शुक्रवार 28 अगस्त को भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। आईटी क्षेत्र में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण निफ्टी आईटी सूचकांक करीब 2.75 प्रतिशत चढ़कर 31,000 के स्तर से ऊपर पहुंच गया।
इस दौरान टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में अच्छी तेजी रही। टीसीएस के शेयर में करीब 3.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई, जबकि एचसीएल टेक और इंफोसिस के शेयर क्रमशः 3.41 प्रतिशत और 2.78 प्रतिशत ऊपर रहे। विप्रो में भी कारोबार के दौरान करीब 2 प्रतिशत की मजबूती दिखाई दी।
भारतीय आईटी शेयरों में तेजी की बड़ी वजह

भारतीय आईटी शेयरों में आई इस तेजी का मुख्य कारण वैश्विक तकनीकी कंपनियों में आई मजबूती को माना जा रहा है। अमेरिकी चिप कंपनी एनवीडिया के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। कंपनी ने आगे की बिक्री को लेकर भी मजबूत अनुमान दिया है। इससे बाजार में यह उम्मीद बनी कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े ढांचे पर कंपनियों का खर्च आने वाले समय में मजबूत बना रह सकता है। एनवीडिया के बेहतर प्रदर्शन के बाद अमेरिकी बाजार में तकनीकी शेयरों में भी तेज खरीदारी देखने को मिली।
एनवीडिया ने 26 जुलाई 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में 96.2 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 18 प्रतिशत और पिछले साल की समान अवधि से 106 प्रतिशत अधिक रहा। कंपनी का सकल मार्जिन भी करीब 75 प्रतिशत रहा। प्रति शेयर आय के आंकड़े भी बाजार की उम्मीद से बेहतर रहे। कंपनी के प्रमुख जेन्सन हुआंग ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल प्रयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल वास्तविक काम और कमाई के लिए हो रहा है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही के लिए भी मजबूत अनुमान दिया है। एनवीडिया को उम्मीद है कि इस अवधि में उसका राजस्व करीब 108 अरब डॉलर रह सकता है, जिसमें लगभग 2 प्रतिशत ऊपर-नीचे होने की संभावना है। कंपनी के इस अनुमान में चीन से मिलने वाला डेटा सेंटर कंप्यूटिंग राजस्व शामिल नहीं किया गया है। मजबूत अनुमान से निवेशकों को लगा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी तकनीक की मांग अभी बनी हुई है।
📈 आईटी शेयरों में आज की तेजी
- निफ्टी आईटी: करीब 2.75 प्रतिशत ऊपर
- निफ्टी आईटी स्तर: 31,000 से ऊपर
- टीसीएस: करीब 3.65 प्रतिशत मजबूत
- एचसीएल टेक: करीब 3.41 प्रतिशत ऊपर
- इंफोसिस: करीब 2.78 प्रतिशत मजबूत
- विप्रो: करीब 2 प्रतिशत ऊपर
एनवीडिया के नतीजों का भारतीय आईटी कंपनियों पर असर
इसका असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी दिखाई दिया, क्योंकि बड़ी भारतीय तकनीकी कंपनियां वैश्विक ग्राहकों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड और डिजिटल सेवाओं से जुड़े काम करती हैं। अगर इन क्षेत्रों में दुनिया भर की कंपनियों का खर्च बढ़ता है, तो भारतीय आईटी कंपनियों को भी नए कारोबार और सेवाओं की मांग से फायदा मिल सकता है। हालांकि शेयर बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों को केवल एक दिन के प्रदर्शन के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए।
शेयरों में तेजी के साथ जोखिम भी बना रहता है। किसी कंपनी के कारोबार, कमाई, मूल्यांकन और भविष्य की मांग जैसे कई पहलुओं को देखकर ही निवेश का फैसला करना बेहतर होता है। बाजार में अचानक होने वाली तेजी हमेशा लंबे समय तक जारी रहे, यह जरूरी नहीं है। इसलिए निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है। यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य से है और किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।
💡 निवेशकों के लिए जरूरी बातें
- मुख्य संकेत: वैश्विक तकनीकी शेयरों में मजबूती
- प्रमुख वजह: एनवीडिया के बेहतर तिमाही नतीजे
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता: खर्च बढ़ने की उम्मीद
- भारतीय कंपनियां: आईटी, क्लाउड और डिजिटल सेवाओं में सक्रिय
- मुख्य जोखिम: बाजार की अचानक तेजी लंबे समय तक नहीं रह सकती
- निवेश से पहले: कमाई, मूल्यांकन और जोखिम की जांच जरूरी
Frequently asked questions
1. आज आईटी शेयरों में तेजी क्यों आई?
आज आईटी शेयरों में तेजी की बड़ी वजह वैश्विक तकनीकी कंपनियों में मजबूत खरीदारी रही। एनवीडिया के बेहतर तिमाही नतीजों और मजबूत भविष्य के अनुमान से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसका असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दिया।
2. टीसीएस के शेयर में कितनी बढ़त देखने को मिली?
शुक्रवार के कारोबार में टीसीएस के शेयर में करीब 3.65 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। कंपनी के शेयरों में मजबूत खरीदारी रही। वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में सकारात्मक माहौल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े खर्च बढ़ने की उम्मीद को इस मजबूती की प्रमुख वजह माना गया।
3. निफ्टी आईटी इंडेक्स कितने स्तर पर पहुंचा?
शुक्रवार को निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 2.75 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और यह 31,000 के स्तर से ऊपर चला गया। क्षेत्र की कई प्रमुख कंपनियों में खरीदारी बढ़ने से पूरे आईटी क्षेत्र के प्रदर्शन को मजबूती मिली।
4. एनवीडिया के नतीजों का भारतीय कंपनियों पर क्या असर पड़ा?
एनवीडिया के मजबूत नतीजों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी सेवाओं की भविष्य की मांग को लेकर उम्मीद बढ़ी। भारतीय आईटी कंपनियां वैश्विक ग्राहकों को तकनीकी और डिजिटल सेवाएं देती हैं, इसलिए निवेशकों ने इस खबर को क्षेत्र के लिए सकारात्मक माना।
5. क्या आईटी शेयरों में तेजी के बाद निवेश करना सही है?
केवल एक दिन की तेजी देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी की कमाई, शेयर का मूल्यांकन, कारोबार की स्थिति और भविष्य की संभावनाओं को समझना जरूरी है। निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्य पर भी ध्यान देना चाहिए।
निष्कर्ष
भारतीय आईटी शेयरों में शुक्रवार को मजबूत तेजी देखने को मिली। वैश्विक तकनीकी बाजार में सुधार और एनवीडिया के बेहतर नतीजों ने माहौल को सकारात्मक बनाया। हालांकि निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय कंपनी के प्रदर्शन और बाजार की स्थिति देखकर ही निर्णय लेना चाहिए।
Disclaimer: यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और निवेश सलाह नहीं है।
