पाकिस्तान ने डिजिटल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में अपना पहला विशेष Cloud Computing केंद्र शुरू किया है। सरकार का कहना है कि यह परियोजना डेटा सुरक्षा, AI क्षमता और घरेलू डिजिटल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पाकिस्तान ने डिजिटल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक नया कदम उठाया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को Sky47 नाम के देश के पहले विशेष Cloud Computing केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे पाकिस्तान के डिजिटल बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। यह केंद्र रावलपिंडी में बनाया गया है और इसे देश का पहला AI-ready Tier III/IV Data Center और Sovereign Cloud Platform बताया जा रहा है।
पाकिस्तान ने Sky47 Cloud Computing Center की शुरुआत की
Tier III/IV श्रेणी का मतलब है कि यह केंद्र बेहतर सुरक्षा, बैकअप और लगातार सेवाएं देने के लिए तैयार किया गया है। वहीं Sovereign Cloud का उद्देश्य यह है कि सरकारी और नागरिकों का संवेदनशील डेटा पाकिस्तान के भीतर ही सुरक्षित रहे और उसे विदेशी सर्वर पर रखने की जरूरत न पड़े। इससे देश अपनी डिजिटल सेवाओं पर अधिक नियंत्रण रखने का दावा कर रहा है।
शुरुआती चरण में इस Data Center की क्षमता 8.5 मेगावाट रखी गई है। यह दुनिया के बड़े Cloud Campus की तुलना में छोटी है, लेकिन पाकिस्तान के लिए इसे शुरुआती और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य में इसी तरह की सुविधाएं कराची और लाहौर में भी स्थापित की जाएंगी, ताकि देशभर में आधुनिक डिजिटल ढांचा तैयार किया जा सके।
Sky47 Data Center की प्रमुख बातें
- स्थान: रावलपिंडी
- प्लेटफॉर्म: AI-ready Tier III/IV Data Center
- Cloud: Sovereign Cloud Platform
- क्षमता: 8.5 मेगावाट
- लक्ष्य: घरेलू डेटा सुरक्षा और डिजिटल आत्मनिर्भरता
परियोजना में ZTE की भूमिका
इस परियोजना में चीन की तकनीकी कंपनी ZTE ने रणनीतिक भागीदार के रूप में काम किया है। प्रधानमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, आईटी सचिव और परियोजना से जुड़े इंजीनियरों की सराहना करते हुए कहा कि यह केंद्र रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना दिखाती है कि पाकिस्तान भी वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी जगह बनाने की क्षमता रखता है।
शहबाज शरीफ ने सभी सरकारी संस्थानों से डिजिटल बदलाव की दिशा में मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर के नेतृत्व की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह परियोजना विभिन्न सरकारी संस्थाओं के आपसी सहयोग का उदाहरण है।
इस पहल का क्या महत्व है?
- डेटा सुरक्षा: संवेदनशील डेटा देश के भीतर रखने का प्रयास
- Cloud Computing: घरेलू डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा
- AI-ready: कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े कार्यों की तैयारी
- विस्तार योजना: कराची और लाहौर में नए केंद्र
- उद्देश्य: विदेशी Cloud सेवाओं पर निर्भरता कम करना
आगे की चुनौती क्या होगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी देश के लिए अपना घरेलू Data Center होना महत्वपूर्ण होता है। इससे विदेशी Cloud सेवाओं पर निर्भरता कम होती है, डेटा सुरक्षा मजबूत होती है और AI से जुड़े कामों के लिए स्थानीय क्षमता विकसित होती है। हालांकि इस पहल की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कराची और लाहौर में प्रस्तावित केंद्र समय पर बनते हैं या नहीं और देश की सरकारी तथा निजी संस्थाएं इस नए प्लेटफॉर्म को कितनी तेजी से अपनाती हैं।
Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। परियोजना की प्रगति और विस्तार योजनाओं में समय के साथ बदलाव संभव है।
