंद करके भरोसा न करें और हर लेनदेन की अनुमति समझकर दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. DeFi वेबसाइटों पर किस तरह का हमला हुआ?

रिपोर्ट के अनुसार कई DeFi वेबसाइटों के डोमेन गलत सर्वर की ओर मोड़े गए। नकली पेज पर Step Drainer टूल लगाया गया, जिसने उपयोगकर्ताओं को वॉलेट से संपत्ति भेजने की अनुमति देने के लिए धोखा दिया।

2. इस हमले में कितनी रकम चोरी हुई?

The Block ने तीन हमलावर वॉलेट में लगभग 1.38 लाख डॉलर की संपत्ति ट्रैक की। यह अंतिम नुकसान नहीं है, क्योंकि Solana और Aptos नेटवर्क से जुड़े संभावित नुकसान इस गणना में शामिल नहीं थे।

3. Step Drainer क्या करता है?

Step Drainer एक दुर्भावनापूर्ण टूल है जो नकली वेबसाइट या वॉलेट अनुरोध के जरिए उपयोगकर्ता से संपत्ति खर्च करने की अनुमति ले सकता है। इसलिए किसी भी अनजान approval या हस्ताक्षर को स्वीकार करने से पहले उसकी जानकारी पढ़नी चाहिए।

4. DNS hijacking का क्या मतलब है?

DNS hijacking में वेबसाइट के नाम को गलत सर्वर की ओर भेज दिया जाता है। उपयोगकर्ता सही वेब पता लिखने के बावजूद नकली पेज पर पहुंच सकता है। इस कारण आधिकारिक घोषणा और वेबसाइट की सुरक्षा जांच जरूरी है।

5. प्रभावित वेबसाइट इस्तेमाल करने वाले क्या करें?

उन्हें आधिकारिक सुरक्षा सूचना पढ़नी चाहिए, अनजान token approvals की जांच करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उन्हें हटाना चाहिए। निजी कुंजी किसी को न दें और संदिग्ध लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।

निष्कर्ष

DeFi वेबसाइटों पर हुए इस हमले ने दिखाया कि सुरक्षित स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के बावजूद नकली वेबसाइट से नुकसान हो सकता है। उपयोगकर्ताओं और परियोजनाओं को डोमेन, वॉलेट अनुमति और वेबसाइट सुरक्षा पर लगातार ध्यान देना होगा।

विस्तृत रिपोर्ट The Block की जांच में पढ़ें। खाता सुरक्षा के लिए YubiKey जैसी सुरक्षा कुंजी के विकल्प देखें।

अस्वीकरण: यह लेख जानकारी के लिए है। किसी भी वॉलेट या सेवा का उपयोग करने से पहले स्वयं सुरक्षा जांच करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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