झारखंड सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और विनिर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे राज्य में रोजगार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
झारखंड सरकार ने नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श कार्यक्रम के दौरान ₹87,000 करोड़ के निवेश प्रस्तावों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन निवेशों का उद्देश्य राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर, विनिर्माण, औद्योगिक बुनियादी ढांचा और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया।
झारखंड में ₹87,000 करोड़ निवेश और AI नीति पर बड़ा फोकस
राज्य सरकार ने इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विकास की अपनी नई रणनीति भी पेश की। इसके तहत प्रस्तावित झारखंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति 2026-2031 का उद्देश्य सरकारी सेवाओं में जिम्मेदार तरीके से AI का उपयोग बढ़ाना और तकनीकी कंपनियों के लिए बेहतर निवेश माहौल तैयार करना है। सरकार अगले पांच वर्षों में AI से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल क्षमता को मजबूत करने के लिए ₹1,150 करोड़ निवेश करने की योजना बना रही है।
इस योजना के तहत मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण और खनिज प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी AI आधारित समाधान लागू करने की तैयारी है। राज्य AI मिशन, AI क्लाउड, इनोवेशन हब और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी सुविधाएं विकसित करने की भी योजना बना रहा है।
📌 झारखंड निवेश और AI योजना की प्रमुख बातें
- कुल निवेश प्रस्ताव: ₹87,000 करोड़
- AI निवेश: ₹1,150 करोड़
- प्रमुख क्षेत्र: AI, डेटा सेंटर, IT, विनिर्माण
- नई नीति: झारखंड AI नीति 2026-2031
- उद्देश्य: डिजिटल विकास और रोजगार सृजन
डेटा सेंटर और औद्योगिक विकास पर सरकार का जोर
सरकार केवल डिजिटल तकनीक तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि विनिर्माण और औद्योगिक विकास पर भी विशेष जोर दे रही है। राज्य इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण, लॉजिस्टिक्स, वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक ढांचे में निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए झारखंड अपने समृद्ध खनिज संसाधनों और मौजूदा औद्योगिक आधार का लाभ उठाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इन निवेश प्रस्तावों से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, औद्योगिक क्षमता बढ़ेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को लंबे समय में मजबूती मिलेगी। साथ ही AI आधारित प्रशासनिक व्यवस्था से सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होने और घरेलू व विदेशी निवेशकों के लिए झारखंड को अधिक आकर्षक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
💡 किन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ?
- डेटा सेंटर: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
- AI: सरकारी सेवाओं में स्मार्ट तकनीक
- विनिर्माण: औद्योगिक निवेश और उत्पादन
- इलेक्ट्रिक वाहन: EV उद्योग को बढ़ावा
- रोजगार: नए निवेश से रोजगार के अवसर
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश और सरकारी नीतियों में समय के साथ बदलाव संभव है।

