GV Electricals ने अपना IPO निवेशकों के लिए खोल दिया है। यह सार्वजनिक निर्गम 31 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी इस इश्यू के जरिए लगभग 42.25 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
इसमें नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि कुछ हिस्सेदारी मौजूदा निवेशकों की ओर से बिक्री के लिए भी रखी गई है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग SME प्लेटफॉर्म पर BSE में प्रस्तावित है।
जी.वी. इलेक्ट्रिकल्स IPO की प्रमुख जानकारी
📑 IPO की मुख्य बातें
- IPO अवधि: 31 जुलाई से 4 अगस्त 2026
- इश्यू साइज: लगभग ₹42.25 करोड़
- प्राइस बैंड: ₹123 से ₹130 प्रति शेयर
- लिस्टिंग: BSE SME प्लेटफॉर्म
- आवंटन: 5 अगस्त 2026 (संभावित)
- लिस्टिंग तिथि: 7 अगस्त 2026 (संभावित)
इस इश्यू का प्राइस बैंड 123 रुपये से 130 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन 2,000 शेयरों का है, जिसके लिए लगभग 2.60 लाख रुपये का निवेश करना होगा। शेयरों का आवंटन 5 अगस्त को होने की संभावना है, जबकि सूचीबद्ध होने की संभावित तारीख 7 अगस्त 2026 तय की गई है।
Company electricity से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट के क्षेत्र में कई वर्षों से काम कर रही है। यह लो टेंशन और हाई टेंशन परियोजनाओं के साथ डिजाइन, स्थापना, परीक्षण, कमीशनिंग और परामर्श जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है। इसके ग्राहक औद्योगिक इकाइयों, सरकारी विभागों, बिजली कंपनियों, डेटा सेंटर, व्यावसायिक भवनों और अन्य बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़े हैं।
कंपनी का कारोबार और financial performance
वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो कंपनी की आय और मुनाफे में लगातार सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का राजस्व लगभग 156.66 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 131.36 करोड़ रुपये से अधिक है। इसी अवधि में शुद्ध लाभ भी करीब 4.66 करोड़ रुपये से बढ़कर 10.47 करोड़ रुपये हो गया। इससे कंपनी की कमाई में अच्छी वृद्धि दिखाई देती है।
कंपनी ने इस इश्यू से मिलने वाली राशि का उपयोग मुख्य रूप से अपने कुछ कर्ज चुकाने और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए करने की योजना बनाई है। इससे भविष्य में कारोबार को विस्तार देने और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
💼 निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- कारोबार: इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉन्ट्रैक्ट सेवाएं
- फंड का उपयोग: कर्ज भुगतान और कार्यशील पूंजी
- राजस्व: ₹156.66 करोड़ (FY26)
- शुद्ध लाभ: ₹10.47 करोड़ (FY26)
- वित्तीय संकेतक: बेहतर EPS और मजबूत रिटर्न अनुपात
- निवेश: कंपनी के जोखिम और वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन जरूरी
निवेश से पहले किन बातों पर दें ध्यान
वित्तीय अनुपात भी कंपनी की स्थिति को मजबूत दिखाते हैं। रिटर्न ऑन इक्विटी और रिटर्न ऑन नेटवर्थ दोनों अच्छे स्तर पर हैं, जबकि कर्ज और पूंजी का अनुपात नियंत्रित माना जा रहा है। कंपनी का EPS भी पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले बेहतर दिखाई देता है, जो कमाई में सुधार का संकेत देता है।
बाजार में इस इश्यू को लेकर निवेशकों की नजर बनी हुई है। हालांकि किसी भी निवेश का फैसला केवल GMP या शुरुआती चर्चा के आधार पर नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन, जोखिम और अपने निवेश लक्ष्य का अच्छी तरह मूल्यांकन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के लिए है। किसी भी IPO में निवेश करने से पहले आधिकारिक दस्तावेज और वित्तीय सलाह अवश्य लें।

