Flipkart ESOP Buyback: पूर्व कर्मचारियों ने उठाई मांग

फ्लिपकार्ट के पूर्व अधिकारियों ने कंपनी और उससे जुड़ी दूसरी इकाइयों के करीब 20,000 से 30,000 पूर्व कर्मचारियों को शेयर विकल्पों की खरीद योजना में शामिल करने की मांग उठाई है। इसके लिए उन्होंने 10 अक्टूबर को एक याचिका शुरू की।

उनका उद्देश्य वॉलमार्ट के सामने अपनी मांग को सामूहिक रूप से रखना है, ताकि पुराने कर्मचारियों को भी कंपनी के प्रस्तावित 2 अरब डॉलर के शेयर विकल्प पुनर्खरीद कार्यक्रम का लाभ मिल सके। इस पहल में एएनएस कॉमर्स, क्लियरट्रिप, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, शॉप्सी और सुपर मनी से जुड़े पूर्व कर्मचारियों को एक साथ लाने की कोशिश की जा रही है।

पूर्व कर्मचारियों ने शेयर विकल्प बेचने का अवसर मांगा

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कुछ पूर्व अधिकारियों ने पहले ही वॉलमार्ट के निदेशक मंडल को पत्र लिखकर अपने निहित कर्मचारी शेयर विकल्पों की खरीद का अनुरोध किया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वॉलमार्ट के कानूनी सलाहकार ने जवाब में कहा कि फ्लिपकार्ट के प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम के दौरान पूर्व कर्मचारियों को भी अपने शेयरों से धन प्राप्त करने का अवसर देने पर विचार किया जाएगा। हालांकि, इस संबंध में कोई निश्चित समयसीमा या ठोस आश्वासन नहीं दिया गया। पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि स्पष्ट योजना नहीं होने से उन्हें कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि याचिका का उद्देश्य बातचीत के जरिए समाधान निकालना है, न कि कानूनी कार्रवाई करना।

पूर्व कर्मचारियों की मुख्य मांग

पूर्व कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें अपने निहित शेयर विकल्पों को बेचने का अवसर मिले। उनकी मांग है कि प्रस्तावित 2 अरब डॉलर के पुनर्खरीद कार्यक्रम में पुराने कर्मचारियों को भी शामिल करने पर विचार किया जाए।

15 साल से शेयर विकल्प रखने वाले कर्मचारियों की चिंता

पूर्व अधिकारियों की मुख्य मांग है कि उनके पास मौजूद शेयर विकल्पों को खरीदने की व्यवस्था की जाए, ताकि वे अपनी हिस्सेदारी को नकदी में बदल सकें। ब्लूमबर्ग की 9 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लिपकार्ट के आठ पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने वॉलमार्ट से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। इनमें कंपनी के शीर्ष प्रबंधन में काम कर चुके अधिकारी भी शामिल हैं। कुछ पूर्व कर्मचारियों के पास पिछले 15 वर्षों से शेयर विकल्प मौजूद हैं। उनका कहना है कि मौजूदा कर्मचारियों को इस वर्ष अपने शेयर विकल्प बेचने का अवसर दिया गया था, इसलिए पूर्व कर्मचारियों को भी समान अवसर मिलना चाहिए।

वॉलमार्ट ने क्या कहा?

वॉलमार्ट ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों के विचारों को महत्व देता है और उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेता है। हालांकि, पूर्व कर्मचारियों को शेयर बेचने का अवसर कब और किस तरीके से मिलेगा, इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

शेयर विकल्प क्या होते हैं?

कर्मचारी शेयर विकल्प ऐसी सुविधा है, जिसके तहत कर्मचारियों को तय शर्तों के अनुसार कंपनी के शेयर खरीदने का अधिकार मिल सकता है। इन विकल्पों को नकदी में बदलने का अवसर कंपनी की योजना, पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करता है।

2007 में हुई थी फ्लिपकार्ट की स्थापना

फ्लिपकार्ट की स्थापना वर्ष 2007 में बेंगलुरु में सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने की थी। दोनों ने शुरुआत में इंटरनेट के माध्यम से किताबें बेचना शुरू किया था। बाद में कंपनी ने इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल फोन और अन्य उत्पादों की बिक्री में विस्तार किया। वर्ष 2018 में अमेरिकी खुदरा कंपनी वॉलमार्ट ने लगभग 16 अरब डॉलर में फ्लिपकार्ट की बहुलांश हिस्सेदारी खरीदी थी। इस सौदे के बाद भारतीय ऑनलाइन बाजार में वॉलमार्ट की मौजूदगी मजबूत हुई। सचिन बंसल ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी थी, जबकि बिन्नी बंसल ने भी बाद के वर्षों में अपनी बची हुई हिस्सेदारी से बाहर निकलने का फैसला किया।

फ्लिपकार्ट के संभावित आईपीओ पर भी नजर

फ्लिपकार्ट ने कहा है कि कंपनी के लिए ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देना सबसे बड़ी प्राथमिकता है और शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना उसकी भविष्य की योजनाओं का हिस्सा है। कंपनी और वॉलमार्ट के संयुक्त बयान के अनुसार, सार्वजनिक निर्गम की तैयारी आगे बढ़ाई जाएगी, लेकिन इसके लिए सही समय का इंतजार किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि वह पहले अपनी कारोबारी और वित्तीय स्थिति को मजबूत करना चाहती है, ताकि शेयर बाजार में उतरते समय उसकी तैयारी पूरी हो। फिलहाल, पूर्व कर्मचारियों की मांग पर अंतिम निर्णय और शेयर विकल्पों की पुनर्खरीद की समयसीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए वॉलमार्ट की कॉर्पोरेट वेबसाइट देखी जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. फ्लिपकार्ट के पूर्व कर्मचारी क्या मांग कर रहे हैं?

पूर्व कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें अपने निहित शेयर विकल्प बेचने का अवसर दिया जाए। उनकी मांग है कि कंपनी के प्रस्तावित शेयर विकल्प पुनर्खरीद कार्यक्रम में पुराने कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए, ताकि वे अपनी पात्र हिस्सेदारी से धन प्राप्त कर सकें।

2. प्रस्तावित शेयर विकल्प पुनर्खरीद कार्यक्रम कितना बड़ा है?

दी गई जानकारी के अनुसार, फ्लिपकार्ट का प्रस्तावित शेयर विकल्प पुनर्खरीद कार्यक्रम 2 अरब डॉलर का है। पूर्व कर्मचारी चाहते हैं कि इस कार्यक्रम का लाभ केवल मौजूदा कर्मचारियों तक सीमित न रहे और पात्र पूर्व कर्मचारियों पर भी विचार किया जाए।

3. वॉलमार्ट ने पूर्व कर्मचारियों की मांग पर क्या कहा?

वॉलमार्ट ने कहा है कि वह मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों के विचारों को महत्व देता है और उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेता है। हालांकि, पूर्व कर्मचारियों को शेयर विकल्प बेचने का अवसर कब मिलेगा, इस बारे में कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है।

4. कर्मचारी शेयर विकल्प क्या होते हैं?

कर्मचारी शेयर विकल्प ऐसी सुविधा है, जिसके तहत कर्मचारी तय शर्तों के अनुसार कंपनी के शेयर खरीदने का अधिकार प्राप्त कर सकते हैं। इनका लाभ उठाने की पात्रता, समयसीमा और बिक्री के विकल्प कंपनी की योजना तथा संबंधित शर्तों पर निर्भर करते हैं।

5. क्या फ्लिपकार्ट का आईपीओ आने वाला है?

दी गई जानकारी के अनुसार, शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना फ्लिपकार्ट की भविष्य की योजनाओं का हिस्सा है। हालांकि, आईपीओ की निश्चित तारीख और अन्य विवरण स्पष्ट नहीं हैं। निवेशकों और कर्मचारियों को आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना चाहिए।

निष्कर्ष

फ्लिपकार्ट के पूर्व कर्मचारियों की मांग का मुख्य उद्देश्य अपने शेयर विकल्पों को नकदी में बदलने का अवसर प्राप्त करना है। वॉलमार्ट की ओर से अंतिम निर्णय और पुनर्खरीद की समयसीमा स्पष्ट होने के बाद ही पता चलेगा कि कितने पूर्व कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकता है।

अस्वीकरण

यह समाचार मीडिया रिपोर्टों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। शेयर विकल्पों की पात्रता और पुनर्खरीद की शर्तों के लिए कंपनी की आधिकारिक घोषणा देखें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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