भारत में आयात किए जाने वाले Cosmetics उत्पादों पर निगरानी और नियमों का पालन पहले से अधिक सख्त किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बिना वैध पंजीकरण वाले विदेशी उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
भारत में बिना जरूरी मंजूरी के आयात किए गए कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री पर जल्द सख्ती बढ़ सकती है। देश के शीर्ष औषधि नियामक ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे उत्पादों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य बाजार में बिक रहे उन विदेशी Cosmetics की पहचान करना है, जिनके पास वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र नहीं है।
बिना पंजीकरण वाले विदेशी कॉस्मेटिक उत्पादों पर बढ़ेगी सख्ती
नई व्यवस्था के तहत राज्य स्तर के दवा विभागों और सीमा व बंदरगाहों पर तैनात अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के लिए कहा गया है। अधिकारियों का मानना है कि कुछ विदेशी सौंदर्य उत्पाद बिना जरूरी अनुमति के भारतीय बाजार तक पहुंच रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए सभी प्रवेश बिंदुओं पर जांच और निगरानी मजबूत की जाएगी।
हाल ही में महाराष्ट्र में भी नकली और अवैध कॉस्मेटिक उत्पादों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। पुणे और नागपुर समेत कई जगहों पर जांच के दौरान संदिग्ध उत्पाद जब्त किए गए। एक मामले में त्वचा साफ करने वाले नकली उत्पाद मिले, जिनकी पुष्टि मूल निर्माता ने भी की। जांच में सामने आया कि ये सामान जरूरी लाइसेंस और मंजूरी के बिना बाजार में बेचा जा रहा था।
नई निगरानी व्यवस्था की मुख्य बातें
- फोकस: बिना पंजीकरण वाले विदेशी Cosmetics
- निगरानी: राज्य दवा विभाग और बंदरगाह
- उद्देश्य: उपभोक्ताओं की सुरक्षा
- कार्रवाई: जांच और निगरानी मजबूत
- लक्ष्य: अवैध आयात पर रोक
सरकार ने नियमों को लेकर क्या कहा?
सरकार ने वर्ष 2020 में लागू किए गए नियमों के तहत साफ किया था कि भारत में कोई भी कॉस्मेटिक उत्पाद तभी आयात किया जा सकता है, जब उसे केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण से पंजीकरण मिल चुका हो। बिना पंजीकरण वाले उत्पादों का आयात और बिक्री नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इसी नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए अब राज्यों को निगरानी और कार्रवाई तेज करने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जांच वाले विदेशी सौंदर्य उत्पाद लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। कुछ अवैध उत्पादों में तेज असर दिखाने के लिए खतरनाक Steroids और पारा जैसी हानिकारक धातुएं मिलाई जाती हैं। लंबे समय तक इनके इस्तेमाल से त्वचा खराब होने के साथ शरीर के अन्य अंगों, खासकर किडनी, पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
किन बातों का रखना होगा ध्यान?
- प्रक्रिया: CDSCO, Sugam और Registration का पालन
- जोखिम: बिना जांच वाले उत्पाद
- संभावित नुकसान: त्वचा और किडनी पर असर
- निगरानी: बंदरगाह और सीमा जांच
- उद्देश्य: असुरक्षित उत्पादों की बिक्री रोकना
विशेषज्ञों ने क्या सलाह दी?
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि कई तस्करी वाले उत्पाद अनधिकृत रास्तों से बाजार में पहुंच जाते हैं और उन पर सही जानकारी भी नहीं होती। इसलिए CDSCO, Sugam और Registration से जुड़ी प्रक्रिया का सख्ती से पालन कराना जरूरी है। उनका मानना है कि बंदरगाहों पर निगरानी बढ़ाने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने से असुरक्षित उत्पादों की बिक्री पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों और संबंधित नियमों पर आधारित है। किसी भी उत्पाद का उपयोग करने से पहले उसकी वैधता और गुणवत्ता की जांच करें।
