धनतेरस से पहले सोने की कीमतों में आई नरमी ने देश के आभूषण बाजार में खरीदारी की उम्मीद बढ़ा दी है। 3 नवंबर 2026 को सामने आई उद्योग रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक महीने में सोने के भाव में सात प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद कई दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। ज्वेलर्स को उम्मीद है कि 6 नवंबर को पड़ने वाले धनतेरस पर बिक्री की मात्रा पिछले साल से बेहतर रह सकती है। हालांकि ऊंची कीमतों के कारण ग्राहक पहले की तुलना में हल्के और कम वजन वाले गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ज्वेलर्स को कितनी बिक्री की उम्मीद?
इकोनॉमिक टाइम्स की 3 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने धनतेरस पर बिक्री की मात्रा में पिछले वर्ष के मुकाबले 10 से 12 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद जताई। यह अनुमान बाजार से जुड़े कारोबारियों की राय पर आधारित है, न कि अंतिम बिक्री आंकड़ा। वास्तविक बिक्री ग्राहकों की खरीद क्षमता, भाव और त्योहार के दिन की मांग पर निर्भर करेगी।
रिपोर्ट में बताया गया कि कीमतों में नरमी के बाद ग्राहक दुकानों पर लौट रहे हैं और शादी के मौसम के लिए पहले से आभूषण बुक कराने लगे हैं। कुछ परिवारों ने पहले ऊंचे भाव के कारण खरीदारी टाल दी थी। कीमतों में आई कमी से उन्हें अपने बजट में खरीदारी करने का मौका मिल सकता है।
कीमतों में गिरावट से खरीदारी को सहारा
पिछले महीने के दौरान सोने के भाव में सात प्रतिशत से अधिक की कमी आने की बात रिपोर्ट में कही गई। इससे पहले कीमतों में तेज उछाल के कारण कई खरीदारों ने गहने खरीदने के बजाय इंतजार करना बेहतर समझा था। जब कीमतें कुछ नीचे आती हैं, तो रुकी हुई मांग का एक हिस्सा बाजार में लौट सकता है। यही वजह है कि त्योहार से पहले दुकानों में ग्राहकों की हलचल बढ़ने की खबर आई है।
फिर भी सोना आम परिवारों के लिए बड़ा खर्च है। थोड़ी गिरावट के बाद भी भाव पिछले वर्षों के मुकाबले ऊंचे रह सकते हैं। इसलिए ग्राहक खरीदारी का आकार छोटा रख सकते हैं। दुकानदारों के अनुसार हल्के वजन के डिजाइन और कम कैरेट वाले विकल्पों में रुचि बढ़ रही है।
हल्के गहनों और छोटे बजट की मांग
महंगे सोने के दौर में खरीदार केवल भारी हार या बड़े सेट तक सीमित नहीं रहते। छोटे कान के झुमके, अंगूठी, पतली चेन, लॉकेट और हल्के कंगन जैसे विकल्प बजट में आ सकते हैं। ग्राहक डिजाइन और वजन का संतुलन देखकर खरीदारी कर सकते हैं। कुछ परिवार त्योहार पर प्रतीकात्मक खरीद करते हैं और बड़ी खरीद शादी या किसी अन्य अवसर तक टाल देते हैं।
कम कैरेट वाले आभूषणों का विकल्प चुनते समय शुद्धता और हॉलमार्क की जानकारी समझना जरूरी है। केवल कम कीमत देखकर खरीदना सही नहीं है। बिल पर कैरेट, वजन और मेकिंग चार्ज स्पष्ट होना चाहिए। ग्राहक को यह भी देखना चाहिए कि आभूषण में पत्थर या अन्य धातु का वजन अलग से बताया गया है या नहीं।
शादी के मौसम से ज्वेलरी कारोबार को मदद
धनतेरस के बाद शादी-ब्याह का मौसम भी आभूषण कारोबार के लिए अहम माना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ दुकानों पर शादी के लिए अग्रिम बुकिंग बढ़ रही है। परिवार अक्सर शादी की तारीख से पहले गहनों का चयन कर लेते हैं ताकि डिजाइन, वजन और बजट पर सोचने का समय मिले। कीमतों में नरमी से ऐसी बुकिंग को प्रोत्साहन मिल सकता है।
हालांकि बुकिंग करते समय ग्राहक को भुगतान और रद्द करने की शर्तें लिखित में लेनी चाहिए। यदि दुकान भाव लॉक करने की सुविधा देती है, तो उसकी शर्तें समझें। यह भी पूछें कि बुकिंग राशि वापस मिलेगी या नहीं और अंतिम बिल किस दिन के भाव से बनेगा।
आभूषणों को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग खाने वाला ज्वेलरी बॉक्स उपयोगी हो सकता है। इससे चेन, अंगूठी और छोटे गहने एक साथ उलझने से बचते हैं। यहां आभूषण रखने के डिब्बे देखें।
खरीदारों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
धनतेरस पर खरीदारी के लिए पहले बजट तय करें। दुकानों के बीच कीमत की तुलना करते समय केवल सोने की दर न देखें, बल्कि मेकिंग चार्ज, वेस्टेज, पत्थर और कर का पूरा हिसाब लें। हॉलमार्क वाला आभूषण चुनें और बिल में उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी दर्ज करवाएं। यदि पुराने गहने बदल रहे हैं, तो पुराने सोने की जांच और कटौती की शर्तें पहले समझें।
त्योहार की भीड़ में जल्दबाजी हो सकती है। इसलिए संभव हो तो खरीदारी से पहले डिजाइन देख लें और दुकानदार से लिखित अनुमान ले लें। भाव रोज बदल सकता है, इसलिए बुकिंग के समय और खरीद के समय की दर अलग हो सकती है। ग्राहक को यह अंतर समझना चाहिए।
देश के सोना बाजार की आधिकारिक मांग संबंधी जानकारी के लिए वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की भारत रिपोर्ट देखी जा सकती है।
धनतेरस की खरीदारी का आसान तरीका
- पहले कुल बजट तय करें
- हल्के वजन के डिजाइन की तुलना करें
- शुद्धता और हॉलमार्क जांचें
- मेकिंग चार्ज और कर का पूरा हिसाब लें
- लिखित बिल और भुगतान प्रमाण रखें
ज्वेलर्स की उम्मीद के मुख्य कारण
- एक महीने में सोने के भाव में सात प्रतिशत से अधिक नरमी
- दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही में सुधार
- शादी के मौसम के लिए अग्रिम बुकिंग
- हल्के और छोटे बजट के गहनों की मांग
- 6 नवंबर को धनतेरस का त्योहार
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2026 में धनतेरस 6 नवंबर को पड़ रही है। इस दिन कई परिवार परंपरा के अनुसार सोना, चांदी, बर्तन या अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदते हैं। खरीदारी का समय और स्थानीय पूजा मुहूर्त अपने शहर के पंचांग से जांचें।
ज्वेलर्स ने बिक्री की मात्रा में पिछले वर्ष के मुकाबले 10 से 12 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है। यह उद्योग से जुड़ा अनुमान है। वास्तविक नतीजे ग्राहकों के बजट, कीमतों और त्योहार की मांग पर निर्भर करेंगे।
सोने की कीमत ऊंची होने पर ग्राहक बजट के भीतर रहने के लिए कम वजन के डिजाइन चुनते हैं। छोटी चेन, अंगूठी और हल्के झुमके जैसे विकल्प कम खर्च में त्योहार या शादी की जरूरत पूरी कर सकते हैं।
ऐसा बिल लें जिसमें सोने की शुद्धता, वजन, दर, मेकिंग चार्ज, पत्थरों का मूल्य और कर अलग-अलग लिखे हों। हॉलमार्क की जानकारी भी जांचें। बिल भविष्य में बदलने या बेचने के समय काम आ सकता है।
खरीदारी का फैसला केवल एक दिन की गिरावट पर न लें। यदि खरीद जरूरी है तो बजट और जरूरत के अनुसार खरीदें। निवेश के लिए भाव का अनुमान लगाना कठिन है, इसलिए पूरी बचत एक ही बार खर्च न करें।
निष्कर्ष
सोने की कीमतों में नरमी से धनतेरस और शादी के मौसम की खरीदारी को सहारा मिल सकता है। ज्वेलर्स का अनुमान उत्साहजनक है, लेकिन अंतिम बिक्री तय नहीं है। ग्राहक बजट, शुद्धता और पूरे बिल की जांच करके ही खरीदारी करें।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। खरीदारी से पहले स्थानीय भाव, शुद्धता और दुकान की लिखित शर्तों की पुष्टि अवश्य करें।