उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक जियो डिस्ट्रीब्यूटर के साथ मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना का कारण कथित तौर पर SIM Port को लेकर क्षेत्रीय विवाद बताया जा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि कुछ लोगों ने पहले उनके साथ मारपीट की और बाद में हथियार दिखाकर उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए मजबूर किया। मामले में पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया गया है।
हाथरस में जियो डिस्ट्रीब्यूटर से मारपीट का मामला
घटना की मुख्य बातें
- स्थान: हाथरस, उत्तर प्रदेश
- पीड़ित: जियो डिस्ट्रीब्यूटर राघवेंद्र सिंह उर्फ राहुल सेंगर
- विवाद: SIM Port को लेकर क्षेत्रीय विवाद
- आरोप: मारपीट, धमकी और जबरन माफी
- सबूत: CCTV फुटेज और वीडियो होने का दावा
- स्थिति: मामला न्यायालय पहुंचा
जानकारी के अनुसार, कौमरी गांव निवासी राघवेंद्र सिंह उर्फ राहुल सेंगर जियो के डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि वह एक गांव में अपनी दुकान का हिसाब देखने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर कुछ युवकों पर पड़ी, जो मोबाइल ऐप के जरिए सिम पोर्ट का काम कर रहे थे। राघवेंद्र ने उस क्षेत्र को अपना कार्यक्षेत्र बताते हुए आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
पीड़ित का आरोप है कि कुछ समय बाद जब वह दूसरे गांव पहुंचे तो आरोपियों ने अपने साथियों के साथ उन्हें घेर लिया। इसके बाद उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान एक व्यक्ति हथियार लेकर आया और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप
राघवेंद्र का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें दुकान से बाहर खींच लिया और हथियार के बल पर पैर छूकर माफी मांगने के लिए मजबूर किया। उनका आरोप है कि इस पूरी घटना का उद्देश्य इलाके में डर का माहौल बनाना था।
मारपीट में पीड़ित के सिर और छाती में चोटें आने की बात कही गई है। उन्होंने किसी तरह मौके से निकलकर पुलिस को सूचना दी। बाद में उपचार के लिए उन्हें अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया।
मामले की वर्तमान स्थिति
- चोट: सिर और छाती में चोट लगने का दावा
- इलाज: अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज
- सबूत: CCTV फुटेज और वीडियो होने का दावा
- शिकायत: पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
- अदालत: ACJM न्यायालय में प्रार्थना पत्र
- आगे की प्रक्रिया: न्यायालय और जांच पर निर्भर
न्यायालय में पहुंचा मामला
पीड़ित का दावा है कि घटना के CCTV फुटेज और वीडियो मौजूद हैं। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसी वजह से उन्होंने अदालत का रुख किया और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग की।
बताया जा रहा है कि राघवेंद्र ने एसीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर पूरे मामले की जांच कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देश और जांच के आधार पर तय होगी।
फिलहाल इस मामले में आरोपियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पुलिस या प्रशासन की ओर से भी विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
