NEET 2026 पेपर लीक से टूटी छात्रा प्रणवी सेंगर की उम्मीदें, 612 अंक आने की थी उम्मीद

दिल्ली की छात्रा प्रणवी सेंगर NEET 2026 पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद मानसिक तनाव और भविष्य को लेकर चिंता में हैं। तीन साल की मेहनत के बाद अच्छे अंक आने की उम्मीद रखने वाली प्रणवी अब परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही हैं।

दिल्ली की छात्रा प्रणवी सेंगर NEET 2026 पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से सदमे में हैं; उन्हें 612 अंक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब वह सिस्टम की लापरवाही और मानसिक तनाव को लेकर सवाल उठा रही हैं।

तीन साल की मेहनत के बाद टूटा सपना

प्रणवी पिछले तीन सालों से NEET की तैयारी कर रही हैं। चयन पाने के लिए उन्होंने दो बार असफल प्रयास किए थे। 2026 की NEET परीक्षा में उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा, उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें लगभग 612 अंक मिलेंगे। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ गया था कि इस बार उन्हें किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल जाएगा।

जब उन्हें पेपर लीक होने की खबर मिली, तो उनकी घबराहट थोड़ी बढ़ गई; लेकिन जब परीक्षा रद्द होने की खबर आई, तो उन्हें ऐसा लगा जैसे उनकी तीन साल की कड़ी मेहनत पल भर में ही बेकार चली गई हो। इन तीन सालों में उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने के लिए सामाजिक मेलजोल, घूमने-फिरने और पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने से पूरी तरह दूरी बना ली थी।

😔 प्रणवी सेंगर की सबसे बड़ी चिंताएं

  • अपेक्षित अंक: लगभग 612
  • तैयारी का समय: लगातार 3 साल
  • मुख्य समस्या: NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द
  • मानसिक स्थिति: तनाव, घबराहट और निराशा
  • बड़ा सवाल: “क्या दोबारा पेपर फिर लीक नहीं होगा?”
  • सहारा: शिक्षक और परिवार की काउंसलिंग

नतीजतन, परीक्षा रद्द होने की घटना उनके लिए बेहद निराशाजनक और दुखद साबित हुई है। दिल्ली की रहने वाली प्रणवी सेंगर, जो पिछले तीन सालों से डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं, पूछती हैं, “क्या इस बात की कोई गारंटी है कि जब NEET की परीक्षा दोबारा होगी, तो पेपर फिर से लीक नहीं होगा?” उन्हें पूरी उम्मीद थी कि इस बार परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के कारण उनका चयन पक्का हो जाएगा। लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद वह काफी परेशान हो गईं और अब अपने शिक्षकों से काउंसलिंग (थेरेपी) ले रही हैं।

2024 के विवाद के बाद भी नहीं बदली व्यवस्था

प्रणवी को याद है कि अपनी तीन साल की तैयारी के दौरान उन्होंने 2024 के NEET पेपर लीक के कारण मचे भारी हंगामे को देखा था, जिसने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे। इन सब बातों के बावजूद, उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि 2026 में भी कुछ ऐसा ही होगा। 2026 की परीक्षा देने और उसमें अच्छा प्रदर्शन करने के बाद, उन्हें शुरू में काफी राहत और तनाव-मुक्त महसूस हुआ था; उन्हें लगा था कि अब उन्हें आगे और पढ़ाई करने या उतनी ही कड़ी मेहनत करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

📘 NEET 2026 विवाद के मुख्य बिंदु

  • पेपर लीक आरोप: गेस पेपर्स से सवाल मिलने का दावा
  • कथित मिलान: 120–140 सवाल समान बताए गए
  • एजेंसी: NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल
  • जांच: CBI जांच जारी
  • छात्रों की मांग: जवाबदेही और पारदर्शिता
  • मुख्य चिंता: भविष्य में परीक्षा सुरक्षा

प्रणवी ने बताया कि इस बार 612 से अधिक अंक मिलने की उम्मीद होने के कारण उनका चयन लगभग पक्का लग रहा था; लेकिन पेपर लीक होने और उसके परिणामस्वरूप NEET परीक्षा के स्थगित होने से उन्हें एक बार फिर से घबराहट और चिंता होने लगी है। अपनी तैयारी दोबारा शुरू करते हुए वह सोचती हैं, “अगर पेपर फिर से लीक हो जाता है या परीक्षा दोबारा रद्द हो जाती है, तो इसके लिए ज़िम्मेदार कौन होगा?” इसके अलावा, उन्होंने बताया कि परीक्षा के असल सवालों में से 120 से 140 सवाल कथित तौर पर “गेस पेपर्स” (अनुमानित सवालों के सेट) में दिए गए सवालों से बिल्कुल मिलते-जुलते थे।

प्रणवी सेंगर के अनुसार, NEET परीक्षा इतनी घोर लापरवाही से आयोजित की गई, जबकि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटना है जिसके स्वास्थ्य सेवा प्रणाली और लाखों छात्रों के जीवन और भविष्य पर दूरगामी परिणाम होते हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि इससे पूरी व्यवस्था पर ही सवाल खड़े हो जाते हैं। व्यवस्था में ऊंचे पदों पर बैठे लोगों को इस चूक की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए और यह स्वीकार करना चाहिए कि गलती उन्हीं के स्तर पर हुई है। प्रणवी सेंगर ने आगे कहा कि जिन छात्रों ने NEET की तैयारी में दो या तीन साल लगाए हैं, वे अब दोबारा परीक्षा देने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन इस समय वे बहुत ज़्यादा चिंता और मानसिक तनाव से गुज़र रहे हैं।

दोबारा परीक्षा को लेकर छात्रों में डर

⚠️ छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव

  • मुख्य असर: मानसिक तनाव और असुरक्षा
  • दुविधा: दोबारा परीक्षा दें या नहीं
  • कट-ऑफ चिंता: नए पैटर्न का डर
  • भविष्य चिंता: फिर से पेपर लीक होने का डर
  • परिवार का समर्थन: माता-पिता और शिक्षक साथ में
  • फोकस: दोबारा तैयारी शुरू

छात्र ने आगे बताया कि ज़्यादातर छात्र परेशान हैं और इस बात पर सोच-विचार कर रहे हैं कि उन्हें दोबारा परीक्षा देनी चाहिए या नहीं, लेकिन उन्होंने अपने माता-पिता और शिक्षकों की सलाह पर परीक्षा देने का फैसला किया है। उन्होंने आगे कहा कि शुरुआत में वे दोबारा परीक्षा देने को लेकर हिचकिचा रही थीं, क्योंकि यह अंदाज़ा लगाना नामुमकिन था कि पेपर किस तरह का आएगा या कट-ऑफ अंकों का पैटर्न कैसा रहेगा। लेकिन अपने माता-पिता और शिक्षकों की सलाह मानते हुए, अब वे दोबारा परीक्षा देंगी और अपनी पढ़ाई फिर से शुरू करेंगी।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और छात्र के बयानों पर आधारित है। NEET और NTA से जुड़े सभी आधिकारिक अपडेट केवल आधिकारिक स्रोतों से ही प्राप्त करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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