Indo-MIM IPO GMP: इंडो-एमआईएम IPO में 38% प्रीमियम का संकेत

इंडो-एमआईएम का IPO निवेशकों के बीच चर्चा में बना हुआ है। कंपनी के शेयर Grey Market में मजबूत प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। 25 जुलाई के अनुसार GMP ₹187 दर्ज किया गया, जो ऊपरी प्राइस बैंड ₹485 के मुकाबले लगभग 38.56% संभावित प्रीमियम को दर्शाता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि GMP केवल संकेत होता है और इससे लिस्टिंग या मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती।

Indo-MIM IPO का GMP निवेशकों के बीच चर्चा में

कंपनी का IPO 23 जुलाई 2026 को खुला और 27 जुलाई 2026 को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड ₹461 से ₹485 प्रति शेयर तय किया गया है। यह करीब ₹3,811.21 करोड़ का Mainboard IPO है, जिसमें लगभग ₹499.10 करोड़ का फ्रेश इश्यू और 6.82 करोड़ से अधिक शेयरों का ऑफर फॉर सेल शामिल है। एक आवेदन के लिए न्यूनतम लॉट 30 शेयरों का रखा गया है।

अलॉटमेंट 28 जुलाई को होने की संभावना है। सफल निवेशकों के Demat खाते में शेयर 29 जुलाई को जमा किए जाएंगे, जबकि कंपनी की संभावित लिस्टिंग 30 जुलाई 2026 को बीएसई और एनएसई पर होगी।

Indo-MIM IPO की मुख्य जानकारी

  • IPO अवधि: 23 जुलाई 2026 से 27 जुलाई 2026
  • प्राइस बैंड: ₹461 से ₹485 प्रति शेयर
  • IPO आकार: ₹3,811.21 करोड़
  • GMP: ₹187 (25 जुलाई के अनुसार)
  • न्यूनतम लॉट: 30 शेयर

अलॉटमेंट और लिस्टिंग की संभावित तारीख

इंडो-एमआईएम की स्थापना 1996 में हुई थी। कंपनी Metal Injection Molding तकनीक के जरिए उच्च गुणवत्ता वाले प्रिसिजन इंजीनियरिंग पार्ट्स बनाती है। इसके उत्पाद ऑटोमोबाइल, रक्षा, मेडिकल, एयरोस्पेस और उपभोक्ता उद्योगों में उपयोग किए जाते हैं। कंपनी मोल्ड डिजाइन, टूलिंग, फिनिशिंग और असेंबली जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।

कंपनी के पास भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और मेक्सिको में कुल 15 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हैं। वित्त वर्ष 2025 तक यह 6,400 से अधिक अलग-अलग उत्पाद तैयार कर चुकी है और चीन, जर्मनी तथा अमेरिका में अपने बिक्री कार्यालयों के माध्यम से 1,000 से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं दे रही है।

Indo-MIM IPO के प्रमुख बिंदु

  • स्थापना: 1996
  • कारोबार: Metal Injection Molding आधारित प्रिसिजन इंजीनियरिंग पार्ट्स
  • मैन्युफैक्चरिंग यूनिट: भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और मेक्सिको में 15 यूनिट
  • ग्राहक: 1,000 से अधिक
  • उद्योग: ऑटोमोबाइल, रक्षा, मेडिकल, एयरोस्पेस और उपभोक्ता क्षेत्र

GMP को निवेश का एकमात्र आधार नहीं मानना चाहिए

हाल के दिनों में इंडो-एमआईएम का GMP ₹166 से ₹210 के बीच रहा है। हालांकि ग्रे मार्केट का प्रीमियम लगातार बदल सकता है। इसलिए किसी भी निवेश का फैसला केवल GMP देखकर नहीं, बल्कि कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, जोखिम और भविष्य की संभावनाओं का मूल्यांकन करने के बाद ही करना चाहिए।

अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है। निवेश से पहले स्वयं शोध करें या वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

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