मथुरा के गोवर्धन में लगने वाला प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेला शुरू हो गया है। मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए रेलवे और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने विशेष इंतजाम किए हैं।
मुड़िया पूर्णिमा मेले के लिए रेलवे ने शुरू की स्पेशल ट्रेनें
रेलवे ने श्रद्धालुओं के लिए 23 जुलाई से 31 जुलाई तक स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इसके साथ ही कई प्रमुख ट्रेनों का विस्तार और कुछ ट्रेनों को अस्थायी ठहराव भी दिया गया है, ताकि यात्रियों को गोवर्धन पहुंचने में परेशानी न हो।
मुड़िया पूर्णिमा मेला इस साल 23 जुलाई से 30 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है। हर साल गुरु पूर्णिमा के अवसर पर होने वाले इस मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और गोवर्धन की सात कोसी परिक्रमा करते हैं।
🚆 गोवर्धन मेला स्पेशल ट्रेन सुविधा
- मेला अवधि: 23 जुलाई से 30 जुलाई
- स्पेशल ट्रेन: 23 जुलाई से 31 जुलाई तक संचालन
- मुख्य स्टेशन: मथुरा जंक्शन, गोवर्धन, राधाकुंड
- सुविधा: श्रद्धालुओं को आसान यात्रा विकल्प
- उद्देश्य: भीड़ को नियंत्रित करना और यात्रा आसान बनाना
झांसी-आगरा कैंट पैसेंजर का डीग तक विस्तार
रेलवे ने ट्रेन नंबर 11901/11902 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट पैसेंजर का विस्तार डीग तक किया है। ट्रेन नंबर 11901 झांसी से डीग के लिए 29 और 30 जुलाई को चलेगी, जबकि ट्रेन नंबर 11902 डीग से झांसी के लिए 30 और 31 जुलाई को संचालित होगी।
यह ट्रेन आगरा कैंट, मथुरा जंक्शन, भूतेश्वर, मोरा, राधाकुंड और गोवर्धन जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इसके अलावा नई दिल्ली-आगरा कैंट इंटरसिटी एक्सप्रेस का विस्तार भी किया गया है, जो 24 से 31 जुलाई तक ग्वालियर तक चलेगी।
कई ट्रेनों के रूट और ठहराव में बदलाव
रेलवे ने कई मेमू ट्रेनों के रूट में भी बदलाव किया है। इटावा-आगरा कैंट मेमू को मथुरा जंक्शन तक चलाया जाएगा। इसके अलावा मथुरा-झांसी और झांसी-आगरा कैंट मेमू समेत अन्य ट्रेनों का संचालन भी यात्रियों की सुविधा के अनुसार किया जाएगा।
इसके साथ ही निजामुद्दीन-मदुरै एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-तिरुपति एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-कन्याकुमारी एक्सप्रेस और निजामुद्दीन-यशवंतपुर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को मथुरा जंक्शन और आगरा कैंट स्टेशन पर दो मिनट का अस्थायी ठहराव दिया गया है।
🚌 श्रद्धालुओं के लिए 1000 बसों की व्यवस्था
- बस सेवा: 23 से 30 जुलाई तक संचालन
- कुल बसें: करीब 1000 बसें
- रिजर्व बसें: 100 बसें अलग रखी गईं
- ड्राइवर: हर बस में दो ड्राइवर तैनात
- किराया: श्रद्धालुओं के लिए 50 रुपये
मेले के लिए रोडवेज ने भी की बड़ी तैयारी
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यूपी रोडवेज ने भी बड़ी तैयारी की है। मेले के दौरान 23 से 30 जुलाई तक श्रद्धालुओं के लिए करीब 1000 बसें चलाई जाएंगी। इनमें आगरा क्षेत्र की 250 बसें और प्रदेश के छह अन्य क्षेत्रों की 750 बसें शामिल हैं।
इसके अलावा 100 बसों को रिजर्व में रखा गया है। हर बस में दो ड्राइवर तैनात किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मेले को छह जोन में बांटा गया है।
यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन की तैयारी
रोडवेज ने श्रद्धालुओं के लिए बस किराया 50 रुपये निर्धारित किया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध रेलवे और प्रशासनिक घोषणाओं पर आधारित है, बदलाव संभव है।
