लॉजिस्टिक्स कंपनी Shadowfax में हिस्सेदारी को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कंपनी को भेजी गई नियामकीय जानकारी के अनुसार, Flipkart ने अपनी हिस्सेदारी में बड़ी कटौती की है, जबकि ICICI Prudential Mutual Fund ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है। इस बदलाव के बाद कंपनी के शेयरधारकों की संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ है।
Shadowfax में Flipkart और ICICI Prudential का बड़ा दांव
Shadowfax में हिस्सेदारी को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। Flipkart ने अपनी हिस्सेदारी घटाई है, जबकि ICICI Prudential Mutual Fund ने लगातार शेयर खरीदकर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, Flipkart ने 24 जुलाई को खुले market में 3.37 करोड़ से अधिक शेयर बेच दिए। इस सौदे के बाद कंपनी की हिस्सेदारी करीब 7.29 प्रतिशत से घटकर 1.52 प्रतिशत रह गई। पहले Flipkart के पास लगभग 4.26 करोड़ शेयर थे, जो अब घटकर करीब 89.05 लाख शेयर रह गए हैं। हालांकि इस सौदे की कुल रकम, खरीदार का नाम और हिस्सेदारी बेचने की वजह का खुलासा नहीं किया गया है।
दूसरी ओर, ICICI Prudential Mutual Fund ने फरवरी से जुलाई 2026 के बीच लगातार शेयर खरीदकर Shadowfax में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। फंड ने इस अवधि में करीब 2.03 करोड़ अतिरिक्त शेयर खरीदे, जिससे उसकी हिस्सेदारी 5.15 प्रतिशत से बढ़कर 8.56 प्रतिशत हो गई। फंड ने स्पष्ट किया कि यह खरीद अलग-अलग investment योजनाओं के तहत केवल निवेश के उद्देश्य से की गई है और कंपनी पर नियंत्रण हासिल करने का कोई इरादा नहीं है।
Flipkart की हिस्सेदारी में बदलाव
- तारीख: 24 जुलाई
- बेचे गए शेयर: 3.37 करोड़ से अधिक
- पहले हिस्सेदारी: 7.29 प्रतिशत
- अब हिस्सेदारी: 1.52 प्रतिशत
- बचे शेयर: करीब 89.05 लाख
- कारण: सार्वजनिक नहीं किया गया
ICICI Prudential ने बढ़ाई हिस्सेदारी
फंड ने यह भी बताया कि 24 जुलाई को उसने शुद्ध रूप से लगभग 89.44 लाख शेयर खरीदे, जिसके बाद उसकी हिस्सेदारी तय सीमा से ऊपर पहुंच गई। इसी कारण नियामकीय नियमों के तहत इस बदलाव की जानकारी सार्वजनिक करनी पड़ी।
कंपनी की ओर से यह भी बताया गया कि इस दौरान Shadowfax की चुकता शेयर पूंजी में बढ़ोतरी हुई, जिससे हिस्सेदारी का प्रतिशत भी प्रभावित हुआ। इसलिए पुराने और नए आंकड़ों की तुलना करते समय इस बदलाव को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
ICICI Prudential Mutual Fund की खरीदारी
- अवधि: फरवरी से जुलाई 2026
- खरीदे गए अतिरिक्त शेयर: करीब 2.03 करोड़
- पहले हिस्सेदारी: 5.15 प्रतिशत
- अब हिस्सेदारी: 8.56 प्रतिशत
- उद्देश्य: केवल investment
- नियंत्रण: कंपनी पर नियंत्रण का इरादा नहीं
शेयर पर क्या असर पड़ा
शेयर बाजार में कारोबार के दौरान Shadowfax के शेयर में हल्की कमजोरी देखने को मिली। दोपहर के कारोबार में कंपनी का शेयर लगभग 207.57 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब 0.97 प्रतिशत नीचे था।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी बड़ी कंपनी द्वारा हिस्सेदारी घटाना और किसी बड़े Mutual Fund का निवेश बढ़ाना सामान्य कॉर्पोरेट गतिविधि का हिस्सा हो सकता है। ऐसे बदलाव कई बार निवेश रणनीति, पोर्टफोलियो प्रबंधन या पूंजी आवंटन से जुड़े फैसलों के कारण भी किए जाते हैं। इसलिए केवल हिस्सेदारी में बदलाव के आधार पर किसी कंपनी के भविष्य को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जाता।
अस्वीकरण: यह जानकारी सार्वजनिक नियामकीय दस्तावेजों और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।