नया Income-tax Act, 2025, 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है। ऐसे में जिन करदाताओं के पुराने सालों के नुकसान आगे के वर्षों में टैक्स घटाने के लिए बचे हुए हैं, उनके मन में सवाल है कि क्या वे नए कानून के तहत भी इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने पुराने और नए आयकर कानून के बीच बदलाव को लेकर जारी FAQ में इस विषय पर स्थिति स्पष्ट की है।
Income Tax Act 2025 में पुराने नुकसान के नियम
CBDT के अनुसार, पुराने आयकर कानून, 1961 के तहत आगे ले जाए गए पात्र नुकसान नए Income-tax Act, 2025 के तहत भी नियमों के अनुसार समायोजित किए जा सकते हैं। हालांकि, नया कानून लागू होने से नुकसान इस्तेमाल करने की समय-सीमा दोबारा शुरू नहीं होती। पुराने कानून के तहत जितनी अवधि बची थी, वही लागू रहेगी।
उदाहरण के लिए, अगर किसी कारोबारी को आकलन वर्ष 2023-24 में ऐसा नुकसान हुआ था जिसे आठ आकलन वर्षों तक आगे ले जाने की अनुमति है, तो नए कानून से उसे 1 अप्रैल 2026 से अतिरिक्त आठ साल नहीं मिलेंगे। नुकसान का इस्तेमाल निर्धारित बची हुई अवधि में ही करना होगा।
📘 पुराने टैक्स नुकसान: जरूरी बातें
- नया कानून: 1 अप्रैल 2026 से लागू
- पुराने नुकसान: पात्र नुकसान आगे ले जाए जा सकते हैं
- समय-सीमा: पहले से बची अवधि ही मान्य रहेगी
- आधार: CBDT के बदलाव संबंधी FAQ
- ध्यान दें: हर नुकसान पर अलग नियम लागू हो सकते हैं
नुकसान का समायोजन कैसे होता है?
नुकसान को पहले उसी आय-श्रेणी की पात्र आय से समायोजित किया जाता है, जहां नियम इसकी अनुमति देते हैं। इसके बाद बचा हुआ नुकसान किसी दूसरी आय-श्रेणी की आय से समायोजित किया जा सकता है, लेकिन यह संबंधित कानूनी शर्तों और सीमाओं पर निर्भर करता है।
नए कानून में इन नियमों के लिए धाराओं के नंबर बदले हैं, लेकिन CBDT की जानकारी के अनुसार मुख्य प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया गया है। पुराने कानून में एक ही आय-श्रेणी में समायोजन के लिए धारा 70 और अलग-अलग आय-श्रेणियों में समायोजन के लिए धारा 71 थी। नए कानून में इनके अनुरूप धाराएं 108 और 109 हैं।
किस तरह के नुकसान कितने साल आगे ले जा सकते हैं?
पात्र सामान्य कारोबारी नुकसान और पूंजीगत नुकसान को सामान्य तौर पर आठ आकलन वर्षों तक आगे ले जाने का नियम जारी है। सट्टा कारोबार से हुए नुकसान और घुड़दौड़ से जुड़ी गतिविधियों के नुकसान के लिए चार साल की सीमा बताई गई है। निर्दिष्ट कारोबार के नुकसान पर भी संबंधित पात्रता नियम लागू होते हैं।
मकान-संपत्ति से हुए नुकसान को दूसरी आय-श्रेणियों की आय से समायोजित करने की सीमा ₹2 लाख बनी हुई है। पूंजीगत नुकसान को केवल पात्र पूंजीगत लाभ के विरुद्ध ही समायोजित किया जा सकता है। इसलिए नुकसान का प्रकार और उसकी तारीख देखना जरूरी है।
⚠️ टैक्स रिटर्न भरते समय ये बातें जांचें
- रिटर्न की तारीख: देर से रिटर्न भरने पर कुछ नुकसान आगे ले जाने की पात्रता प्रभावित हो सकती है
- रिकॉर्ड: पुराने ITR और नुकसान के विवरण सुरक्षित रखें
- समय-सीमा: नुकसान की बची हुई अवधि जांचें
- नुकसान का प्रकार: कारोबारी, मकान-संपत्ति और पूंजीगत नुकसान के नियम अलग हो सकते हैं
- सलाह: जरूरत पड़ने पर कर विशेषज्ञ से पुष्टि करें
देर से ITR दाखिल करने पर क्या होगा?
अगर करदाता ने रिटर्न तय तारीख के बाद दाखिल किया है, तो कुछ प्रकार के नुकसान को आगे ले जाने का अधिकार प्रभावित हो सकता है। नया कानून उन नुकसानों को अपने आप फिर से मान्य नहीं बनाता, जिन्हें पुराने कानून के तहत आगे ले जाने की अनुमति नहीं थी।
उदाहरण के लिए, अगर कोई वेतनभोगी करदाता आकलन वर्ष 2026-27 का ITR लागू अंतिम तारीख के बाद दाखिल करता है, तो संबंधित नियमों के तहत वह नुकसान को अगले वर्षों में आगे ले जाने के योग्य नहीं हो सकता। सही स्थिति नुकसान के प्रकार और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।
अघोषित आय के खिलाफ नुकसान इस्तेमाल कर सकते हैं?
नहीं। तलाशी, जब्ती या सर्वे की कार्रवाई से जुड़ी अघोषित आय पर पुराने नुकसान और ऐसी मूल्यह्रास राशि को समायोजित करने पर लगी रोक नए कानून में भी जारी है। इसलिए यह मानना सही नहीं होगा कि नया कानून लागू होने से इस तरह की आय पर नुकसान समायोजित करने की अनुमति मिल गई है।
नियमों और आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के लिए आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें। किसी खास मामले में नुकसान की पात्रता समझने के लिए अपने पुराने रिटर्न, आकलन वर्ष और नुकसान के रिकॉर्ड साथ रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल 1: क्या पुराने टैक्स नुकसान नए कानून में इस्तेमाल हो सकते हैं?
हां, पुराने कानून के तहत आगे ले जाए गए पात्र नुकसान नए कानून में भी समायोजित हो सकते हैं। हालांकि, नुकसान का प्रकार, मूल पात्रता और बची हुई समय-सीमा लागू नियमों के अनुसार ही तय होगी। नया कानून अपने आप अतिरिक्त अवधि नहीं देता।
सवाल 2: क्या 1 अप्रैल 2026 से नुकसान की समय-सीमा फिर शुरू होती है?
नहीं, कानून बदलने से नुकसान आगे ले जाने की अवधि फिर से शुरू नहीं होती। पुराने कानून के तहत जितने साल बाकी थे, वही अवधि लागू रहती है। इसलिए करदाताओं को अपने नुकसान के आकलन वर्ष और इस्तेमाल की अंतिम अवधि की जांच करनी चाहिए।
सवाल 3: कारोबारी नुकसान कितने साल आगे ले जा सकते हैं?
पात्र सामान्य कारोबारी नुकसान को आम तौर पर आठ आकलन वर्षों तक आगे ले जाया जा सकता है। यह सुविधा लागू शर्तों के अधीन है। रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा और नुकसान की प्रकृति पात्रता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए दस्तावेज जांचना जरूरी है।
सवाल 4: क्या पूंजीगत नुकसान को किसी भी आय से घटा सकते हैं?
नहीं, पूंजीगत नुकसान का समायोजन संबंधित पूंजीगत लाभ के नियमों के अनुसार होता है। दीर्घकालिक पूंजीगत नुकसान को दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ से और अल्पकालिक नुकसान को पात्र अल्पकालिक या दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ से समायोजित किया जा सकता है।
सवाल 5: देर से ITR भरने पर पुराने नुकसान का क्या होगा?
देर से रिटर्न दाखिल करने पर कुछ नुकसान आगे ले जाने की पात्रता समाप्त हो सकती है। नया कानून ऐसी पात्रता अपने आप वापस नहीं देता। करदाता को यह देखना चाहिए कि नुकसान किस प्रकार का है, रिटर्न कब दाखिल हुआ और उस पर कौन-सी शर्तें लागू होती हैं।
निष्कर्ष
नए Income-tax Act, 2025 के लागू होने से पुराने पात्र टैक्स नुकसान खत्म नहीं होते, लेकिन उनकी समय-सीमा भी दोबारा शुरू नहीं होती। नुकसान के प्रकार, ITR दाखिल करने की तारीख और समायोजन की सीमाएं जांचना जरूरी है। किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक नियम या कर विशेषज्ञ की सलाह लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। अपनी कर स्थिति के अनुसार निर्णय लेने से पहले योग्य कर सलाहकार से परामर्श करें।
