L&T देगा 1.4 लाख कर्मचारियों को AI Copilot, बड़ा फैसला

लार्सन एंड टुब्रो (L&T) अब अपने ज्यादातर कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स से जोड़ने की बड़ी योजना पर काम कर रही है। कंपनी की आईटी इकाई एलएंडटी माइंडट्री (LTM) करीब 1.40 लाख कर्मचारियों को माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट (Microsoft Copilot) लाइसेंस देने की तैयारी कर रही है। यह कदम L&T को उन शुरुआती बड़े भारतीय कारोबारी समूहों में शामिल कर सकता है, जो लगभग पूरी वर्कफोर्स को AI तकनीक से जोड़ रहे हैं।

L&T कर्मचारियों को AI टूल्स से जोड़ने की बड़ी तैयारी

L&T समूह में करीब 1.72 लाख कर्मचारी हैं। कंपनी का लक्ष्य है कि साल 2026 के अंत तक उसके कर्मचारियों को AI आधारित टूल्स उपलब्ध करा दिए जाएं। कंपनी का कहना है कि AI की मदद से कर्मचारी ज्यादा तेजी से काम कर सकेंगे, समस्याओं का समाधान जल्दी कर पाएंगे और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दे सकेंगे।

माइक्रोसॉफ्ट ने नवंबर 2023 में कोपायलट नाम का AI असिस्टेंट लॉन्च किया था। यह यूजर्स के सवालों के जवाब देने के साथ-साथ मानव संसाधन (HR), बिक्री और अन्य कामों में सहायता कर सकता है।

जानकारी के अनुसार, LTM और L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज (LTTS) पहले ही लगभग 1 लाख AI लाइसेंस का इस्तेमाल कर चुके हैं। बाकी कर्मचारियों को ये AI टूल्स दिसंबर 2026 तक उपलब्ध कराने की योजना है।

🤖 L&T AI योजना की मुख्य बातें

  • AI टूल: Microsoft Copilot
  • कर्मचारी: करीब 1.40 लाख कर्मचारियों को लाइसेंस
  • कुल वर्कफोर्स: लगभग 1.72 लाख कर्मचारी
  • लक्ष्य: 2026 के अंत तक AI उपलब्ध कराना
  • उद्देश्य: उत्पादकता और काम की गति बढ़ाना
  • शामिल इकाइयां: LTM और LTTS

गैर-आईटी कंपनियों में बढ़ रहा AI का इस्तेमाल

देश की बड़ी आईटी कंपनियां भी AI को तेजी से अपना रही हैं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस और विप्रो ने जून 2026 तक अपने कोपायलट इस्तेमाल को बढ़ाकर करीब 3 लाख लाइसेंस तक पहुंचा दिया है। हालांकि L&T का कदम खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह केवल आईटी कंपनी नहीं बल्कि इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र का बड़ा समूह है।

विशेषज्ञों का मानना है कि L&T का यह कदम दिखाता है कि अब AI का इस्तेमाल सिर्फ आईटी सेक्टर तक सीमित नहीं रह गया है। बड़ी गैर-आईटी कंपनियां भी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने और काम को आसान बनाने के लिए AI तकनीक अपना रही हैं।

L&T का उद्देश्य कर्मचारियों को तेजी से जानकारी उपलब्ध कराना, बेहतर निर्णय लेने में मदद करना और अलग-अलग स्थानों पर काम करने वाली टीमों के बीच सहयोग बढ़ाना है। कंपनी के अनुसार, AI टूल्स रोजमर्रा के काम का हिस्सा बनेंगे और इससे पूरे समूह में डिजिटल बदलाव को गति मिलेगी।

AI अपनाने में लागत और चुनौतियां

हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि बड़े स्तर पर AI अपनाने में लागत एक बड़ी चुनौती हो सकती है। अगर AI टूल्स के इस्तेमाल के लिए ज्यादा लाइसेंस शुल्क या अतिरिक्त खर्च बढ़ता है, तो कंपनियों के लिए यह महंगा साबित हो सकता है।

फिलिपकैपिटल के आईटी विश्लेषक करण उप्पल के अनुसार, AI टूल्स से कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ सकती है, लेकिन कंपनियों को इसके इस्तेमाल की लागत पर भी ध्यान देना होगा। वहीं, अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर AI का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो इससे कर्मचारियों को ज्यादा महत्वपूर्ण और रचनात्मक कामों पर ध्यान देने का मौका मिलेगा।

📈 L&T के AI बदलाव का असर

  • उत्पादकता: कर्मचारियों के काम की क्षमता में सुधार
  • निर्णय क्षमता: बेहतर और तेज फैसले लेने में मदद
  • इंजीनियरिंग सेक्टर: AI का बढ़ता उपयोग
  • भविष्य: AI कारोबार रणनीति का अहम हिस्सा
  • लाभ: रचनात्मक और महत्वपूर्ण कामों पर फोकस
  • चुनौती: AI लाइसेंस और लागत प्रबंधन

इंजीनियरिंग सेक्टर में AI से बदलेंगे काम के तरीके

HFS रिसर्च के सीईओ फिल फर्स्ट ने कहा कि AI की मदद से इंजीनियरिंग क्षेत्र के विशेषज्ञ जानकारी जुटाने और प्रबंधन जैसे कामों में कम समय लगाएंगे और वास्तविक तकनीकी समस्याओं को हल करने पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे।

L&T का यह AI अभियान कंपनी की नई पांच वर्षीय योजना ‘लक्ष्य 31’ का भी हिस्सा है। इस योजना के तहत कंपनी वित्त वर्ष 2026 से 2031 के बीच अपने राजस्व में 12-15 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रही है।

L&T समूह ने वित्त वर्ष 2026 में करीब 2.86 लाख करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया था। कंपनी की आईटी इकाइयां भी आने वाले वर्षों में अपने कारोबार को दोगुना करने का लक्ष्य बना रही हैं।

L&T का टेक्नोलॉजी क्षेत्र में विस्तार

L&T ने पहले भी तकनीक क्षेत्र में कई कदम उठाए हैं। कंपनी ने दिसंबर 1996 में आईटी क्षेत्र में प्रवेश किया था। इसके बाद उसने L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज की शुरुआत की और 2024 में डेटा सेंटर कारोबार में भी कदम रखा।

AI को बड़े स्तर पर अपनाने का यह कदम बताता है कि आने वाले समय में कंपनियां कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने और कारोबार को तेज करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। AI निवेश और रणनीति में बदलाव संभव हैं।

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