Lupin ESG Ratings: सस्टेनेबिलिटी से कारोबार को मजबूती

दवा बनाने वाली कंपनी Lupin के लिए सस्टेनेबिलिटी अब केवल पर्यावरण की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कारोबार को मजबूत बनाने और लंबे समय तक मूल्य बढ़ाने की रणनीति बन गई है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक और ग्लोबल CFO रमेश स्वामीनाथन के अनुसार, पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और बेहतर प्रबंधन से जुड़े कदम लागत घटाने, जोखिम संभालने और प्रतिस्पर्धा में आगे रहने में मदद करते हैं।

Lupin की ESG रेटिंग और कारोबारी रणनीति

Lupin ने S&P Global की ESG रेटिंग में वैश्विक फार्मा क्षेत्र में शीर्ष स्थान हासिल किया है। कंपनी Dow Jones Best-in-Class World और Emerging Markets सूचकांकों में भी शामिल हुई। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन और जल सुरक्षा के लिए CDP से सर्वोच्च A रेटिंग मिली और कंपनी के जलवायु लक्ष्यों को Science Based Targets initiative (SBTi) से मान्यता मिली।

कंपनी ने वर्ष 2021 से पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और कॉरपोरेट गवर्नेंस यानी ESG को अपनी कारोबारी रणनीति का हिस्सा बनाने पर अधिक व्यवस्थित तरीके से काम किया। इसके लिए बोर्ड स्तर पर निगरानी, स्पष्ट जिम्मेदारियां और मापे जा सकने वाले लक्ष्य तय किए गए हैं। कंपनी के प्रमुख अधिकारियों के प्रदर्शन में भी ESG से जुड़े लक्ष्यों को शामिल किया गया है।

🌱 Lupin के पर्यावरण लक्ष्य

  • ESG रेटिंग: वैश्विक फार्मा क्षेत्र में S&P Global की रेटिंग में शीर्ष स्थान
  • उत्सर्जन में कमी: FY26 में Scope 1 और 2 उत्सर्जन में FY23 के आधार पर 40% से अधिक कमी
  • नवीकरणीय ऊर्जा: भारत में ऊर्जा खपत का करीब 50% हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से
  • जल संरक्षण: लगातार पांच वर्षों से Water Positive स्थिति
  • पानी का पुनर्चक्रण: भारत की सुविधाओं में कुल जल उपयोग का 45% पुनर्चक्रित

लॉजिस्टिक्स और स्वच्छ ऊर्जा पर जोर

Lupin ने माल ढुलाई में हवाई परिवहन की जगह समुद्री परिवहन का उपयोग बढ़ाया है। कंपनी के अनुसार, हवाई माल ढुलाई की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2024 के 34% से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 17% रह गई। इससे लॉजिस्टिक्स खर्च में बचत हुई और परिवहन से होने वाले उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिली।

कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, बायोमास और कृषि कचरे से बने ईंधन का उपयोग भी बढ़ा रही है। भारत में उसकी कुल ऊर्जा खपत का लगभग आधा हिस्सा अब नवीकरणीय स्रोतों से आता है। इससे जीवाश्म ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव के असर को कम करने और ऊर्जा सुरक्षा बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

इनहेलर और कार्बन उत्सर्जन घटाने की योजना

Lupin के मुताबिक, पारंपरिक प्रेशराइज्ड मीटर्ड डोज इनहेलर में इस्तेमाल होने वाले प्रोपेलेंट कंपनी के कुल Scope 3 कार्बन उत्सर्जन का लगभग 35% हिस्सा थे। कंपनी की शोध और विकास टीम कम ग्लोबल वार्मिंग क्षमता वाले प्रोपेलेंट से नए इनहेलर विकसित कर रही है। कंपनी का अनुमान है कि इस तकनीक से इनहेलर के इस्तेमाल से जुड़े उत्सर्जन में 90% से अधिक कमी संभव हो सकती है।

SBTi ने कंपनी के जलवायु लक्ष्यों को पेरिस समझौते के 1.5 डिग्री सेल्सियस मार्ग के अनुरूप मान्यता दी है। Lupin ने वित्त वर्ष 2030 तक वित्त वर्ष 2023 के आधार की तुलना में Scope 1 और 2 उत्सर्जन में 42% की पूर्ण कमी का लक्ष्य रखा था। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में वह इस लक्ष्य की दिशा में 40% से अधिक कमी हासिल कर चुकी थी।

💧 जल संरक्षण और स्वच्छ उत्पादन

  • Water Positive: लगातार पांच वर्षों से इस्तेमाल से अधिक पानी की भरपाई
  • जल पुनर्चक्रण: भारत की इकाइयों में कुल जल निकासी का 45% दोबारा उपयोग
  • जीरो लिक्विड डिस्चार्ज: छह प्रमुख संयंत्रों में अपशिष्ट जल का उपचार और पुनः उपयोग
  • ताजे पानी की खपत: FY21 के मुकाबले 10% पूर्ण कमी का लक्ष्य हासिल
  • आगे का लक्ष्य: FY33 तक Scope 3 उत्सर्जन तीव्रता में 61.07% कमी

पानी की बचत और ग्रीन केमिस्ट्री

दवा निर्माण में पानी की उपलब्धता और अपशिष्ट जल का सही उपचार जरूरी है। Lupin का कहना है कि वह लगातार पांच साल से Water Positive स्थिति में है, यानी कंपनी जितना पानी इस्तेमाल करती है उससे अधिक पानी की भरपाई करती है। भारत में उसकी इकाइयां कुल जल उपयोग का 45% पुनर्चक्रित करती हैं और छह प्रमुख संयंत्रों में अपशिष्ट जल को उपचारित करके दोबारा इस्तेमाल किया जाता है।

कंपनी दवा बनाने की प्रक्रियाओं में ग्रीन केमिस्ट्री को भी शामिल कर रही है। इसका उद्देश्य कच्चे माल और सॉल्वेंट का उपयोग घटाना, उत्पादन की उपज बढ़ाना और खतरनाक कचरे को कम करना है। भारत में बनने वाले ऐसे खतरनाक कचरे में से, जिसे जलाकर ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है, कंपनी के अनुसार 90% को ऊर्जा रिकवरी वाली सुविधाओं में प्री-प्रोसेसिंग और को-प्रोसेसिंग के लिए भेजा जाता है।

Scope 3 उत्सर्जन कम करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती है, क्योंकि इसका बड़ा हिस्सा सप्लायर और पूरी सप्लाई चेन से जुड़ा होता है। Lupin ने वित्त वर्ष 2024 के आधार पर वित्त वर्ष 2033 तक प्रति इकाई भौतिक उत्पादन मूल्य के हिसाब से Scope 3 उत्सर्जन तीव्रता में 61.07% कमी का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सप्लायर के साथ सहयोग, आकलन और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए Moneycontrol की रिपोर्ट देख सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. Lupin को ESG रेटिंग में कौन-सी उपलब्धि मिली?

Lupin ने S&P Global की ESG रेटिंग में वैश्विक फार्मा क्षेत्र में शीर्ष स्थान हासिल किया। कंपनी को जलवायु परिवर्तन और जल सुरक्षा के लिए CDP से A रेटिंग भी मिली।

2. Lupin का ESG से क्या मतलब है?

ESG का अर्थ पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और कॉरपोरेट गवर्नेंस है। इसमें प्रदूषण कम करना, कर्मचारियों और समुदायों की जिम्मेदारी निभाना तथा कारोबार में पारदर्शी और जवाबदेह प्रबंधन अपनाना शामिल है।

3. कंपनी ऊर्जा से जुड़े उत्सर्जन कैसे घटा रही है?

कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ा रही है और माल ढुलाई में हवाई परिवहन के बजाय समुद्री परिवहन अपना रही है। इन कदमों से ऊर्जा लागत और कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिल सकती है।

4. Lupin पानी बचाने के लिए क्या कर रही है?

Lupin अपनी भारतीय इकाइयों में पानी का पुनर्चक्रण करती है और कई संयंत्रों में अपशिष्ट जल का उपचार करके दोबारा उपयोग करती है। कंपनी का कहना है कि वह लगातार पांच वर्षों से Water Positive स्थिति में है।

5. ग्रीन केमिस्ट्री से दवा निर्माण को क्या लाभ है?

ग्रीन केमिस्ट्री से कच्चे माल, ऊर्जा और सॉल्वेंट का उपयोग कम करने, उत्पादन की उपज सुधारने और खतरनाक कचरा घटाने में मदद मिल सकती है। इससे परिचालन खर्च कम हो सकता है और उत्पादन प्रक्रिया अधिक सुरक्षित बन सकती है।

निष्कर्ष

Lupin की रणनीति दिखाती है कि पर्यावरण से जुड़े लक्ष्य कारोबार की दक्षता, जोखिम प्रबंधन और दीर्घकालीन विकास से जुड़े हो सकते हैं। उत्सर्जन घटाने, पानी बचाने और स्वच्छ उत्पादन पर कंपनी के कदमों का असर आगे उसके खर्च, प्रतिस्पर्धा और निवेशकों के भरोसे पर भी पड़ सकता है।

अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध रिपोर्ट पर आधारित सामान्य जानकारी है। इसे निवेश की सलाह न मानें। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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