IndiGo ने मैनचेस्टर उड़ानें रोकीं, बढ़ी ATF लागत बनी वजह

बढ़ती परिचालन लागत, एयरस्पेस प्रतिबंधों और लंबी उड़ान अवधि के कारण IndiGo ने मैनचेस्टर रूट पर अपनी सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया है। हालांकि, एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि अन्य सभी लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सामान्य रूप से जारी रहेंगी।

IndiGo के अनुसार, यह रोक सिर्फ़ कुछ समय के लिए है। दूसरे देशों के लिए बाकी सभी लंबी दूरी की उड़ानें सामान्य रूप से चलती रहेंगी। एयरलाइन या तो कोई दूसरा यात्रा मार्ग तय करेगी या फिर उन ग्राहकों को पूरी रकम वापस करेगी जिन्होंने इस यात्रा के लिए टिकट खरीदे थे।

IndiGo ने मैनचेस्टर उड़ानों पर लगाई अस्थायी रोक

 

मैनचेस्टर रूट निलंबन के बाद रनवे पर खड़ा IndiGo का Boeing 787-9 Dreamliner विमान
बढ़ती ATF लागत और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण IndiGo ने मैनचेस्टर उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कीं।

 

मौजूदा हवाई क्षेत्र की स्थिति और अमेरिका तथा ईरान के बीच लगातार चल रही दुश्मनी को देखते हुए IndiGo ने एक अहम फ़ैसला लिया है। 31 अगस्त, 2026 से, एयरलाइन मैनचेस्टर के लिए अपनी सभी उड़ानें कुछ समय के लिए रोकने की योजना बना रही है। इस फ़ैसले के चलते, एयरलाइन Norse Atlantic Airways से लीज़ पर लिए गए अपने छह Boeing 787-9 Dreamliner विमानों में से एक को वापस कर देगी।

एयरलाइन का कहना है कि विदेशी मुद्रा की कीमतों में उतार-चढ़ाव, Aviation Turbine Fuel (ATF) की ज़्यादा कीमतें और मध्य-पूर्व में तनाव, इन सभी कारणों से उसके परिचालन खर्च में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है। IndiGo ने ज़ोर देकर कहा कि यह कदम सिर्फ़ कुछ समय के लिए है और बाकी सभी लंबी दूरी की उड़ानें तय समय पर चलती रहेंगी। एयरलाइन ने यह भी बताया कि जिन ग्राहकों पर इस फ़ैसले का असर पड़ेगा, उन्हें या तो उनकी रकम वापस कर दी जाएगी या फिर यात्रा के दूसरे विकल्प दिए जाएँगे। मैनचेस्टर के लिए उड़ानें पिछले साल जुलाई में शुरू हुई थीं।

✈️ Manchester Route Suspension: मुख्य बिंदु

  • प्रभावी तिथि: 31 अगस्त 2026
  • स्थिति: अस्थायी निलंबन
  • यात्रियों के लिए: रिफंड या वैकल्पिक यात्रा
  • अन्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानें: सामान्य रूप से जारी
  • प्रभावित विमान: Boeing 787-9 Dreamliner
  • मुख्य कारण: बढ़ती लागत और एयरस्पेस प्रतिबंध

Dreamliner विमान लौटाने का फैसला

इन उड़ानों के बंद होने की वजह से, IndiGo के छह विशाल “Dreamliner” विमानों में से एक को उस लीज़िंग कंपनी को वापस कर दिया जाएगा जिससे इसे खरीदा गया था। साल 2025 में, एयरलाइन ने ये विमान Norse Atlantic Airways से लीज़ पर लिए थे। इन विमानों का इस्तेमाल यूरोप के अहम शहरों को जोड़ने वाली लंबी दूरी की उड़ानों के लिए किया जा रहा था।

यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि मध्य-पूर्व में लगातार चल रहे तनाव की वजह से कई देशों के हवाई क्षेत्रों पर पाबंदियाँ लगा दी गई हैं। नतीजतन, अब उड़ानों के रास्ते लंबे हो गए हैं। इन लंबी यात्राओं की वजह से विमानन ईंधन (ATF) की खपत भी बढ़ गई है।

⚠️ बढ़ती लागत के प्रमुख कारण

  • एयरस्पेस प्रतिबंध: लंबी उड़ान दूरी
  • ATF कीमतें: ईंधन लागत में वृद्धि
  • डॉलर-रुपया उतार-चढ़ाव: खर्च में बढ़ोतरी
  • मध्य-पूर्व तनाव: संचालन प्रभावित
  • उड़ान समय: पहले से अधिक
  • लाभप्रदता: दबाव में

मध्य-पूर्व संकट और परिचालन खर्च

इसके अलावा, डॉलर-रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और ईंधन की ज़्यादा कीमतों के कारण एयरलाइन का परिचालन खर्च भी काफ़ी बढ़ गया है। IndiGo के अनुसार, इस मार्ग पर असल में हुआ खर्च शुरुआती अनुमानों से कहीं ज़्यादा है।

इस साल 28 फरवरी को, अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू हो गई। यह वह दिन था जब अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था। उन्होंने ईरान की सरकारी इमारतों, हवाई रक्षा प्रणालियों और सैन्य ठिकानों पर कई मिसाइलें दागीं। इस अमेरिकी-इज़राइली हमले में मारे गए अधिकारियों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई भी शामिल थे। इसके जवाब में, ईरान ने इज़राइली और अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया। इसने ड्रोन का इस्तेमाल करके होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाज़ों को निशाना बनाया। इसके अलावा, ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर दिया, जिससे तेल के प्रवाह में भारी बाधा उत्पन्न हुई।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यात्रा संबंधी निर्णय लेने से पहले संबंधित एयरलाइन और आधिकारिक स्रोतों से जानकारी अवश्य सत्यापित करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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