कर्मचारी भविष्य निधि से जुड़े पुराने रिकॉर्ड को सुधारने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने नियोक्ताओं को एक विशेष मौका दिया है। इसके तहत जिन पात्र कर्मचारियों को पहले भविष्य निधि योजना में शामिल नहीं किया गया था, उन्हें अब नियमित किया जा सकता है।
पुराने रिकॉर्ड सुधारने के लिए विशेष मौका
यह सुविधा 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच छूटे कर्मचारियों के लिए दी गई है। इसके लिए नियोक्ताओं को 31 अक्टूबर 2026 तक आवेदन करना होगा। इस पहल को EPFO ने एक बार मिलने वाली विशेष सुविधा के रूप में शुरू किया है।
इस योजना का लाभ उन कर्मचारियों के लिए लिया जा सकता है, जिन्हें नियमों के अनुसार भविष्य निधि के दायरे में होना चाहिए था, लेकिन किसी कारण से उनका नाम दर्ज नहीं किया गया। हालांकि इसके लिए एक जरूरी शर्त है। जिस कर्मचारी को इस अभियान के तहत घोषित किया जा रहा है, वह घोषणा की तारीख पर जीवित होना चाहिए और उसी संस्थान में काम कर रहा होना चाहिए। जो कर्मचारी पहले ही नौकरी छोड़ चुके हैं, उन्हें इस सुविधा के तहत शामिल नहीं किया जा सकता।

पात्र कर्मचारियों की पहचान कैसे होगी
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने कंपनियों और अन्य संस्थानों से अपने पुराने रोजगार तथा वेतन रिकॉर्ड की जांच करने को कहा है। इस जांच से उन कर्मचारियों की पहचान की जा सकती है, जो तय अवधि के दौरान भविष्य निधि के लाभ से बाहर रह गए थे। इस कदम का उद्देश्य पुराने रिकॉर्ड में मौजूद कमियों को ठीक करना और पात्र कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन तथा संबंधित बीमा जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराना है।
इस विशेष अभियान में नियोक्ताओं को कर्मचारी के हिस्से के योगदान को लेकर भी राहत दी गई है। अगर पहले कर्मचारी के वेतन से उसका भविष्य निधि योगदान काटा ही नहीं गया था, तो तय नियमों और शर्तों के अनुसार उस हिस्से को जमा करने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि नियोक्ता को अपना हिस्सा जमा करना होगा। इसके साथ लागू ब्याज और प्रशासनिक शुल्क भी देना होगा। अभियान के तहत 100 रुपये की एकमुश्त क्षतिपूर्ति राशि भी लागू होगी।
विशेष अभियान की जरूरी बातें
- अवधि: 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच छूटे पात्र कर्मचारी
- अंतिम तारीख: 31 अक्टूबर 2026
- कर्मचारी की स्थिति: घोषणा की तारीख पर जीवित और उसी संस्थान में कार्यरत होना जरूरी
- नियोक्ता का योगदान: अपना हिस्सा जमा करना होगा
- कर्मचारी का योगदान: कुछ तय शर्तों के तहत राहत मिल सकती है
- क्षतिपूर्ति: 100 रुपये की एकमुश्त राशि लागू होगी
इस सुविधा से उन संस्थानों को राहत मिल सकती है, जिनके पुराने रिकॉर्ड में भविष्य निधि से जुड़े कर्मचारियों का नाम दर्ज नहीं हो पाया था। खास बात यह है कि जहां कर्मचारी के वेतन से पहले उसका हिस्सा काटा ही नहीं गया, वहां बाद में उस राशि को कर्मचारी से वसूलने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि नियोक्ताओं को अभियान में तय बाकी भुगतान और औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
कुछ ऐसे संस्थान भी निर्धारित शर्तों के तहत इस अभियान का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिनके खिलाफ पुराने भविष्य निधि कानून या सामाजिक सुरक्षा संहिता से जुड़े कुछ अर्ध-न्यायिक मामले चल रहे हैं। इसलिए संबंधित संस्थानों के लिए अभियान की शर्तों को ध्यान से समझना जरूरी है।
ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया
इस अभियान के तहत कर्मचारियों का पंजीकरण ऑनलाइन किया जाएगा। सबसे पहले नियोक्ता को संबंधित कर्मचारी के लिए UAN बनाना होगा। इसके लिए उमंग ऐप के जरिए चेहरे की पहचान वाली प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद नियोक्ता को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के नियोक्ता पोर्टल पर जाकर ईईसी-2026 विकल्प चुनना होगा।
अगले चरण में कर्मचारी और उसकी नौकरी से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक चालान और रिटर्न को अस्थायी रिटर्न संदर्भ संख्या से जोड़ा जाएगा। नियोक्ता को विशेष अभियान का चालान तैयार करके जरूरी भुगतान करना होगा। अंत में डिजिटल हस्ताक्षर या ई-साइन के माध्यम से घोषणा जमा करनी होगी।
नियोक्ताओं के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि यह स्थायी छूट नहीं बल्कि सीमित अवधि का compliance window है। इसलिए जिन संस्थानों के पुराने वेतन और कर्मचारियों से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं, उन्हें जल्द जांच करनी चाहिए कि कहीं कोई पात्र कर्मचारी भविष्य निधि के दायरे से बाहर तो नहीं रह गया था। यदि ऐसा मामला मिलता है तो 31 अक्टूबर 2026 की अंतिम तारीख से पहले जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
नियोक्ताओं के लिए जरूरी कदम
- रिकॉर्ड जांचें: पुराने रोजगार और वेतन रिकॉर्ड की जांच करें
- कर्मचारी पहचानें: छूटे हुए पात्र कर्मचारियों की जानकारी जुटाएं
- UAN बनाएं: संबंधित कर्मचारी के लिए UAN तैयार करें
- जानकारी दर्ज करें: नियोक्ता पोर्टल पर जरूरी विवरण भरें
- भुगतान करें: अभियान के अनुसार जरूरी राशि जमा करें
- घोषणा जमा करें: डिजिटल हस्ताक्षर या ई-साइन से प्रक्रिया पूरी करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या EPFO EEC 2026 के तहत पुराने छूटे कर्मचारियों को जोड़ा जा सकता है?
हां, अगर कर्मचारी तय अवधि यानी 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच भविष्य निधि के दायरे में आने के बावजूद शामिल नहीं हुआ था, तो निर्धारित शर्तों के तहत उसे इस अभियान में जोड़ा जा सकता है।
इस अभियान के तहत कर्मचारी को कब तक शामिल किया जा सकता है?
नियोक्ताओं के पास कर्मचारियों का रिकॉर्ड नियमित करने के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक का समय है। इसलिए अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय प्रक्रिया जल्द पूरी करना बेहतर रहेगा।
क्या नौकरी छोड़ चुके कर्मचारी का नाम इस योजना में जोड़ा जा सकता है?
नहीं। घोषणा की तारीख पर कर्मचारी का उसी संस्थान में काम करना जरूरी है। जो व्यक्ति पहले ही नौकरी छोड़ चुका है, उसे इस अभियान के तहत शामिल नहीं किया जा सकता।
क्या नियोक्ता को कर्मचारी का पुराना योगदान भी जमा करना होगा?
अगर पहले कर्मचारी के वेतन से उसका हिस्सा काटा ही नहीं गया था, तो तय शर्तों के अनुसार उस हिस्से में छूट मिल सकती है। हालांकि नियोक्ता को अपना योगदान, लागू ब्याज और दूसरे निर्धारित शुल्क जमा करने होंगे।
नियोक्ता इस प्रक्रिया को कैसे पूरा कर सकता है?
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। पहले कर्मचारी के लिए UAN बनाया जाता है, फिर नियोक्ता पोर्टल पर EEC-2026 के जरिए जरूरी जानकारी दर्ज की जाती है। इसके बाद भुगतान और अंतिम घोषणा डिजिटल हस्ताक्षर या ई-साइन से पूरी की जाती है।
निष्कर्ष
यह विशेष अभियान पुराने रिकॉर्ड में छूटे पात्र कर्मचारियों को भविष्य निधि से जोड़ने का अवसर देता है। नियोक्ताओं को अपने पुराने रिकॉर्ड की जांच करके पात्र कर्मचारियों की पहचान करनी चाहिए और तय समय सीमा के भीतर जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
अस्वीकरण: यह जानकारी सामान्य सूचना के लिए है; नियमों और प्रक्रिया में बदलाव संभव है।
