FII ने बदला मूड! भारतीय शेयर बाजार के लिए आया बड़ा संकेत

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के बीच अब भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत के संकेत दिखाई देने लगे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, वैश्विक तनाव में कमी और मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों के चलते बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी की उम्मीद बढ़ रही है। आइए जानते हैं पूरी रिपोर्ट।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से भारतीय शेयर बाजार में लगातार हो रही बिकवाली अब धीरे-धीरे कम होती दिखाई दे रही है। सितंबर 2024 से अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से 60 अरब डॉलर से अधिक की राशि निकाल चुके हैं। हालांकि जून 2026 में भी वे लगातार चौथे महीने शुद्ध बिकवाल रहे, लेकिन महीने के दूसरे हिस्से में बिकवाली की रफ्तार पहले की तुलना में काफी धीमी पड़ गई। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों की धारणा में कुछ सुधार किया है।

FII बिकवाली में आई नरमी, बाजार को राहत के संकेत

📊 FII निवेश की बड़ी तस्वीर

  • कुल निकासी: सितंबर 2024 से 60 अरब डॉलर से अधिक
  • जून 2026: लगातार चौथा महीना शुद्ध बिकवाली
  • राहत: दूसरे पखवाड़े में बिकवाली की रफ्तार घटी
  • मुख्य वजह: अमेरिका-ईरान युद्धविराम और कच्चे तेल में गिरावट
  • संकेत: विदेशी निवेशकों की वापसी की उम्मीद बढ़ी

पिछले लगभग 21 महीनों से भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने रिकॉर्ड निवेश किया, जिससे बाजार को सहारा मिलता रहा। अब देश की आर्थिक स्थिति में सुधार, भू-राजनीतिक तनाव कम होने, कच्चे तेल के सस्ता होने और कई शेयरों के आकर्षक मूल्यांकन के कारण माना जा रहा है कि विदेशी निवेशक आने वाले समय में फिर से भारतीय बाजार की ओर रुख कर सकते हैं।

एक ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2024 से विदेशी निवेशकों का रुख भारत के प्रति कमजोर होने लगा था। फरवरी 2026 में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बाद बिकवाली और तेज हो गई। मार्च से जून 2026 के बीच विदेशी निवेशकों ने करीब 27.4 अरब डॉलर की निकासी की, जिससे बाजार अपने उच्च स्तर से लगभग 15% तक नीचे आ गया।

युद्धविराम के बाद बदली निवेशकों की धारणा

हालांकि जून 2026 के दूसरे पखवाड़े में तस्वीर बदलती नजर आई। युद्धविराम के बाद विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम हुई और कुछ दिनों में वे शुद्ध खरीदार भी बने। इससे भारतीय शेयर बाजार में सुधार देखने को मिला और निवेशकों का भरोसा बढ़ा।

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की सावधानी का मुख्य कारण भारत की कमजोर अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े निवेशों की ओर बढ़ता आकर्षण है। अब जब AI निवेश का शुरुआती दौर आगे बढ़ रहा है और भारत के आर्थिक संकेतक मजबूत हो रहे हैं, तो विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी फिर से भारतीय बाजार में बढ़ सकती है।

📈 विदेशी निवेशकों की वापसी क्यों संभव?

  • कच्चा तेल: कीमतों में गिरावट
  • वैश्विक माहौल: भू-राजनीतिक तनाव में कमी
  • भारतीय अर्थव्यवस्था: मजबूत आर्थिक संकेतक
  • शेयर बाजार: आकर्षक वैल्यूएशन
  • निवेश ट्रेंड: FII की वापसी की संभावना

DII ने बाजार को दिया मजबूत सहारा

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मार्च 2026 तक निफ्टी-500 कंपनियों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी घटकर 17.1% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़कर 20.9% के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। इससे साफ है कि हाल के समय में भारतीय शेयर बाजार को मजबूती देने में घरेलू निवेशकों की भूमिका काफी बढ़ी है।

जून 2026 के दौरान सबसे अधिक विदेशी निकासी ऑयल एंड गैस, ऑटोमोबाइल, मेटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर से हुई। दूसरी ओर वित्तीय सेवाएं, सर्विसेज और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेशकों ने खरीदारी जारी रखी। एफएमसीजी, टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम सेक्टर में लगातार कई महीनों से बिकवाली देखी जा रही है।

किन सेक्टरों में बढ़ रही है विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी

साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने वित्तीय सेवाओं, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर से सबसे ज्यादा पैसा निकाला है। वहीं कैपिटल गुड्स, मेटल और सर्विसेज सेक्टर में निवेश बढ़ा है। खास बात यह है कि कैपिटल गुड्स और यूटिलिटी सेक्टर में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है, जबकि मेटल सेक्टर लगातार उनकी पसंद बना हुआ है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं, कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में विदेशी निवेशकों का भरोसा और बेहतर हो सकता है। इससे भारतीय शेयर बाजार को नई मजबूती मिलने की संभावना है।


डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से अवश्य परामर्श करें।

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I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

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