फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले हमेशा से रोमांच, विवाद और यादगार घटनाओं के लिए जाने जाते रहे हैं। 2026 फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में फ्रांस और स्पेन के साथ-साथ इंग्लैंड और अर्जेंटीना आमने-सामने होंगे। इन बड़े मुकाबलों से पहले आइए जानते हैं विश्व कप इतिहास के कुछ ऐसे अजीब और दिलचस्प किस्से, जिन्हें फैंस कभी नहीं भूल पाए।
फीफा वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के यादगार और अजीब किस्से
2022 वर्ल्ड कप में मोरक्को पहली बार अफ्रीका की ऐसी टीम बनी थी, जिसने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। फ्रांस के खिलाफ मुकाबले में टीम के कई खिलाड़ी चोट के बावजूद मैदान पर उतरे थे। कप्तान रोमेन सैस गंभीर हैमस्ट्रिंग चोट से जूझ रहे थे और कुछ ही मिनट बाद मैदान से बाहर हो गए। कई खिलाड़ियों ने दर्द कम करने वाली दवाओं के सहारे मैच खेला, लेकिन इसके बावजूद मोरक्को ने शानदार प्रदर्शन किया और फुटबॉल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई।
2006 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इटली और जर्मनी के बीच मुकाबला भी यादगार रहा। मैच के आखिरी मिनटों में डिफेंडर फैबियो कैनावारो ने शानदार बचाव करते हुए गेंद को रोका और उसी से इटली का जवाबी हमला शुरू हुआ। इस हमले के बाद इटली ने गोल कर जीत हासिल की। कैनावारो के इस प्रदर्शन ने उन्हें “द बर्लिन वॉल” के नाम से मशहूर कर दिया और बाद में उन्होंने बैलन डी’ओर भी जीता।
विश्व कप सेमीफाइनल के बड़े पल
- 2022: मोरक्को पहली अफ्रीकी टीम बनी जो सेमीफाइनल पहुंची
- 2006: कैनावारो के शानदार बचाव से इटली की जीत
- 2002: रोनाल्डो का यादगार हेयरस्टाइल और गोल
- 1998: थुराम ने एक ही मैच में किए करियर के दोनों गोल
- 1990: गैस्कोइन के आंसू बने भावुक पल
रोनाल्डो का हेयरकट और थुराम का ऐतिहासिक प्रदर्शन
2002 वर्ल्ड कप में ब्राजील के स्टार खिलाड़ी रोनाल्डो का हेयरस्टाइल काफी चर्चा में रहा था। सेमीफाइनल से पहले रोनाल्डो चोट से परेशान थे और मीडिया उनकी फिटनेस पर सवाल उठा रहा था। उन्होंने अपना सिर मुंडवाकर एक अलग तरह का हेयरकट रखा, जिससे लोगों का ध्यान चोट से हटकर उनके लुक पर चला गया। यह रणनीति काम कर गई और रोनाल्डो ने तुर्की के खिलाफ गोल कर ब्राजील को जीत दिलाई। बाद में उन्होंने फाइनल में भी दो गोल किए और ब्राजील को खिताब जिताया।
1998 वर्ल्ड कप में फ्रांस और क्रोएशिया के सेमीफाइनल में लिलियन थुराम ने शानदार वापसी की थी। शुरुआत में उनकी गलती से क्रोएशिया को बढ़त मिली, लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने गोल करके बराबरी कर दी। इसके बाद उन्होंने दूसरा गोल भी किया। खास बात यह थी कि ये उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के सिर्फ दो गोल थे और दोनों एक ही मैच में आए।
विवादित मुकाबले और भावुक करने वाले पल
1990 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड और पश्चिम जर्मनी के बीच सेमीफाइनल में पॉल गैस्कोइन के आंसू आज भी याद किए जाते हैं। अतिरिक्त समय में उन्हें पीला कार्ड मिला, जिसके कारण अगर इंग्लैंड फाइनल में पहुंचता तो वह अगला मैच नहीं खेल पाते। यह समझते ही गैस्कोइन भावुक हो गए। हालांकि इंग्लैंड पेनल्टी शूटआउट में हार गया।
1982 वर्ल्ड कप का फ्रांस और पश्चिम जर्मनी के बीच सेमीफाइनल फुटबॉल इतिहास के सबसे विवादित मुकाबलों में शामिल है। जर्मनी के गोलकीपर हाराल्ड शूमाकर की टक्कर से फ्रांस के खिलाड़ी पैट्रिक बैटिस्टन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना पर काफी विवाद हुआ क्योंकि रेफरी ने कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की। बाद में जर्मनी पेनल्टी शूटआउट जीतकर फाइनल में पहुंचा।
फुटबॉल इतिहास की अनोखी घटनाएं
- 1962: गैरिंचा ने पेले की गैरमौजूदगी में संभाली जिम्मेदारी
- 1938: मेआज्जा ने फटी शॉर्ट्स के साथ पेनल्टी ली
- 1930: पुलिसकर्मी की मदद से उरुग्वे को मिला गोल
- 1930: क्लोरोफॉर्म घटना से अमेरिका-अर्जेंटीना मैच यादगार बना
- मुख्य वजह: सेमीफाइनल के ऐतिहासिक और अप्रत्याशित पल
गैरिंचा, मेआज्जा और पुराने विश्व कप के किस्से
1962 वर्ल्ड कप में ब्राजील के दिग्गज खिलाड़ी गैरिंचा ने चिली के खिलाफ सेमीफाइनल में अकेले दम पर शानदार प्रदर्शन किया था। पेले के चोटिल होने के बाद उन्होंने टीम की जिम्मेदारी संभाली और गोल करने के साथ-साथ शानदार खेल दिखाया। उनके प्रदर्शन की बदौलत ब्राजील फाइनल तक पहुंचा और खिताब जीता।
1938 वर्ल्ड कप में इटली और ब्राजील के सेमीफाइनल में एक अजीब घटना देखने को मिली। इटली के खिलाड़ी ग्यूसेपे मेआज्जा पेनल्टी लेने पहुंचे तो उनकी शॉर्ट्स फट गई। इसके बावजूद उन्होंने एक हाथ से उसे संभालते हुए पेनल्टी ली और गोल कर दिया। इस गोल ने इटली को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
1930 वर्ल्ड कप के सबसे अजीब सेमीफाइनल किस्से
1930 के पहले फीफा वर्ल्ड कप में उरुग्वे और यूगोस्लाविया के सेमीफाइनल में एक अनोखी घटना हुई। मैदान के पास खड़े एक पुलिसकर्मी ने गलती से गेंद वापस मैदान में पहुंचा दी, जिसका फायदा उरुग्वे के खिलाड़ियों ने उठाया और गोल कर दिया। रेफरी ने इस गोल को मान्यता दे दी और उरुग्वे ने बड़ी जीत हासिल की।
1930 के ही वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना और अमेरिका के सेमीफाइनल में भी एक अजीब घटना हुई। अमेरिका के ट्रेनर जैक कॉल चोटिल खिलाड़ी की मदद करने मैदान में पहुंचे, लेकिन मेडिकल बैग से क्लोरोफॉर्म की बोतल टूट गई और उसके धुएं से वह खुद बेहोश हो गए। इस घटना ने उस ऐतिहासिक मुकाबले को और यादगार बना दिया।
फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल सिर्फ जीत और हार के लिए नहीं बल्कि ऐसी अनोखी घटनाओं और यादगार पलों के लिए भी जाने जाते हैं, जो सालों बाद भी फुटबॉल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख फीफा वर्ल्ड कप इतिहास की सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है।
