वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि जीएसटी 2.0 में किए गए सुधारों से कर की दरों और प्रक्रियाओं से जुड़ी करीब 99 प्रतिशत समस्याओं का समाधान हो गया है। उनके मुताबिक, फिलहाल कर की दरों में और बदलाव करने की कोई बड़ी जरूरत नहीं दिख रही है। सरकार का उद्देश्य कारोबारियों के लिए कर संबंधी नियमों का पालन आसान बनाना और कारोबार करने की प्रक्रिया को सरल करना है।
जीएसटी 2.0 के सुधारों से 99 प्रतिशत समस्याओं का समाधान
निर्मला सीतारमण ने यह बात जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में कही। यह बैठक 8 अक्टूबर को हुई थी। उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में लागू किए गए जीएसटी 2.0 सुधारों के पहले चरण में 300 से अधिक वस्तुओं पर कर की दरों में कटौती की गई थी। इसके बाद सभी वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की प्रभावी औसत दर 11.74 प्रतिशत से घटकर 10.84 प्रतिशत रह गई।
जीएसटी सुधारों की मुख्य बातें
- 300 से अधिक वस्तुओं पर कर की दरों में कटौती की गई।
- जीएसटी की प्रभावी औसत दर 11.74 प्रतिशत से घटकर 10.84 प्रतिशत हुई।
- कर वापसी की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने पर जोर दिया गया।
- कारोबारियों के लिए नियमों का पालन सरल बनाने की योजना है।
कर दरों में और बदलाव की फिलहाल जरूरत नहीं
वित्त मंत्री के अनुसार, कर की दरों में बदलाव से सरकार के राजस्व पर कोई खास असर नहीं पड़ा। अब सुधारों के दूसरे चरण में पंजीकरण, रिटर्न दाखिल करने और कर वापसी की प्रक्रिया को आसान बनाने पर ध्यान दिया गया है। इन बदलावों को राज्यों की सहमति से लागू किया जाना है, ताकि कारोबारियों को नियमों का पालन करने में कम परेशानी हो।
जीएसटी परिषद ने कर वापसी से जुड़े आवेदनों पर कार्रवाई का समय भी कम करने का फैसला किया है। अब आवेदन मिलने के बाद उसकी प्राप्ति की पुष्टि करने की समय सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन की जाएगी। यदि इस अवधि में न तो आवेदन मिलने की पुष्टि की जाती है और न ही उसमें कमी से जुड़ा कोई पत्र जारी होता है, तो आवेदन को स्वीकार किया हुआ माना जाएगा।
कर वापसी की प्रक्रिया में क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था के तहत आवेदन मिलने की पुष्टि के लिए 15 दिन के बजाय 10 दिन की समय सीमा होगी। जोखिम के आकलन के आधार पर मांगी गई कर वापसी की राशि का 90 प्रतिशत हिस्सा प्रणाली के जरिए मंजूर किया जा सकेगा। इससे प्रक्रिया में तेजी आने और अधिकारियों के सीधे हस्तक्षेप की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
कर वापसी का आदेश तीन कार्यदिवस में जारी होगा
नई व्यवस्था के तहत कर वापसी की राशि मंजूर करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया जाएगा। जोखिम के आकलन के आधार पर आवेदन में मांगी गई राशि का 90 प्रतिशत हिस्सा प्रणाली के जरिए मंजूर किया जा सकेगा। इसके लिए हर मामले में कर अधिकारी के सीधे हस्तक्षेप की जरूरत कम होगी। आवेदन स्वीकार होने के बाद कर वापसी का आदेश जारी करने की समय सीमा भी मौजूदा सात दिनों से घटाकर तीन कार्यदिवस कर दी जाएगी।
इसके अलावा, कारोबारियों के नकद खाते में जमा अतिरिक्त राशि वापस पाने की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित की जाएगी। इससे इस तरह की कर वापसी के लिए अधिकारियों की मंजूरी पर निर्भरता खत्म करने में मदद मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे कारोबारियों का समय बचेगा और उन्हें अपनी जमा राशि वापस पाने में कम परेशानी होगी।
निर्यातकों और छोटे कारोबारियों को मिल सकती है राहत
इन सुधारों से खास तौर पर निर्यात करने वाली कंपनियों और उन कारोबारियों को फायदा मिल सकता है, जिन्हें खरीद पर अधिक और बिक्री पर कम कर लगने के कारण कर वापसी का दावा करना पड़ता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कर वापसी के करीब 65 प्रतिशत आवेदन निर्यात या कर दरों में अंतर से जुड़े होते हैं। वहीं, लगभग 19 प्रतिशत आवेदन नकद खाते में पहले से जमा अतिरिक्त राशि वापस लेने के लिए किए जाते हैं। नई व्यवस्था से ऐसे कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
जीएसटी 2.0 सुधारों से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. जीएसटी 2.0 सुधारों से कितनी समस्याओं का समाधान हुआ है?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, जीएसटी 2.0 में किए गए सुधारों से कर की दरों और प्रक्रियाओं से जुड़ी करीब 99 प्रतिशत समस्याओं का समाधान हो गया है। फिलहाल सरकार को कर की दरों में और बड़े बदलाव की जरूरत नहीं दिख रही है।
2. जीएसटी की प्रभावी औसत दर कितनी कम हुई है?
सितंबर 2025 में लागू सुधारों के पहले चरण में 300 से अधिक वस्तुओं पर कर की दरें घटाई गई थीं। इसके बाद सभी वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की प्रभावी औसत दर 11.74 प्रतिशत से कम होकर 10.84 प्रतिशत रह गई।
3. जीएसटी रिफंड के आवेदन की पुष्टि कितने दिनों में होगी?
नई व्यवस्था के तहत कर वापसी के आवेदन मिलने की पुष्टि करने की समय सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन की जाएगी। यदि इस अवधि में पुष्टि या कमी से संबंधित पत्र जारी नहीं होता, तो आवेदन को स्वीकार किया हुआ माना जाएगा।
4. जीएसटी रिफंड में 90 प्रतिशत राशि कैसे मंजूर होगी?
जोखिम के आकलन के आधार पर आवेदन में मांगी गई कर वापसी की राशि का 90 प्रतिशत हिस्सा प्रणाली के जरिए मंजूर किया जा सकेगा। इससे हर मामले में कर अधिकारी के सीधे हस्तक्षेप की जरूरत कम होगी और प्रक्रिया तेज हो सकती है।
5. जीएसटी 2.0 सुधारों से किन कारोबारियों को फायदा होगा?
इन सुधारों से निर्यातकों, कर दरों में अंतर के कारण रिफंड मांगने वाले कारोबारियों और नकद खाते में जमा अतिरिक्त राशि वापस लेने वालों को फायदा मिल सकता है। स्वचालित प्रक्रिया से समय की बचत होगी और कर वापसी में होने वाली देरी कम हो सकती है।
बाहरी जानकारी: जीएसटी से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं के लिए जीएसटी पोर्टल देखें।
अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। जीएसटी नियमों और प्रक्रियाओं की पुष्टि के लिए आधिकारिक सरकारी सूचनाएं देखें।