DXC Technology की AI वापसी योजना, 10 साल बाद फिर ग्रोथ की उम्मीद

करीब एक दशक तक लगातार गिरावट का सामना करने के बाद अमेरिकी आईटी कंपनी DXC Technology अब अपने कारोबार को दोबारा मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), प्रमुख बाजारों पर फोकस और बेहतर कामकाज के जरिए वह फिर से विकास की राह पर लौट सकती है।

DXC Technology की वापसी की तैयारी, AI और नए बाजारों पर फोकस

DXC Technology का गठन अप्रैल 2017 में Computer Sciences Corp और Hewlett Packard Enterprise की टेक्नोलॉजी सर्विस यूनिट के विलय से हुआ था। आठ साल पहले कंपनी का सालाना राजस्व करीब 25 अरब डॉलर था, जो उस समय टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से भी ज्यादा था।

हालांकि, इसके बाद कंपनी के कारोबार में लगातार गिरावट आई। वित्त वर्ष 2026 में DXC का राजस्व घटकर 12.6 अरब डॉलर रह गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भी राजस्व में 3 से 5 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान जताया है।

भारत DXC के कारोबार का अहम केंद्र

भारत में DXC के करीब 38,000 कर्मचारी हैं, जो कंपनी के कुल वैश्विक कर्मचारियों का लगभग एक तिहाई हिस्सा है। कंपनी अब क्लाउड, ऑटोमेशन और AI की बढ़ती मांग के बीच अपने कारोबार को बदलने की कोशिश कर रही है।

DXC ने अपनी नई रणनीति के तहत तीन मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान देने की योजना बनाई है। पहला, कंपनी अपने AI प्लेटफॉर्म और सेवाओं की बिक्री बढ़ाना चाहती है। दूसरा, वह उन क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है जहां पहले से उसकी अच्छी मौजूदगी है, जैसे सरकार, बैंकिंग और एयरोस्पेस। तीसरा, कंपनी अपने आईटी सर्विस कारोबार में बेहतर निष्पादन और बिक्री क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है।

🤖 DXC Technology की नई रणनीति

  • मुख्य फोकस: AI, क्लाउड और ऑटोमेशन सेवाओं का विस्तार
  • प्रमुख बाजार: सरकार, बैंकिंग और एयरोस्पेस सेक्टर
  • भारत भूमिका: करीब 38,000 कर्मचारी कंपनी की वैश्विक ताकत का अहम हिस्सा
  • लक्ष्य: कारोबार को दोबारा विकास की राह पर लाना

AI साझेदारी से कारोबार बढ़ाने की कोशिश

DXC ने AI क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कई साझेदारियां भी शुरू की हैं। कंपनी ने हाल ही में Anthropic के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत DXC Anthropic के Claude AI का इस्तेमाल अपने AI उत्पादों को विकसित करने और आंतरिक काम को तेज करने के लिए करेगी। इसके अलावा DXC बड़ी कंपनियों और सरकारी संस्थानों तक Claude AI पहुंचाने में मदद करेगी।

कंपनी की कमाई में आईटी सर्विस, क्लाउड और साइबर सिक्योरिटी की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत है। इंजीनियरिंग और कंसल्टिंग सेवाओं से लगभग 40 प्रतिशत राजस्व आता है, जबकि बाकी हिस्सा इंश्योरेंस सॉफ्टवेयर और सेवाओं से मिलता है।

AI एजेंट्स से लागत घटाने का लक्ष्य

DXC लागत कम करने के लिए AI एजेंट्स का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना भी बना रही है। कंपनी का लक्ष्य इस पहल के जरिए 1.5 अरब डॉलर तक की बचत करना है। पिछले साल कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन घटकर 7.7 प्रतिशत रह गया था।

📊 DXC Technology के सामने चुनौतियां

  • राजस्व गिरावट: 25 अरब डॉलर से घटकर 12.6 अरब डॉलर
  • निवेशक चिंता: शेयरों में इस साल करीब 32% गिरावट
  • बड़ी चुनौती: नई AI सेवाओं को तेजी से बाजार में सफल बनाना
  • सफलता निर्भर: रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर

निवेशकों का भरोसा वापस जीतना चुनौती

कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कारोबार में गिरावट का मुख्य कारण यह रहा कि DXC ऐसे बाजार क्षेत्रों पर ज्यादा निर्भर थी, जिनमें मांग कम हो रही थी। क्लाउड, ऑटोमेशन और सॉफ्टवेयर आधारित सेवाओं की ओर बदलाव ने कंपनी के पुराने कारोबार को प्रभावित किया।

हालांकि, निवेशक अभी DXC की नई रणनीति को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। कंपनी के शेयरों में इस साल की शुरुआत से न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर करीब 32 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की योजना अच्छी दिख रही है, लेकिन असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि DXC अपनी नई सेवाओं को कितनी तेजी से बाजार में सफल बना पाती है।

Disclaimer: यह जानकारी केवल समाचार उद्देश्य से है, निवेश निर्णय से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।

About the Author

I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

Leave a Comment