फर्निश्ड फ्लैट का किराया? ITR भरने से पहले जान लें ये जरूरी नियम

अगर आपने अपना फर्निश्ड फ्लैट किराये पर दिया है, तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय फर्नीचर के किराये पर टैक्स से जुड़े नियमों को समझना जरूरी है। रेंट एग्रीमेंट में लिखी गई शर्तें तय करती हैं कि किराये की आय पर टैक्स किस तरह लगेगा और आपको कौन-कौन से टैक्स लाभ मिल सकते हैं।

फर्निश्ड फ्लैट के किराये पर टैक्स के नियम

अगर आपने अपना फर्निश्ड फ्लैट किराये पर दिया है, तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय फर्नीचर के किराये पर टैक्स कैसे लगेगा, यह आपके रेंट एग्रीमेंट पर निर्भर करता है। यदि फ्लैट और फर्नीचर का किराया एक साथ तय किया गया है और दोनों की रकम अलग-अलग नहीं लिखी गई है, तो पूरी किराये की आय ‘हाउस प्रॉपर्टी से आय’ के तहत टैक्स के दायरे में आएगी।

ऐसी स्थिति में आपको पूरे किराये पर 30% का स्टैंडर्ड डिडक्शन लेने का लाभ भी मिलेगा। यानी टैक्स की गणना करने से पहले कुल किराये से 30% की कटौती की जा सकती है।

फर्निश्ड फ्लैट के किराये पर टैक्स

  • ITR: रिटर्न भरते समय रेंट एग्रीमेंट देखें
  • एक साथ किराया: पूरी आय ‘हाउस प्रॉपर्टी से आय’ मानी जाएगी
  • स्टैंडर्ड डिडक्शन: 30% की कटौती का लाभ
  • टैक्स लाभ: नियम एग्रीमेंट की शर्तों पर निर्भर

अलग-अलग किराया होने पर क्या होगा

लेकिन यदि रेंट एग्रीमेंट में फ्लैट और फर्नीचर का किराया अलग-अलग लिखा गया है या दोनों के लिए अलग समझौता किया गया है, तो टैक्स का नियम भी अलग होगा। फ्लैट का किराया ‘हाउस प्रॉपर्टी से आय’ माना जाएगा, जबकि फर्नीचर से मिलने वाला किराया ‘अन्य स्रोतों से आय (Income from Other Sources)’ के तहत टैक्स योग्य होगा।

इस स्थिति में फर्नीचर के किराये पर मिलने वाले पैसे पर 30% स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ नहीं मिलेगा। यह छूट केवल मकान के किराये पर लागू होती है।

आमतौर पर मकान, फ्लैट या उससे जुड़ी जमीन से होने वाली आय को ‘हाउस प्रॉपर्टी से आय’ माना जाता है। किसी संपत्ति को स्वयं उपयोग में ली गई, किराये पर दी गई या अनुमानित रूप से किराये पर मानी गई श्रेणी में रखा जा सकता है। टैक्स की गणना करते समय नगर निगम का मूल्यांकन, बाजार किराया और वास्तव में प्राप्त किराया जैसी बातों को ध्यान में रखा जाता है।

रेंट एग्रीमेंट में इन बातों का रखें ध्यान

  • अलग किराया: फ्लैट और फर्नीचर की रकम स्पष्ट लिखें
  • फर्नीचर किराया: ‘अन्य स्रोतों से आय’ के तहत टैक्स
  • 30% डिडक्शन: केवल मकान के किराये पर लागू
  • ITR फाइलिंग: सही जानकारी से टैक्स विवाद से बचें

ITR भरने से पहले रेंट एग्रीमेंट जरूर जांचें

अगर आपने वित्त वर्ष 2025-26 का ITR भरना है और आपका फ्लैट फर्निश्ड है, तो रेंट एग्रीमेंट को ध्यान से जांचें। इसी के आधार पर तय होगा कि फर्नीचर से मिलने वाले किराये पर टैक्स किस श्रेणी में लगेगा और आपको कौन-कौन से टैक्स लाभ मिल सकते हैं।


डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य सूचना के लिए है। ITR दाखिल करने से पहले अपने टैक्स सलाहकार से सलाह अवश्य लें।

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