देश में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच आभूषण कारोबार करने वाली कंपनियों की बिक्री की रफ्तार सितंबर तिमाही में कुछ धीमी हुई है। अब कंपनियों को उम्मीद है कि दिसंबर तिमाही में त्योहारों और शादी-ब्याह के मौसम के कारण मांग बढ़ सकती है। इसके साथ ही सोने के सिक्कों की तुलना में हीरे जड़े आभूषण और खुदरा बिक्री में हिस्सेदारी बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे को सहारा मिल सकता है।
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से आभूषण कंपनियों की बिक्री प्रभावित
इक्विरस सिक्योरिटीज के विश्लेषक दीप शाह के अनुसार, इस बार त्योहारों और शादियों का मौसम पिछले साल की तुलना में कुछ देर से शुरू हुआ है। इसका असर कंपनियों की बिक्री की वृद्धि पर पड़ा है। इसके अलावा, सोने की कीमतों में गिरावट के बावजूद ग्राहक अभी कीमतों में स्थिरता आने का इंतजार कर रहे हैं। इस कारण आभूषण की दुकानों पर आने वाले ग्राहकों की संख्या भी प्रभावित हुई है।

टाइटन कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 25 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज की। कंपनी के आभूषण, घड़ी और चश्मे के कारोबार ने इस वृद्धि में योगदान दिया। हालांकि, इससे पहले लगातार तीन तिमाहियों में कंपनी की राजस्व वृद्धि 40 प्रतिशत से अधिक रही थी। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में टाइटन की राजस्व वृद्धि 21.9 प्रतिशत थी।
नोमुरा के विश्लेषकों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में टाइटन को पिछले साल की मजबूत बिक्री का असर झेलना पड़ सकता है। अगर सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो कीमतों में बढ़ोतरी से मिलने वाला राजस्व का फायदा भी सीमित हो सकता है। ऐसे में तीसरी तिमाही से कंपनी की बिक्री की वृद्धि पहले के मुकाबले धीमी दिखाई दे सकती है।
सोने के कारोबार से जुड़े अहम आंकड़े
- टाइटन: दूसरी तिमाही में राजस्व वृद्धि 25 प्रतिशत रही।
- कल्याण ज्वेलर्स: राजस्व में 26 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई।
- सेनको गोल्ड: खुदरा बिक्री में 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
- पीएन गाडगिल ज्वेलर्स: राजस्व वृद्धि 22.4 प्रतिशत रही।
- पीसी ज्वेलर: बिक्री में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
कल्याण ज्वेलर्स और अन्य कंपनियों की बिक्री का हाल
कल्याण ज्वेलर्स ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में उसका राजस्व पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26 प्रतिशत से अधिक बढ़ा। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी ने 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी की राजस्व वृद्धि 66 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। पिछले साल की मजबूत बिक्री के कारण इस बार वृद्धि की तुलना करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
सोने की कीमतों में लगातार बदलाव से ग्राहक आभूषण खरीदने से पहले अधिक सोच-विचार कर रहे हैं। पिछले छह महीनों में सोने की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन 24 कैरेट सोने का भाव अब भी 10 ग्राम के लिए 1.50 लाख रुपये से ऊपर बना हुआ है। ऊंची कीमतों के कारण कुछ ग्राहक खरीदारी टाल रहे हैं, जबकि शादी और त्योहारों के लिए सोना खरीदने की जरूरत मांग को सहारा दे रही है।
सेनको गोल्ड ने बताया कि कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद उसका कारोबार मजबूत बना हुआ है। कंपनी की खुदरा बिक्री में दूसरी तिमाही के दौरान पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पुराने स्टोरों की बिक्री में भी 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में उसका कुल राजस्व 5,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, पिछले 12 महीनों की कुल बिक्री 10,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई।
आभूषण कंपनियों के मुनाफे पर किसका असर पड़ेगा?
पीएन गाडगिल ज्वेलर्स ने सितंबर तिमाही में पिछले साल की तुलना में 22.4 प्रतिशत राजस्व वृद्धि दर्ज की, जबकि पीसी ज्वेलर की बिक्री में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि सोने की ऊंची कीमतों और ग्राहकों के खरीदारी के फैसलों में बदलाव के बावजूद कई कंपनियों का कारोबार बढ़ रहा है। हालांकि, वृद्धि की रफ्तार अलग-अलग कंपनियों में अलग रही है।
आने वाली तिमाही में कंपनियों के मुनाफे पर इस बात का असर पड़ेगा कि ग्राहक किस तरह के आभूषण खरीद रहे हैं। सोने के सिक्कों और छड़ों की मांग में कमी आने से कुछ कंपनियों को अपने उत्पादों की बिक्री का बेहतर संतुलन बनाने का मौका मिल रहा है। टाइटन के अनुसार, ऊंचे आधार के कारण सोने के सिक्कों की मांग में सालाना आधार पर एकल अंक में गिरावट आई है।
दिसंबर तिमाही में मांग बढ़ने की उम्मीद
- शादी-ब्याह: शादी के मौसम में आभूषणों की खरीदारी बढ़ने की संभावना है।
- त्योहार: धनतेरस, दिवाली और छठ पूजा जैसे अवसर बिक्री को सहारा दे सकते हैं।
- हीरे जड़े आभूषण: इनकी बढ़ती बिक्री से कंपनियों के मुनाफे को मदद मिल सकती है।
- खुदरा कारोबार: नए शोरूम और प्रचार अभियान से ग्राहक आकर्षित हो सकते हैं।
- कीमतों में स्थिरता: सोने के भाव स्थिर होने पर खरीदारी की मांग में सुधार संभव है।
हीरे जड़े आभूषणों की बिक्री से मुनाफे को सहारा
पीएन गाडगिल ज्वेलर्स ने बताया कि उसके खुदरा राजस्व में सोने के सिक्कों और छड़ों की हिस्सेदारी घटकर करीब 15.8 प्रतिशत रह गई, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह लगभग 23.3 प्रतिशत थी। कंपनी के अनुसार, कम मुनाफे वाले सोने के सिक्कों के कारोबार की हिस्सेदारी घटने और खुदरा बिक्री के साथ ही हीरे जड़े आभूषणों का योगदान बढ़ने से कुल बिक्री की गुणवत्ता और लाभ कमाने की क्षमता में सुधार हो रहा है।
आनंद राठी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के शोध विश्लेषक उत्कर्ष नोपानी के मुताबिक, जिन कंपनियों की बिक्री में बेहतर मुनाफा देने वाले आभूषणों की हिस्सेदारी बढ़ेगी, उनके मुनाफे पर दबाव अपेक्षाकृत कम रह सकता है। टाइटन के हीरे जड़े आभूषणों की बिक्री में दूसरी तिमाही के दौरान पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई। यह वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में दर्ज 27 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतें ऊंची रहने के कारण कंपनियों के मुनाफे का स्तर दो से तीन साल पहले जैसी स्थिति में लौटना आसान नहीं होगा।
त्योहारों और शादियों से दिसंबर तिमाही में बढ़ सकती है मांग
अब आभूषण कंपनियों की नजर दिसंबर तिमाही पर है। इस दौरान त्योहारों और शादी-ब्याह के कारण सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद है। सेनको गोल्ड के अनुसार, वर्ष 2026 में करीब 1.35 करोड़ शादियां होने का अनुमान है। शादी के लिए आभूषण खरीदने की जरूरत के कारण सोने की मांग को सहारा मिल सकता है। ऐसे अवसरों पर कीमतों में बदलाव के बावजूद कई परिवारों को खरीदारी करनी पड़ती है।
आने वाले महीनों में धनतेरस, दिवाली, दुर्गा पूजा, करवा चौथ, छठ पूजा और क्रिसमस जैसे अवसरों से भी बिक्री बढ़ने की संभावना है। कल्याण ज्वेलर्स ने कहा है कि वह त्योहारों और शादियों के मौसम के लिए नए आभूषण संग्रह, प्रचार अभियान और नए शोरूम खोलने की तैयारी कर रही है। कंपनियों को उम्मीद है कि इन प्रयासों से ग्राहकों को आकर्षित करने और बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी।
आभूषण उद्योग से जुड़ी कंपनियों की वित्तीय जानकारी के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कंपनी संबंधी घोषणाएं देखी जा सकती हैं।
सोने की कीमत और बिक्री की मात्रा में अंतर
क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक हिमांक शर्मा के अनुसार, फिलहाल आभूषण उद्योग में बिक्री के रुपये मूल्य और बेचे गए आभूषणों की मात्रा की वृद्धि के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। सोने की ऊंची कीमतों के कारण बिक्री का कुल मूल्य बढ़ सकता है, भले ही खरीदे जाने वाले सोने की मात्रा उतनी तेजी से न बढ़े। उनका मानना है कि जब सोने की कीमतों में स्थिरता आएगी और ग्राहकों के लिए खरीदारी करना आसान होगा, तब मांग और बिक्री की मात्रा में धीरे-धीरे सुधार हो सकता है। देश में सोने के प्रति लोगों का पारंपरिक लगाव, संगठित कंपनियों के नए स्टोर और आभूषण कारोबार में बढ़ती औपचारिकता भी इस क्षेत्र की मांग को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. सितंबर तिमाही में आभूषण कंपनियों की बिक्री धीमी क्यों हुई?
त्योहारों और शादियों का मौसम पिछले साल की तुलना में देर से शुरू हुआ। इसके अलावा, सोने की ऊंची कीमतों और भाव में उतार-चढ़ाव के कारण कुछ ग्राहक खरीदारी टाल रहे हैं। इन परिस्थितियों का कंपनियों की बिक्री वृद्धि पर असर पड़ा है।
2. दिसंबर तिमाही में सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद क्यों है?
दिसंबर तिमाही में त्योहारों और शादी-ब्याह का मौसम आभूषणों की खरीदारी को बढ़ावा दे सकता है। धनतेरस, दिवाली और शादियों के दौरान सोने की पारंपरिक मांग बनी रहती है। हालांकि, वास्तविक बिक्री कीमतों और ग्राहकों की खरीद क्षमता पर निर्भर करेगी।
3. हीरे जड़े आभूषणों की बिक्री बढ़ने से कंपनियों को क्या फायदा हो सकता है?
हीरे जड़े आभूषणों की बिक्री बढ़ने से उत्पादों के मिश्रण और मुनाफे की क्षमता में सुधार हो सकता है। इसका वास्तविक लाभ कंपनी की लागत, मूल्य निर्धारण और ग्राहकों की पसंद पर निर्भर करता है। सभी कंपनियों पर इसका असर एक जैसा नहीं होगा।
4. सोने के सिक्कों की बिक्री घटने से आभूषण कंपनियों को कैसे मदद मिल सकती है?
सोने के सिक्कों और छड़ों की हिस्सेदारी घटने तथा बेहतर मुनाफे वाले आभूषणों की बिक्री बढ़ने से कुल बिक्री की गुणवत्ता सुधर सकती है। हालांकि, इसका असर कंपनी के उत्पादों, परिचालन लागत और बिक्री के अनुपात पर निर्भर करता है।
5. क्या सोने की ऊंची कीमतों से आभूषण कंपनियों का राजस्व हमेशा बढ़ता है?
जरूरी नहीं। ऊंची कीमतों से बिक्री का रुपये मूल्य बढ़ सकता है, लेकिन ग्राहक कम मात्रा में सोना खरीद सकते हैं। इसलिए कंपनियों के प्रदर्शन को समझने के लिए राजस्व के साथ बिक्री की मात्रा, मुनाफे और ग्राहकों की मांग पर भी ध्यान देना चाहिए।
FAQ Schema
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों और जोखिमों की स्वतंत्र रूप से जांच करें।