IIT Bombay Scholar का ₹2,000 वाला Air Purifier, 85% दावा

दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब होने के बीच कम कीमत वाले एयर प्यूरीफायर की जरूरत बढ़ रही है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए IIT Bombay के रिसर्च स्कॉलर रोहन कुमार एक ऐसा एयर प्यूरीफायर विकसित कर रहे हैं, जिसकी शुरुआती कीमत करीब ₹2,000 बताई गई है। इसके शुरुआती आंतरिक परीक्षणों में प्रदूषण घटाने का दावा किया गया है, लेकिन इन नतीजों की अभी किसी स्वतंत्र लैब से पुष्टि नहीं हुई है।

Enviroforge Air Purifier क्या है?

इस डिवाइस का नाम Enviroforge Air Purifier है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसे प्राकृतिक रेशों, कुछ पौधों और लाभकारी सूक्ष्मजीवों की मदद से हवा में मौजूद प्रदूषकों को कम करने के लिए तैयार किया जा रहा है। यह अभी परीक्षण के चरण में है और इसका आधिकारिक लॉन्च दिसंबर 2026 में तय बताया गया है।

🌿 एयर प्यूरीफायर की मुख्य बातें

  • शुरुआती कीमत: करीब ₹2,000
  • मिड-रेंज मॉडल: ₹5,000 से ₹6,000
  • प्रीमियम मॉडल: करीब ₹10,000
  • सामग्री: बांस, नारियल, केले और जूट के रेशे
  • स्थिति: अभी परीक्षण जारी है
  • लॉन्च का अनुमान: दिसंबर 2026

इस डिवाइस को बनाने की प्रेरणा

रोहन कुमार बिहार में पले-बढ़े और दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक तथा महाराष्ट्र जैसे क्षेत्रों में रहे। अलग-अलग जगहों पर हवा की गुणवत्ता में अंतर देखने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि घर के अंदर साफ हवा पाना हर व्यक्ति के लिए आसान नहीं है। वह पहले गंदे पानी के उपचार से जुड़े विषयों पर काम कर रहे थे। इसी काम के दौरान उन्होंने कम ऊर्जा में काम करने वाले तरीकों को हवा साफ करने के लिए अपनाने की संभावना पर विचार किया।

रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने 2024 की शुरुआत में इस विचार पर प्रयोग शुरू किए। अंतिम डिजाइन तैयार करने से पहले उन्होंने करीब नौ से दस प्रोटोटाइप बनाए। वह IIT Bombay में सिविल इंजीनियरिंग की पीएचडी के साथ इस उत्पाद पर काम कर रहे हैं।

Air Purifier हवा को कैसे साफ करेगा?

इस सिस्टम में कई तरह की परतें इस्तेमाल की जाती हैं। प्राकृतिक रेशे हवा में मौजूद धूल और PM2.5 तथा PM10 जैसे कणों को रोकने में मदद कर सकते हैं। एक्टिवेटेड कार्बन, बायोचार और जियोलाइट जैसे पदार्थ कुछ गैसीय प्रदूषकों को सोखने के लिए शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, सिस्टम में लाभकारी बैक्टीरिया और घर के अंदर उगाए जाने वाले पौधों का भी इस्तेमाल बताया गया है।

निर्माता का विचार है कि भौतिक फिल्टर और जैविक प्रक्रियाओं को साथ इस्तेमाल करके अलग-अलग तरह के प्रदूषकों से निपटा जा सके। हालांकि, वास्तविक असर कमरे के आकार, हवा के प्रवाह, प्रदूषण के प्रकार और डिवाइस के रखरखाव जैसे कई पहलुओं पर निर्भर कर सकता है।

⚠️ 85% प्रदूषण घटाने का दावा, पर पुष्टि बाकी

  • परीक्षण की जगह: लगभग 800 घन फीट का बंद कमरा
  • बताया गया नतीजा: 20 मिनट में 80 से 85% तक कमी
  • जांच की स्थिति: आंतरिक परीक्षण के नतीजे
  • जरूरी बात: स्वतंत्र लैब से पुष्टि या प्रमाणन अभी उपलब्ध नहीं बताया गया
  • खरीदारी से पहले: आधिकारिक परीक्षण रिपोर्ट और उत्पाद की जानकारी देखना जरूरी होगा

कीमत और लॉन्च को लेकर क्या जानकारी है?

रिपोर्ट में शुरुआती मॉडल की कीमत ₹2,000 बताई गई है। मिड-रेंज मॉडल ₹5,000 से ₹6,000 के बीच और प्रीमियम मॉडल करीब ₹10,000 का हो सकता है। फिलहाल कंपनी की ओर से उत्पाद का आधिकारिक लॉन्च दिसंबर 2026 में किए जाने की बात कही गई है। कीमत और उपलब्धता में लॉन्च के समय बदलाव हो सकता है।

इस परियोजना पर रोहन कुमार अपने सह-संस्थापकों विपुल, देबाशीष और अभिनव के साथ काम कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, Enviroforge को IIM Mumbai से इनक्यूबेशन भी मिला है। हवा की गुणवत्ता से जुड़ी मौजूदा जानकारी के लिए पाठक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का AQI पोर्टल देख सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. Enviroforge Air Purifier की शुरुआती कीमत कितनी है?

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इसकी शुरुआती कीमत करीब ₹2,000 रखी जा सकती है। मिड-रेंज मॉडल ₹5,000 से ₹6,000 और प्रीमियम मॉडल करीब ₹10,000 का बताया गया है। ये कीमतें रिपोर्ट पर आधारित हैं, इसलिए आधिकारिक लॉन्च के समय इनमें बदलाव संभव है।

2. क्या यह एयर प्यूरीफायर बाजार में उपलब्ध है?

फिलहाल यह डिवाइस परीक्षण के चरण में बताया गया है। इसकी आधिकारिक लॉन्च तारीख दिसंबर 2026 बताई गई है। खरीदने की योजना बनाने से पहले कंपनी की आधिकारिक घोषणा, उपलब्धता और उत्पाद की पूरी जानकारी की पुष्टि करना बेहतर होगा।

3. क्या यह 85% तक प्रदूषण कम कर सकता है?

निर्माता के आंतरिक परीक्षण में 20 मिनट के भीतर 80 से 85% तक कमी का दावा किया गया है। लेकिन अभी स्वतंत्र प्रयोगशाला से इसकी पुष्टि या प्रमाणन उपलब्ध होने की जानकारी नहीं है। इसलिए इस आंकड़े को प्रमाणित नतीजा नहीं मानना चाहिए।

4. इसमें कौन-कौन सी सामग्री इस्तेमाल होती है?

रिपोर्ट के अनुसार, इसमें बांस, नारियल, केले और जूट के रेशों के साथ मलमल, कपास, रेशम और विशेष सेलुलोज का उपयोग किया जा सकता है। सिस्टम में एक्टिवेटेड कार्बन, बायोचार, जियोलाइट, लाभकारी बैक्टीरिया और इनडोर पौधे भी शामिल बताए गए हैं।

5. क्या यह सामान्य एयर प्यूरीफायर का विकल्प है?

अभी ऐसा निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी, क्योंकि डिवाइस के परीक्षण और स्वतंत्र सत्यापन की जानकारी सीमित है। इसकी तुलना दूसरे प्यूरीफायर से करने के लिए प्रमाणित प्रदर्शन, फिल्टर की क्षमता, कमरे के आकार, रखरखाव और कुल खर्च की जानकारी देखनी चाहिए।

निष्कर्ष

IIT Bombay के रिसर्च स्कॉलर का यह प्रोजेक्ट कम कीमत में हवा साफ करने का एक नया प्रयास है। हालांकि, 80 से 85% प्रदूषण घटाने का दावा अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है। लॉन्च से पहले इसकी प्रमाणित परीक्षण रिपोर्ट और वास्तविक प्रदर्शन पर नजर रखना जरूरी होगा।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। उत्पाद की कीमत, उपलब्धता और प्रदर्शन संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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