महाराष्ट्र में स्कूल बस संचालक 15 अक्टूबर 2026 से बस शुल्क का भुगतान यूपीआई के जरिए लेना बंद करने जा रहे हैं। स्कूल बस मालिकों के संगठन ने इस संबंध में एक सूचना जारी की है।
इसमें अभिभावकों से कहा गया है कि वे बस की फीस जमा करने के लिए चेक, क्रेडिट कार्ड या भुगतान के दूसरे तरीकों का इस्तेमाल करें। इस फैसले का असर मुंबई समेत राज्य के अन्य हिस्सों में रहने वाले उन परिवारों पर पड़ सकता है, जो अभी स्कूल बस की फीस ऑनलाइन जमा करते हैं।
महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर से यूपीआई भुगतान बंद करने की तैयारी

स्कूल बस मालिकों के संगठन के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के कुछ यूपीआई लेनदेन पर नए शुल्क लागू होने की बात कही गई है। इससे बस संचालकों के लिए डिजिटल भुगतान लेना महंगा हो सकता है। स्कूल बस की फीस अक्सर एक साथ छह महीने के लिए जमा की जाती है, इसलिए इसकी रकम आम तौर पर 2,000 रुपये से अधिक होती है।
अभिभावकों के लिए जरूरी जानकारी
- यूपीआई से बस फीस लेने पर रोक 15 अक्टूबर 2026 से लागू करने की घोषणा की गई है।
- अभिभावकों को चेक, क्रेडिट कार्ड या अन्य भुगतान विकल्प अपनाने पड़ सकते हैं।
- यह बदलाव महाराष्ट्र के स्कूल बस संचालकों की घोषणा से जुड़ा है।
- सरकार की ओर से नए स्पष्टीकरण आने पर स्थिति बदल सकती है।
2,000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई भुगतान पर शुल्क का दावा
संगठन की ओर से जारी सूचना में दावा किया गया है कि 2,000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई भुगतान पर भुगतान सेवा देने वाली कंपनियां प्रति लेनदेन 200 रुपये तक का शुल्क ले सकती हैं। इसके अलावा, कुछ निर्धारित लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत की व्यापारी छूट दर यानी एमडीआर शुल्क लागू होने की भी बात कही गई है। हालांकि, इस रिपोर्ट में इन शुल्कों को लेकर सरकार की ओर से जारी कोई अलग अधिसूचना या भुगतान कंपनियों का विस्तृत निर्देश नहीं दिया गया है।
बस संचालकों ने सरकार से मांगी राहत
स्कूल बस संचालकों ने सरकार से इस शुल्क में छूट देने की मांग की है। उनका कहना है कि अतिरिक्त खर्च के कारण यूपीआई से फीस जमा करने की व्यवस्था चलाना मुश्किल हो सकता है। संगठन के अध्यक्ष अनिल गर्ग के मुताबिक, इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री को ईमेल भेजकर मांग रखी गई है। संगठन ने सोशल मीडिया के जरिए भी सरकार से इस विषय पर ध्यान देने की अपील की है।
यूपीआई शुल्क को लेकर क्या है विवाद?
स्कूल बस संचालकों का दावा है कि कुछ बड़े यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगने से फीस वसूलने की लागत बढ़ सकती है। हालांकि, 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर बताए गए शुल्क की पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी अधिसूचना या भुगतान सेवा प्रदाताओं के आधिकारिक निर्देश देखना जरूरी है।
स्कूल बसों और अन्य कारोबारियों को छूट देने की मांग
संगठन चाहता है कि स्कूल बसों, पेट्रोल पंपों और वाहन के कलपुर्जे बेचने वाले कारोबारियों को इस शुल्क से छूट मिले। उसके अनुसार, इन क्षेत्रों में अतिरिक्त शुल्क लगने से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने में परेशानी हो सकती है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर उसकी मांग पर राहत नहीं मिलती है, तो स्कूल बसों की फीस के लिए यूपीआई भुगतान स्थायी रूप से बंद किया जा सकता है।
अभिभावकों को फीस जमा करने के लिए अपनाने होंगे दूसरे विकल्प
इस बदलाव के बाद अभिभावकों को बस की फीस जमा करने के लिए दूसरे तरीकों का सहारा लेना पड़ सकता है। चेक से भुगतान करने के लिए पहले से तैयारी करनी होगी, जबकि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले परिवारों को अपने भुगतान की व्यवस्था उसी के अनुसार करनी होगी। फिलहाल, संगठन की घोषणा के अनुसार यह बदलाव 15 अक्टूबर से लागू होना है। हालांकि, सरकार की ओर से किसी छूट या नए स्पष्टीकरण की स्थिति में आगे की व्यवस्था बदल सकती है।
महाराष्ट्र में स्कूल बस की फीस और यूपीआई से जुड़े सवाल
1. महाराष्ट्र में स्कूल बसों के लिए यूपीआई भुगतान कब बंद होगा?
स्कूल बस मालिकों के संगठन की घोषणा के अनुसार, महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर 2026 से बस फीस का भुगतान यूपीआई के जरिए लेना बंद किया जा सकता है। हालांकि, आगे की व्यवस्था सरकार के किसी नए निर्देश या शुल्क में छूट मिलने पर बदल सकती है।
2. स्कूल बस की फीस जमा करने के लिए कौन से विकल्प होंगे?
संगठन ने अभिभावकों को चेक, क्रेडिट कार्ड या भुगतान के दूसरे तरीकों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। अभिभावकों को अपने स्कूल या बस संचालक से संपर्क करके यह पता करना चाहिए कि फीस जमा करने के लिए कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध होंगे।
3. क्या 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगेगा?
स्कूल बस संचालकों के संगठन ने कुछ बड़े यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगने का दावा किया है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए सरकार की आधिकारिक अधिसूचना या संबंधित भुगतान सेवा प्रदाताओं के निर्देश देखना जरूरी है।
4. स्कूल बस संचालक यूपीआई भुगतान बंद क्यों करना चाहते हैं?
संगठन का कहना है कि बड़े यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगने से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की लागत बढ़ सकती है। इसी वजह से उसने स्कूल बस संचालकों को राहत देने और कुछ कारोबारों को शुल्क से छूट प्रदान करने की मांग की है।
5. क्या महाराष्ट्र में यूपीआई से बस फीस का भुगतान स्थायी रूप से बंद हो जाएगा?
संगठन ने कहा है कि मांग पर राहत नहीं मिलने की स्थिति में यूपीआई भुगतान स्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। फिलहाल यह संगठन की घोषणा है। अंतिम स्थिति जानने के लिए स्कूल बस संचालक और सरकार की ओर से जारी होने वाली नई जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।
अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। यूपीआई शुल्क और भुगतान नियमों की पुष्टि के लिए आधिकारिक निर्देश देखें।