करीब एक दशक के बाद भारत और नेपाल के बीच रेल सेवा फिर से शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बहराइच में वाराणसी और नेपालगंज रोड के बीच नई ब्रॉड गेज ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव नई दिल्ली से ऑनलाइन जुड़े। बहराइच के सांसद डॉ. आनंद गोंड भी शुरुआती सफर में रिसिया तक ट्रेन में मौजूद रहे।
भारत-नेपाल के बीच रेल सेवा फिर शुरू
नई रेल सेवा शुरू होने के साथ बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रेल मार्ग का लंबे समय से चल रहा बदलाव भी पूरा हो गया है। करीब 56 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को पुराने मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदला गया है। इस काम पर लगभग 730 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। माना जा रहा है कि इससे सीमावर्ती इलाके में आने-जाने की सुविधा बेहतर होगी और व्यापार तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेहतर संपर्क किसी भी क्षेत्र के विकास को गति देता है। नई रेल सुविधा से नानपारा को एक महत्वपूर्ण आवागमन केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच व्यापार आसान हो सकता है और स्थानीय किसानों को भी अपने उत्पाद दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है।
रेल संपर्क से व्यापार और किसानों को फायदा
इस रेल संपर्क से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भारत और नेपाल के कई शहरों के बीच लोगों की आवाजाही आसान होगी। नेपाल के जनकपुर और गोरखा जैसे धार्मिक तथा सांस्कृतिक स्थानों को अयोध्या, गोरखपुर और वाराणसी जैसे भारतीय शहरों से जोड़ने में यह सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। खासतौर पर वाराणसी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा उपयोगी होगी।
नई रेल सेवा की मुख्य बातें
- रेल मार्ग: बहराइच-नानपारा-नेपालगंज
- लंबाई: करीब 56 किलोमीटर
- परियोजना लागत: लगभग 730 करोड़ रुपये
- रेल गेज: मीटर गेज से ब्रॉड गेज
- ट्रेनें: दो एक्सप्रेस और दो यात्री या मेमू
- मुख्य लाभ: व्यापार, पर्यटन और आवागमन को बढ़ावा
चार ट्रेनों के संचालन की योजना
इस मार्ग पर नियमित रूप से चार ट्रेनें चलाने की योजना है। इनमें दो एक्सप्रेस और दो यात्री या मेमू ट्रेन शामिल हैं। मुख्य इंटरसिटी एक्सप्रेस नेपालगंज रोड से सुबह 4 बजे रवाना होकर दोपहर 1:35 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन वाराणसी से दोपहर 2 बजे चलेगी और रात 11 बजे नेपालगंज रोड पहुंचेगी।
इसके अलावा नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस और दो यात्री ट्रेनें भी इस मार्ग पर संचालित होंगी। इन ट्रेनों के जरिए उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख स्टेशनों को नेपाल सीमा क्षेत्र से सीधा संपर्क मिलेगा। रास्ते में नानपारा, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव रखा गया है।
उद्घाटन यात्रा में 600 यात्रियों को मुफ्त सफर
सेवा की शुरुआत के मौके पर 17 डिब्बों वाली विशेष ट्रेन चलाई गई। इसमें वातानुकूलित, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के डिब्बे शामिल थे। उद्घाटन यात्रा के लिए करीब 600 यात्रियों को मुफ्त यात्रा कूपन भी दिए गए। पहले दिन ट्रेन से बड़ी संख्या में यात्री वाराणसी पहुंचे, जिनमें कई लोग काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। नई रेल सेवा से दोनों देशों के बीच संपर्क, पर्यटन और स्थानीय कारोबार को आने वाले समय में और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
रेल संपर्क से बढ़ेंगे कई अवसर
- धार्मिक पर्यटन: वाराणसी और अन्य धार्मिक शहरों तक आसान पहुंच
- सीमावर्ती संपर्क: भारत और नेपाल के लोगों की आवाजाही आसान
- स्थानीय कारोबार: व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद
- किसानों को लाभ: उत्पादों को दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा
- प्रमुख स्टेशन: नानपारा, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और गोरखपुर
- पर्यटन स्थल: अयोध्या, गोरखपुर और वाराणसी से बेहतर संपर्क