Hyderabad GCC Hub: 45% नए GCCs ने चुना हैदराबाद

हैदराबाद भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने वाली बड़ी कंपनियों की पसंद बनता जा रहा है। Mindspace REIT के एमडी और सीईओ रमेश नायर के अनुसार, पिछले साल भारत आए 100 नए GCCs में से 45 ने हैदराबाद को चुना। शहर में 500 से अधिक ऐसे केंद्र हैं और इस मामले में यह बेंगलुरु के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है।

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Hyderabad GCC Hub: हैदराबाद क्यों बन रहा है कंपनियों की पहली पसंद

CBRE के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में हैदराबाद में करीब 66 लाख वर्ग फुट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया गया, जबकि इसी अवधि में लगभग 13 लाख वर्ग फुट नया ऑफिस स्पेस पूरा हुआ। इससे पता चलता है कि अच्छी गुणवत्ता वाले कार्यालयों की मांग नई आपूर्ति से काफी आगे है। पिछले तीन वर्षों में 200 से अधिक नए GCCs भी शहर में आए हैं।

CBRE India के लीजिंग एमडी राम चंदनानी के मुताबिक, हैदराबाद में निवेश के योग्य ऑफिस स्पेस लगभग 15 करोड़ वर्ग फुट है। वहीं, हाई-टेक सिटी के संस्थागत कार्यालय भवनों में खाली जगह करीब 2 प्रतिशत बताई गई, जबकि सभी तरह की इमारतों को मिलाकर यह लगभग 12 प्रतिशत है। सीमित उपलब्धता के कारण अच्छे कार्यालयों का किराया भी बढ़ा है।

🏢 Hyderabad GCC Hub के प्रमुख आंकड़े

  • नए GCCs: पिछले साल भारत आए 100 में से 45 ने हैदराबाद चुना
  • कुल केंद्र: शहर में 500 से अधिक GCCs
  • ऑफिस लीजिंग: 2026 की पहली छमाही में करीब 66 लाख वर्ग फुट
  • नई आपूर्ति: इसी अवधि में लगभग 13 लाख वर्ग फुट कार्यालय पूरे हुए
  • खाली जगह: हाई-टेक सिटी के संस्थागत भवनों में लगभग 2 प्रतिशत

Microsoft, Google और दूसरी कंपनियों की मौजूदगी

हैदराबाद में टेक्नोलॉजी कंपनियों की मौजूदगी दो दशक से भी पुरानी है। Microsoft, Dell और Oracle जैसी कंपनियों ने यहां काफी पहले अपने केंद्र स्थापित किए थे और समय के साथ उनका विस्तार किया। आज हाई-टेक सिटी में Meta, Google और Microsoft जैसे बड़े नाम भी मौजूद हैं। पुराने निवेश और अनुभवी कर्मचारियों की उपलब्धता ने शहर को नए वैश्विक केंद्रों के लिए आकर्षक बनाया है।

पहले हैदराबाद को कई बार बेंगलुरु में जगह कम पड़ने पर चुने जाने वाले विकल्प के तौर पर देखा जाता था। अब कंपनियां यहां वरिष्ठ नेतृत्व, उत्पाद विकास और रिसर्च जैसे महत्वपूर्ण काम भी कर रही हैं। कई GCCs शहर को अपने दूसरे वैश्विक मुख्यालय की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।

कंपनियों को सिर्फ ऑफिस नहीं, बेहतर सुविधाएं भी चाहिए

कंपनियों की जरूरत अब केवल बड़े ऑफिस फ्लोर तक सीमित नहीं है। वे यह भी देखती हैं कि कर्मचारियों को आने-जाने में कितना समय लगेगा, आसपास कौन-सी सुविधाएं हैं और क्या जगह कुशल कर्मचारियों को आकर्षित कर सकती है। पर्यावरण और ऊर्जा से जुड़े मानक भी अब ऑफिस चुनने का अहम हिस्सा बन गए हैं।

संस्थागत डेवलपर बड़े ऑफिस फ्लोर, कैंपस जैसी योजना और बेहतर सुविधाएं दे सकते हैं। Mindspace के हैदराबाद कैंपस में क्लब और होटल जैसी सुविधाएं भी हैं। कंपनी के अनुसार, कुछ किरायेदारों ने बड़े क्षेत्र एक साथ लीज पर लिए हैं, जो बड़े कार्यालय परिसरों की मांग को दिखाता है। रियल एस्टेट बाजार से जुड़ी जानकारी के लिए CBRE India की वेबसाइट देखी जा सकती है।

📈 Hyderabad Office Space: अवसर और चुनौतियां

  • बड़ा अवसर: 500 से अधिक GCCs के आगे विस्तार की संभावना
  • रोजगार क्षमता: हाई-टेक सिटी के आसपास बड़े ऑफिस क्लस्टर
  • मुख्य जरूरत: गुणवत्तापूर्ण ऑफिस स्पेस की लगातार आपूर्ति
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: मेट्रो और शहर की परिवहन व्यवस्था का विस्तार
  • AI का असर: कंपनियां अभी इसके रोजगार पर प्रभाव का आकलन कर रही हैं

AI और रोजगार को लेकर क्या है चिंता

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चर्चा हुई। रमेश नायर ने कहा कि इसका वास्तविक प्रभाव अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। उनके अनुसार, Mindspace के बड़े ऑफिस पोर्टफोलियो में अब तक केवल एक किरायेदार ने AI में बदलाव को जगह छोड़ने की वजह बताया। उनका मानना है कि पुरानी और कम सुविधाओं वाली इमारतों पर आधुनिक संस्थागत ऑफिसों के मुकाबले ज्यादा दबाव आ सकता है।

CBRE के सर्वेक्षण के हवाले से राम चंदनानी ने कहा कि कंपनियों में AI को अपनाने की प्रक्रिया अभी शुरुआती दौर में है। छोटे GCC भी उभर रहे हैं, जो शुरुआत में सीमित कर्मचारियों के साथ काम करते हैं और बाद में बड़े केंद्र बन सकते हैं। इससे शहर में अलग-अलग आकार की कंपनियों के लिए अवसर पैदा हो सकते हैं।

आगे की ग्रोथ के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी

हैदराबाद की आगे की प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि सड़क, मेट्रो और दूसरी शहरी सुविधाएं कंपनियों की बढ़ती जरूरतों के साथ कितनी तेजी से विकसित होती हैं। आउटर रिंग रोड और एयरपोर्ट को शहर की ताकत माना गया, लेकिन कुछ इलाकों में भीड़ और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की जरूरत भी बताई गई।

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि कंपनियों को समय पर पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाला ऑफिस स्पेस नहीं मिला, तो वे दूसरे शहरों में विस्तार कर सकती हैं। हैदराबाद के पास तकनीक, बैंकिंग, मीडिया, जीवन विज्ञान और फार्मा जैसे कई क्षेत्रों की मौजूदगी है। इन विविध उद्योगों और कुशल प्रतिभा के कारण शहर के GCC बाजार में आगे बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. GCC क्या होता है?

GCC यानी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर वह केंद्र होता है जिसे कोई वैश्विक कंपनी दूसरे देश में स्थापित करती है। यहां तकनीक, वित्त, रिसर्च, ग्राहक सहायता, उत्पाद विकास और अन्य जरूरी काम किए जा सकते हैं।

2. कितनी नई GCC कंपनियों ने हैदराबाद को चुना?

Mindspace REIT के सीईओ के अनुसार, पिछले साल भारत आए 100 नए GCCs में से 45 ने हैदराबाद चुना। यह आंकड़ा शहर की बढ़ती लोकप्रियता दिखाता है, हालांकि भविष्य में चयन की संख्या बाजार और कंपनियों की योजनाओं पर निर्भर करेगी।

3. हैदराबाद में ऑफिस स्पेस की मांग क्यों बढ़ रही है?

कई वैश्विक कंपनियां यहां तकनीक, रिसर्च और उत्पाद विकास केंद्र चला रही हैं। कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता, पहले से मौजूद टेक कंपनियां और बेहतर कार्यालय परिसर इस मांग को बढ़ाते हैं। नए कार्यालयों की आपूर्ति सीमित रहने से प्रतिस्पर्धा भी बढ़ती है।

4. क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस GCC की नौकरियों को प्रभावित कर सकता है?

AI कुछ कामों के तरीके बदल सकता है, लेकिन इसका कुल रोजगार पर असर अभी स्पष्ट नहीं है। कंपनियां इसे धीरे-धीरे अपना रही हैं। काम की प्रकृति, कर्मचारियों के कौशल और कारोबार के विस्तार के आधार पर अलग-अलग केंद्रों पर इसका प्रभाव अलग हो सकता है।

5. हैदराबाद के GCC बाजार के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

मुख्य चुनौतियों में अच्छी गुणवत्ता वाले कार्यालयों की उपलब्धता, बढ़ती मांग के अनुरूप नई आपूर्ति और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार शामिल हैं। सड़क और मेट्रो की सुविधाएं समय पर बेहतर नहीं हुईं, तो कंपनियों को कर्मचारियों और ऑफिस संचालन में मुश्किल हो सकती है।

निष्कर्ष

हैदराबाद तेजी से भारत के प्रमुख GCC केंद्रों में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। बड़ी टेक कंपनियों, कुशल कर्मचारियों और कार्यालयों की मांग से विकास को सहारा मिल रहा है। हालांकि, इस बढ़त को बनाए रखने के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्याप्त गुणवत्तापूर्ण ऑफिस स्पेस जरूरी होंगे।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट और कंपनी प्रतिनिधियों के बयानों पर आधारित है। आंकड़े बदल सकते हैं; निवेश या व्यावसायिक निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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