JEE Advanced 2026: 12वीं में 75% से कम नंबर आने पर भी IIT में एडमिशन का मौका? जानिए पूरे नियम

क्या 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75% स्कोर न आने पर IIT में एडमिशन की आपकी उम्मीद खत्म हो जाती है? भले ही आपके 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम नंबर आए हों, फिर भी आप JEE Advanced के लिए खास क्वालिफ़ाइंग शर्तों और दूसरे मौकों के बारे में जानकर देश के सबसे अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन पा सकते हैं।

JEE Advanced 2026 और 75% नियम को लेकर बड़ी जानकारी

18 मई, 2026 को, JEE Main पास करने वाले टॉप 2.5 लाख उम्मीदवार JEE Advanced 2026 की परीक्षा देंगे। हालाँकि, IIT में एडमिशन के लिए सिर्फ़ JEE Advanced परीक्षा पास करना ही काफ़ी नहीं है। इसके अलावा, 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75% नंबरों से पास होना भी ज़रूरी है। अब जब ज़्यादातर राज्यों ने अपने बोर्ड के नतीजे जारी कर दिए हैं, तो कई छात्र परेशान हैं क्योंकि उनके नंबर 75% के कटऑफ़ से कम हैं। क्या इसका मतलब यह है कि उनकी सारी मेहनत बेकार चली गई?

कहानी अभी खत्म नहीं हुई है, इसलिए घबराएँ नहीं। माता-पिता और छात्रों को अक्सर लगता है कि अगर किसी छात्र के 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75% नंबर नहीं आते, तो IIT में एडमिशन पाना नामुमकिन है। लेकिन असल में, नियम काफ़ी अलग और ज़्यादा लचीले हैं। 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम नंबर आने के बावजूद, आप JEE Advanced परीक्षा दे सकते हैं, क्योंकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और IIT काउंसिल ने कुछ विकल्प और छूट दी हैं। अगर आपके 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75% से कम नंबर आए हैं, तो आपको ये कदम उठाने चाहिए।

🎓 IIT Admission Eligibility Rules 2026

  • JEE Advanced Exam Date: 18 मई 2026
  • General/OBC Requirement: 12वीं में कम से कम 75% अंक
  • SC/ST/PwD Requirement: कम से कम 65% अंक
  • Alternative Option: Top 20 Percentile से भी पात्रता संभव
  • Subjects Counted: Physics, Chemistry, Maths, Language और एक अन्य विषय
  • Main Relief: कम अंक आने पर भी विकल्प मौजूद

किन छात्रों को मिलती है 75% नियम में राहत?

IIT में एडमिशन पाने के लिए, जनरल और OBC (NCL) कैटेगरी के छात्रों को 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75% नंबर लाने होंगे। दूसरी ओर, SC, ST और PwD (दिव्यांग) कैटेगरी के छात्रों के लिए यह ज़रूरी शर्त 65% है। इन नंबरों की गिनती करते समय फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री, मैथ, एक भाषा और एक अन्य विषय के नंबरों को ध्यान में रखा जाता है। अब, अगर आपके Class 12 के ग्रेड ज़रूरी शर्तों को पूरा नहीं करते हैं, तो आप नीचे दिए गए विकल्पों पर विचार कर सकते हैं:

अगर आप अपने बोर्ड के “Top 20 Percentile” में आते हैं, तो भी आप JEE Advanced परीक्षा दे सकते हैं, भले ही आपका स्कोर 75% से कम हो।

Top 20 Percentile Rule कैसे काम करता है?

हर बोर्ड, जिसमें CBSE, UP Board और Bihar Board शामिल हैं, हर साल अपनी कट-ऑफ लिस्ट जारी करता है। भले ही आपका अपना स्कोर 75% से कम हो, लेकिन अगर आप अपने बोर्ड के उन Top 20% छात्रों में शामिल हैं जिन्होंने सबसे ज़्यादा स्कोर किया है, तो आपको IITs में एडमिशन के लिए योग्य माना जाएगा। जिन सालों में बोर्ड का पेपर ज़्यादा मुश्किल होता है, उन सालों में Top 20 percentile की कट-ऑफ कभी-कभी 70% या उससे भी नीचे जा सकती है।

📊 Top 20 Percentile Rule Explained

  • Eligibility: 75% से कम अंक होने पर भी मौका
  • Condition: अपने बोर्ड के Top 20% छात्रों में शामिल होना जरूरी
  • Applicable Boards: CBSE, Bihar Board, UP Board सहित सभी बोर्ड
  • Benefit: कठिन पेपर वाले वर्षों में cutoff कम हो सकती है
  • Important: Official percentile cutoff हर साल बदलती है

Improvement Exam भी बन सकता है दूसरा मौका

अगर आपका स्कोर न तो 75% से ज़्यादा है और न ही आप Top 20 percentile में आते हैं, तो आप “Improvement Exam” देने का विकल्प चुन सकते हैं। एक या ज़्यादा विषयों में दोबारा परीक्षा देने से आपका स्कोर बढ़ जाएगा।

ध्यान दें: अगर आप इस साल Improvement Exam दे रहे हैं, तो आपको यह पक्का करना होगा कि अपडेटेड नतीजों के बाद, आपका कुल स्कोर या तो 75% की कट-ऑफ से ज़्यादा हो जाए या फिर आप उस खास साल के Top 20 percentile में आ जाएं।

📝 Improvement Exam और दूसरे विकल्प

  • Improvement Exam: एक या अधिक विषयों में दोबारा परीक्षा
  • Main Goal: 75% cutoff या Top 20 Percentile हासिल करना
  • Alternative Colleges: NITs, IIITs और Private Universities
  • Drop Year Option: अगले साल बोर्ड दोबारा देने का मौका
  • Important Point: JEE Main Rank कई कॉलेजों में सबसे अहम होती है

कम बोर्ड मार्क्स होने पर कौन से दूसरे विकल्प मौजूद हैं?

अगर आप ऊपर बताए गए किसी भी तरीके से JEE Advanced के लिए बोर्ड से जुड़ी योग्यता की शर्तें पूरी नहीं कर पाते हैं, तो आप ऐसे इंजीनियरिंग कॉलेजों में अप्लाई करने के बारे में सोच सकते हैं जो Class 12 के ग्रेड को ज़्यादा अहमियत नहीं देते हैं, या जहाँ एडमिशन के लिए कम से कम 60% अंकों की शर्त रखी गई है। कई प्राइवेट यूनिवर्सिटी, NITs और IIITs की एडमिशन पॉलिसी अलग-अलग होती हैं। अपने ग्रेड बेहतर करने के लिए, आप एक साल का “Drop” (गैप ईयर) लेने का भी फ़ैसला कर सकते हैं, ताकि आप पढ़ाई करके अगले साल दोबारा बोर्ड की परीक्षा दे सकें।

खास तौर पर, IITs, NITs और सरकार से फ़ंड पाने वाले कई इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए 75% अंकों की शर्त लागू होती है। याद रखें कि आपका JEE स्कोर और आपने जो मेहनत की है, वह कभी बेकार नहीं जाएगी। कई इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए उम्मीदवार की JEE Main रैंक ही सबसे ज़रूरी पैमाना होती है।

Disclaimer: एडमिशन नियम, cutoff और percentile criteria हर साल बदल सकते हैं। छात्र आधिकारिक JEE Advanced और JoSAA वेबसाइट से नवीनतम जानकारी जरूर जांचें।

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I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

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