HDFC Bank के चेयरमैन बने राजीव कुमार, RBI ने दी मंजूरी

एचडीएफसी बैंक ने बताया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति 15 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी और उनका कार्यकाल तीन साल का रहेगा। बैंक ने इसकी जानकारी एक नियामकीय फाइलिंग के जरिए दी।

HDFC Bank में राजीव कुमार बने पार्ट-टाइम चेयरमैन

एचडीएफसी बैंक के अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री अब भी बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। राजीव कुमार इससे पहले भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त और वित्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

राजीव कुमार ने वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव के रूप में साल 2017 से 2020 तक काम किया था। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय क्षेत्र में कई बड़े सुधारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वित्तीय सेवा विभाग में उनके कार्यकाल के दौरान करीब 3.38 लाख फर्जी कंपनियों के बैंक खाते फ्रीज किए गए थे। इसके अलावा अवैध वित्तीय गतिविधियों और पोंजी योजनाओं पर भी सख्ती की गई थी।

🏦 राजीव कुमार की नियुक्ति से जुड़ी मुख्य जानकारी

  • बैंक: HDFC Bank
  • नियुक्ति: पार्ट-टाइम चेयरमैन
  • मंजूरी: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
  • कार्यकाल: तीन साल
  • प्रभावी तारीख: 15 जुलाई 2026
  • पूर्व पद: मुख्य चुनाव आयुक्त और वित्त सचिव

बैंकिंग सुधारों में राजीव कुमार की भूमिका

राजीव कुमार के नेतृत्व में बैंकों की बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए। इसमें गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) की सही पहचान, पारदर्शी प्रक्रिया और कर्ज लेने वालों की जवाबदेही तय करना शामिल था।

उनके कार्यकाल में बैंकिंग क्षेत्र में ‘4R रणनीति’ यानी पहचान (Recognition), समाधान (Resolution), पुनर्पूंजीकरण (Recapitalisation) और सुधार (Reforms) पर जोर दिया गया। इन प्रयासों से सरकारी बैंकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया और उनकी संपत्ति गुणवत्ता बेहतर हुई।

राजीव कुमार के कार्यकाल में बड़े कर्ज डिफॉल्ट मामलों में सख्ती बढ़ाई गई। 50 करोड़ रुपये या उससे अधिक के कर्ज लेने वालों के लिए पासपोर्ट की जानकारी जरूरी की गई, ताकि बड़े डिफॉल्टर कार्रवाई से बचकर देश छोड़कर न जा सकें।

📊 राजीव कुमार के कार्यकाल के बड़े फैसले

  • फर्जी खाते: करीब 3.38 लाख फर्जी कंपनियों के बैंक खाते फ्रीज
  • रणनीति: 4R बैंकिंग सुधार मॉडल
  • NPA सुधार: गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों की सही पहचान
  • डिफॉल्टर कार्रवाई: बड़े कर्ज लेने वालों पर सख्ती
  • पुनर्पूंजीकरण: 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक
  • उद्देश्य: बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत बनाना

HDFC Bank और बैंकिंग सेक्टर के लिए नियुक्ति का महत्व

सरकारी बैंकों को मजबूत करने के लिए 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पुनर्पूंजीकरण भी किया गया। इससे बैंकों की वित्तीय क्षमता बढ़ी और वे ज्यादा कर्ज देने की स्थिति में आए।

राजीव कुमार की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बैंकिंग सेक्टर में कॉरपोरेट गवर्नेंस और जोखिम प्रबंधन को लेकर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। RBI लगातार बैंकों के बोर्ड की भूमिका को मजबूत करने और रणनीतिक फैसलों पर अधिक फोकस करने की दिशा में काम कर रहा है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। निवेश संबंधी निर्णय विशेषज्ञ सलाह के बाद लें।

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