Jana Small Finance Bank ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से बताई गई asset classification और provisioning में अंतर की जानकारी दी है। बैंक ने कहा है कि इस अंतर से जुड़ी पूरी राशि वित्त वर्ष 2026 में पहले ही उपलब्ध करा दी गई है, इसलिए वित्त वर्ष 2027 के profit and loss पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
बैंक ने यह जानकारी शेयर बाजार को दी गई सूचना में साझा की है। RBI की जांच में सामने आए अंतर के बाद बैंक ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भविष्य की कमाई पर इसका अतिरिक्त असर नहीं पड़ेगा।
Jana Small Finance Bank में RBI जांच के बाद सामने आया अंतर
RBI और बैंक के आंकड़ों में अंतर
- RBI GNPA: 919 करोड़ रुपये
- बैंक GNPA: 750 करोड़ रुपये
- RBI NNPA: 537 करोड़ रुपये
- बैंक NNPA: 495 करोड़ रुपये
- अतिरिक्त Provisioning: 42 करोड़ रुपये
- FY2025 अनुमानित लाभ प्रभाव: 501 करोड़ से घटकर 459 करोड़ रुपये
बेंगलुरु स्थित इस बैंक ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि RBI की जांच में 31 मार्च 2025 तक बैंक का gross non-performing assets (GNPA) 919 करोड़ रुपये पाया गया, जबकि बैंक ने इसे 750 करोड़ रुपये बताया था। इसी तरह RBI ने net non-performing assets (NNPA) 537 करोड़ रुपये आंका, जबकि बैंक के रिकॉर्ड में यह 495 करोड़ रुपये था।
RBI के आकलन के अनुसार, बैंक को खराब कर्ज के लिए 537 करोड़ रुपये का प्रावधान करना चाहिए था, जबकि बैंक ने 495 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। यानी अतिरिक्त 42 करोड़ रुपये की provisioning की जरूरत बताई गई। अगर यह अतिरिक्त राशि वित्त वर्ष 2025 में ही दर्ज की जाती, तो बैंक का शुद्ध लाभ 501 करोड़ रुपये के बजाय 459 करोड़ रुपये रह जाता।
FY2027 के मुनाफे पर नहीं पड़ेगा असर
हालांकि, Jana Small Finance Bank ने स्पष्ट किया कि RBI द्वारा बताए गए इस अंतर की पूरी राशि वित्त वर्ष 2026 में ही दर्ज कर दी गई है। इसलिए वित्त वर्ष 2026-27 में बैंक के earnings पर इसका कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यह जानकारी बैंक के जून तिमाही यानी Q1 FY27 के नतीजे जारी करने के कुछ दिनों बाद सामने आई है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि Jana Small Finance Bank आगे चलकर universal banking licence हासिल करने की प्रक्रिया जारी रखना चाहता है।
यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए अहम मानक
- लक्ष्य: Universal Banking Licence हासिल करना
- जरूरी शर्त: लगातार दो वित्त वर्षों में शुद्ध लाभ
- NPA सीमा: Gross और Net NPA तय मानकों के भीतर
- RBI नियम: अप्रैल 2024 में नए नियम जारी किए गए
- महत्व: बैंक की भविष्य की लाइसेंस प्रक्रिया
बैंक ने पहले भी संकेत दिया था कि कुछ आंतरिक मुद्दों को हल करने के बाद वह यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए प्रयास जारी रखेगा। RBI ने अप्रैल 2024 में छोटे वित्त बैंकों के लिए यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के आवेदन से जुड़े नए नियम जारी किए थे।
RBI के नियमों के अनुसार बैंक को पूरे करने होंगे मानक
इन नियमों के अनुसार, आवेदन करने वाले बैंक के पास लगातार दो वित्त वर्षों में शुद्ध लाभ होना चाहिए। साथ ही पिछले दो वित्त वर्षों में उसका gross और net NPA क्रमशः 3 प्रतिशत और 1 प्रतिशत से कम होना जरूरी है। Jana Small Finance Bank के लिए इन मानकों को पूरा करना लाइसेंस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। निवेश या वित्तीय निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ सलाह जरूर लें।
