Handloom Weaver Insurance योजना में बदलाव की तैयारी, बढ़ेगा कवरेज

केंद्र सरकार हथकरघा बुनकरों के लिए चल रही Insurance Scheme में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इसकी वजह यह है कि योजना में शामिल होने वाले बुनकरों की संख्या तय लक्ष्य से काफी कम रही है। इसी को देखते हुए वस्त्र मंत्रालय अब पूरी योजना की समीक्षा कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र बुनकरों को इसका लाभ मिल सके।

हथकरघा बुनकर बीमा योजना की होगी समीक्षा

वित्त वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत केवल 2.02 लाख हथकरघा बुनकर और श्रमिक ही जुड़े, जबकि सरकार का लक्ष्य 4.69 लाख लोगों को शामिल करने का था। यानी आधे से अधिक पात्र लाभार्थी योजना से बाहर रह गए। यह स्थिति तब रही जब केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए बीमा मद का बजट बढ़ाकर 60.01 लाख रुपये से 335 लाख रुपये कर दिया था।

मंत्रालय का मानना है कि अब राज्यों के सहयोग से योजना का बेहतर क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके लिए अधिक से अधिक बुनकरों की पहचान की जाएगी, उनका पंजीकरण कराया जाएगा और योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने की कोशिश होगी।

बीमा योजना की प्रमुख बातें

  • योजना: प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना
  • लक्ष्य: 4.69 लाख बुनकरों को जोड़ना
  • वास्तविक नामांकन: 2.02 लाख बुनकर और श्रमिक
  • बजट: 60.01 लाख रुपये से बढ़ाकर 335 लाख रुपये
  • उद्देश्य: अधिक पात्र बुनकरों तक योजना पहुंचाना

कम नामांकन की वजहें सामने आईं

विशेषज्ञों का कहना है कि हथकरघा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा असंगठित है। कई बुनकर किसी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, जिससे उनकी पहचान करना और उन्हें योजना से जोड़ना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा योजना की जानकारी की कमी और हर साल बीमा का नवीनीकरण भी कम भागीदारी की बड़ी वजह मानी जा रही है।

इस क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि समस्या योजना की उपलब्धता नहीं, बल्कि उसके बारे में जागरूकता की कमी है। अभी तक अधिकतर प्रचार केवल पारंपरिक बुनकर क्षेत्रों तक सीमित रहा है। ग्रामीण इलाकों में लगातार Awareness अभियान चलाकर नए और छोटे बुनकरों तक जानकारी पहुंचाना जरूरी है, तभी योजना में नामांकन बढ़ सकेगा।

राज्यों में नामांकन और फंड की स्थिति

  • कुल बुनकर: 26.74 लाख
  • सबसे अधिक बुनकर: असम (11.07 लाख)
  • सबसे अधिक नामांकन: असम (97,451)
  • सबसे अधिक फंड: असम को 133.69 लाख रुपये
  • लक्ष्य: Coverage बढ़ाकर सभी पात्र बुनकरों को जोड़ना

सरकार का फोकस सभी पात्र बुनकरों तक पहुंचने पर

सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में लगभग 26.74 लाख हथकरघा बुनकर हैं। इनमें सबसे अधिक 11.07 लाख बुनकर असम में हैं। इसके बाद तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश और मणिपुर का स्थान आता है।

वित्त वर्ष 2025-26 में नामांकन के मामले में असम सबसे आगे रहा, जहां 97,451 बुनकर और श्रमिक योजना से जुड़े। इसके बाद कर्नाटक, ओडिशा, केरल, मणिपुर, नागालैंड और जम्मू-कश्मीर का स्थान रहा। वहीं तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में नामांकन बहुत कम या लगभग नहीं के बराबर रहा।

फंड के वितरण में भी राज्यों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला। असम को सबसे अधिक 133.69 लाख रुपये मिले। इसके बाद ओडिशा, मणिपुर, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश को धनराशि दी गई, जबकि कई राज्यों को बहुत कम या कोई राशि नहीं मिली। अब सरकार का लक्ष्य सभी पात्र बुनकरों को योजना से जोड़ना और Coverage बढ़ाना है, ताकि भविष्य में तय लक्ष्य हासिल किया जा सके।


डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक सरकारी आंकड़ों और रिपोर्टों पर आधारित है। किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले आधिकारिक जानकारी अवश्य जांच लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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