जिंदल स्टील ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। उत्पादन और बिक्री में गिरावट के बावजूद कंपनी ने बेहतर लागत प्रबंधन, मजबूत Product Mix और Value-added Steel की बढ़ती हिस्सेदारी के दम पर वित्तीय प्रदर्शन को संतुलित रखने की कोशिश की।
जिंदल स्टील ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी करते हुए बताया कि अप्रैल से जून के दौरान कंपनी का समायोजित EBITDA 2,667 करोड़ रुपये रहा। वहीं इस अवधि में कंपनी का एकीकृत शुद्ध मुनाफा 844 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय 17,834 करोड़ रुपये रही।
जिंदल स्टील की पहली तिमाही में EBITDA 2,667 करोड़ रुपये
कंपनी ने बताया कि प्रमुख संयंत्रों में पहले से तय रखरखाव कार्य के कारण उत्पादन और बिक्री पर असर पड़ा। इस दौरान इस्पात उत्पादन 10 प्रतिशत घटकर 24 लाख टन रह गया, जबकि बिक्री 15 प्रतिशत कम होकर 22.3 लाख टन पर पहुंच गई। पिछली तिमाही की तुलना में कुल आय में भी गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि उत्पादन और बिक्री कम रहने के बावजूद कंपनी की आय पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। इसकी वजह बेहतर कीमतें, लागत पर नियंत्रण और अधिक मूल्य वाले उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी रही। पहली तिमाही में कंपनी की कुल बिक्री में Value-added Steel की हिस्सेदारी बढ़कर 66 प्रतिशत हो गई, जो पिछली तिमाही में 61 प्रतिशत थी। वहीं Export का योगदान भी 5 प्रतिशत से बढ़कर 9 प्रतिशत हो गया।
पहली तिमाही के प्रमुख आंकड़े
- EBITDA: 2,667 करोड़ रुपये
- शुद्ध मुनाफा: 844 करोड़ रुपये
- कुल आय: 17,834 करोड़ रुपये
- इस्पात उत्पादन: 24 लाख टन
- बिक्री: 22.3 लाख टन
कर्ज और निवेश की स्थिति कैसी रही?
30 जून 2026 तक कंपनी का एकीकृत शुद्ध कर्ज 15,927 करोड़ रुपये रहा, जो मार्च तिमाही के अंत में 16,019 करोड़ रुपये था। हालांकि कमाई में कमी आने के कारण कर्ज और EBITDA का अनुपात थोड़ा बढ़कर 1.71 गुना हो गया।
तिमाही के दौरान कंपनी ने 1,959 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश भी किया। इसके अलावा कंपनी ने जानकारी दी कि उत्कल बी1 लौह अयस्क खदान से आपूर्ति शुरू हो गई है। इससे भविष्य में कच्चे माल की उपलब्धता बेहतर होगी और कंपनी के एकीकृत इस्पात कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर?
- Product Mix: अधिक मूल्य वाले उत्पाद
- Capex: 1,959 करोड़ रुपये का निवेश
- कच्चा माल: उत्कल बी1 खदान से आपूर्ति
- Export: योगदान बढ़कर 9 प्रतिशत
- उम्मीद: रखरखाव के बाद उत्पादन में सुधार
कंपनी ने आगे के लिए क्या उम्मीद जताई?
कंपनी का कहना है कि रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद उत्पादन में सुधार आने की संभावना है। साथ ही बेहतर लागत प्रबंधन, मजबूत Product Mix, Capex निवेश और कच्चे माल की उपलब्धता से आने वाली तिमाहियों में कारोबार को फायदा मिल सकता है।
Disclaimer: यह जानकारी कंपनी द्वारा जारी वित्तीय नतीजों पर आधारित है। निवेश से पहले आधिकारिक दस्तावेज और विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
