Himadri Speciality Chemicals के शेयरों में 23 अक्टूबर 2026 को भी गिरावट जारी रही। शेयर करीब 6% टूटकर ₹492 पर आ गया, जो अप्रैल के बाद इसका सबसे निचला स्तर बताया गया। लगातार छह कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट के बीच कंपनी के तिमाही नतीजों और बाजार में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। इस सप्ताह शेयर में लगभग 25.5% की गिरावट दर्ज हुई, जो 2008 के बाद सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन बताया गया।
Himadri Speciality Chemicals Share Price में गिरावट की वजह
कंपनी की बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई, लेकिन उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की लागत उससे तेज गति से बढ़ी। इससे मुनाफे के मार्जिन पर दबाव पड़ा। बाजार में व्यापक बिकवाली ने भी शेयर पर दबाव बढ़ाया। इस साल अपने उच्चतम स्तर से शेयर करीब 40% नीचे आ चुका है और साल की शुरुआत से मिली बढ़त भी मिट गई है।
📊 दूसरी तिमाही के अहम आंकड़े
- ऑपरेशन से आय: ₹1,542.67 करोड़
- सालाना आय वृद्धि: 44.12%
- मटेरियल लागत: ₹1,048.83 करोड़, सालाना 55.25% अधिक
- EBITDA: ₹308.19 करोड़
- EBITDA मार्जिन: 22.7% से घटकर 20%
- शुद्ध मुनाफा: ₹239.77 करोड़
कच्चे माल की लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव
जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी की ऑपरेशन से आय ₹1,542.67 करोड़ रही। एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹1,070.41 करोड़ थी। पिछली तिमाही के ₹1,274.26 करोड़ के मुकाबले भी आय में बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, मटेरियल की लागत सालाना 55.25% बढ़कर ₹1,048.83 करोड़ पहुंच गई। पिछली तिमाही के मुकाबले यह लागत 30.42% बढ़ी, जबकि आय में वृद्धि 21.06% रही। लागत की तेज बढ़त के कारण कारोबार की कमाई पर दबाव दिखा।
कंपनी का EBITDA सालाना 26.98% बढ़कर ₹308.19 करोड़ हुआ, लेकिन यह आय की वृद्धि से काफी कम रहा। EBITDA मार्जिन पिछले साल के 22.7% से घटकर 20% रह गया। पिछली तिमाही के मुकाबले EBITDA में केवल 2.27% की बढ़ोतरी हुई। शुद्ध मुनाफा 28.32% बढ़कर ₹239.77 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट मार्जिन लगभग 17.5% से घटकर 15.5% पर आ गया।
🏭 कंपनी की भविष्य की निवेश योजनाएं
- लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP): ₹1,125 करोड़
- स्पेशियलिटी केमिकल्स: ₹248 करोड़
- कार्बन नैनोट्यूब: ₹70 करोड़
- सुपर स्पेशियलिटी कार्बन ब्लैक: ₹170 करोड़
- ध्यान देने वाली बात: लागत, मार्जिन और निवेश योजनाओं पर आगे नजर रहेगी
कंपनी की निवेश योजनाएं और शेयर का पुराना प्रदर्शन
कंपनी ने निवेशकों के सामने दी गई प्रस्तुति में लिथियम आयरन फॉस्फेट, स्पेशियलिटी केमिकल्स, कार्बन नैनोट्यूब और सुपर स्पेशियलिटी कार्बन ब्लैक से जुड़े निवेश की योजना बताई है। इन योजनाओं पर कुल प्रस्तावित निवेश अलग-अलग परियोजनाओं में बांटा गया है।
हाल की गिरावट के बावजूद, पिछले पांच साल में Himadri Speciality Chemicals का शेयर करीब 787% चढ़ा है। 2022 में इसमें 123% और 2023 में 207% की तेजी आई थी। 2024 में शेयर ने लगभग 90% का रिटर्न दिया था। पुराना रिटर्न भविष्य में भी इसी तरह का प्रदर्शन होने की गारंटी नहीं देता।
कंपनी और शेयर बाजार से जुड़ी मूल रिपोर्ट LiveMint की वेबसाइट पर पढ़ी जा सकती है। निवेश से पहले कंपनी के ताजा नतीजों, जोखिम और अपनी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. Himadri Speciality Chemicals का शेयर क्यों गिरा?
शेयर में गिरावट के पीछे तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों की चिंता, कच्चे माल की लागत में तेज वृद्धि और EBITDA व शुद्ध मुनाफे के मार्जिन में कमी जैसे कारण बताए गए हैं। बाजार में व्यापक बिकवाली ने भी दबाव बढ़ाया।
2. कंपनी की दूसरी तिमाही की आय कितनी रही?
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी की ऑपरेशन से आय ₹1,542.67 करोड़ रही। पिछले साल की समान तिमाही के ₹1,070.41 करोड़ के मुकाबले इसमें 44.12% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
3. कंपनी के मटेरियल खर्च में कितनी वृद्धि हुई?
कंपनी का मटेरियल खर्च सालाना 55.25% बढ़कर ₹1,048.83 करोड़ हो गया। खर्च में यह बढ़ोतरी आय की वृद्धि से तेज थी, इसलिए कारोबार की कमाई के मार्जिन पर दबाव पड़ा।
4. Himadri Speciality Chemicals ने किन क्षेत्रों में निवेश की योजना बताई?
कंपनी ने लिथियम आयरन फॉस्फेट, स्पेशियलिटी केमिकल्स, कार्बन नैनोट्यूब और सुपर स्पेशियलिटी कार्बन ब्लैक में निवेश की योजनाएं बताई हैं। निवेश योजनाओं का वास्तविक असर भविष्य में परियोजनाओं की प्रगति और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा।
5. क्या शेयर में गिरावट के बाद निवेश करना सही है?
केवल कीमत गिरने के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेशक कंपनी की आय, लागत, मुनाफे, कर्ज, भविष्य की योजनाओं और अपने जोखिम सहने की क्षमता का आकलन करें। जरूरत पड़ने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
निष्कर्ष
Himadri Speciality Chemicals की आय बढ़ी है, लेकिन मटेरियल लागत में तेज वृद्धि से मुनाफे के मार्जिन पर दबाव आया है। शेयर में आगे की दिशा कंपनी के खर्च नियंत्रण, लाभप्रदता, निवेश योजनाओं और बाजार के रुख पर निर्भर करेगी।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। इसे निवेश सलाह न मानें और निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लें।