Navitas Semiconductor इस समय उन एआई-लिंक्ड सेमीकंडक्टर कंपनियों में शामिल है, जिनके आसपास ग्रोथ और जोखिम दोनों की कहानी एक साथ चल रही है। एक तरफ एआई डेटा सेंटर और हाई-पावर सर्वर की मांग से बड़ा अवसर दिख रहा है, तो दूसरी तरफ शेयर की तेज अस्थिरता, पेटेंट मुकदमा और नई इक्विटी फंडिंग योजना ने निवेशकों के लिए तस्वीर को जटिल बना दिया है।
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी तेज ग्रोथ की कहानी सुनाने वाली सेमीकंडक्टर कंपनी Navitas Semiconductor एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है, लेकिन इस बार वजह सिर्फ उसका टेक्नोलॉजी नैरेटिव नहीं, बल्कि शेयर में भारी उतार-चढ़ाव, कानूनी विवाद और फंड जुटाने की योजना भी है।
गुरुवार को कंपनी के शेयरों में करीब 9.65% की तेजी आई और यह 12.50 यूरो पर बंद हुआ, जबकि एक दिन पहले इसमें 7.61% की गिरावट आई थी। हालांकि इस उछाल के बावजूद शेयर अभी भी अपने 52 हफ्तों के उच्च स्तर 29.20 यूरो से करीब 57% नीचे है। दूसरी तरफ फरवरी के निचले स्तर 6.15 यूरो से यह 100% से ज्यादा ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि स्टॉक में अस्थिरता कितनी ज्यादा है।
Navitas Semiconductor पर AI ग्रोथ की उम्मीदें बरकरार, लेकिन पेटेंट केस, फंड जुटाने की योजना और शेयरों की अस्थिरता ने बढ़ाई चिंता
कंपनी 27 जुलाई को दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेगी, जिस पर बाजार की नजर टिकी है। पहली तिमाही में Navitas की आय तिमाही-दर-तिमाही 18% बढ़ी थी, जबकि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी बिक्री में 50% की उछाल आई थी। कंपनी का दांव गैलियम-नाइट्राइड (GaN) और सिलिकॉन-कार्बाइड (SiC) आधारित पावर चिप्स पर है, जिनका इस्तेमाल एआई डेटा सेंटर और हाई-पावर सर्वर सिस्टम में बढ़ रहा है।
Navitas का मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई सर्वर रैक की बिजली जरूरत काफी तेजी से बढ़ेगी, जिससे उसके पावर सेमीकंडक्टर प्रोडक्ट्स की मांग भी मजबूत हो सकती है। कंपनी का अनुमान है कि 2030 तक एआई डेटा सेंटर से जुड़ा उसका संभावित बाजार 1.4 अरब डॉलर से 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
लेकिन ग्रोथ की इस कहानी पर फिलहाल एक बड़ा कानूनी साया भी है। 8 जुलाई को प्रतिद्वंद्वी कंपनी Wolfspeed ने अमेरिका की डेलावेयर जिला अदालत में Navitas के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन का मुकदमा दायर किया। इस मुकदमे में Navitas की GaNFast, GaNSlim, GaNSafe, GeneSiC और SiCPAK जैसी तकनीकों को निशाना बनाया गया है, यानी वही प्रोडक्ट पोर्टफोलियो जिस पर कंपनी की एआई डेटा सेंटर रणनीति टिकी हुई है। Navitas ने आरोपों से इनकार किया है, लेकिन कहा है कि वह चल रहे मुकदमे पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करेगी। इस कानूनी चुनौती ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि अगर मामला लंबा खिंचता है तो इसका असर कंपनी की रणनीति और कारोबार दोनों पर पड़ सकता है।
AI डेटा सेंटर ग्रोथ स्टोरी के बीच पेटेंट मुकदमे ने बढ़ाई अनिश्चितता
Navitas Semiconductor की मौजूदा तस्वीर
- ताजा बंद भाव: 12.50 यूरो
- एक दिन की तेजी: 9.65%
- पिछले सत्र की गिरावट: 7.61%
- 52 हफ्तों का उच्च स्तर: 29.20 यूरो
- 52-वीक हाई से दूरी: करीब 57% नीचे
- फरवरी के निचले स्तर 6.15 यूरो से बढ़त: 100% से ज्यादा
इसी बीच Navitas ने 500 मिलियन डॉलर तक के “एट-द-मार्केट” इक्विटी ऑफरिंग की भी शुरुआत की है। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल, सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों और संभावित अधिग्रहणों के लिए करना चाहती है। लेकिन नए शेयर जारी करने की योजना से निवेशकों को हिस्सेदारी कमजोर पड़ने यानी dilution का जोखिम भी दिख रहा है। यही वजह है कि एआई ग्रोथ स्टोरी के बावजूद बाजार फिलहाल Navitas को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर नहीं आ रहा।
तकनीकी संकेत भी मिले-जुले हैं। शेयर का 14-दिन का RSI करीब 36.3 पर है, जो बताता है कि स्टॉक ओवरसोल्ड जोन के करीब है। लेकिन 50-दिन का मूविंग एवरेज 18.61 यूरो पर है, जो मौजूदा भाव से 32% से ज्यादा ऊपर है। इसका मतलब है कि शेयर पर दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। विश्लेषकों का औसत टारगेट प्राइस करीब 12.64 यूरो है, जो मौजूदा भाव से बहुत ज्यादा ऊपर नहीं है। इससे साफ है कि बाजार फिलहाल कंपनी को लेकर न तो बहुत ज्यादा उत्साहित है और न ही पूरी तरह निराश।
फंड जुटाने की योजना, dilution का जोखिम और तकनीकी संकेत क्या बता रहे हैं
कंपनी के आगे के बड़े ट्रिगर और जोखिम
- अगला बड़ा इवेंट: 27 जुलाई को दूसरी तिमाही के नतीजे
- Q1 प्रदर्शन: आय 18% बढ़ी, AI इंफ्रास्ट्रक्चर बिक्री 50% उछली
- मुख्य टेक फोकस: GaN और SiC आधारित पावर चिप्स
- फंड जुटाने की योजना: 500 मिलियन डॉलर तक की एट-द-मार्केट इक्विटी ऑफरिंग
- मुख्य जोखिम: पेटेंट मुकदमा, dilution, शेयरों की अस्थिरता
- तकनीकी संकेत: RSI 36.3, जबकि 50-दिन का मूविंग एवरेज 18.61 यूरो
कुल मिलाकर, Navitas Semiconductor इस समय एक अहम मोड़ पर खड़ी दिख रही है। एक तरफ एआई डेटा सेंटर, हाई-पावर सर्वर और अगली पीढ़ी की पावर चिप्स में बड़ा अवसर है, तो दूसरी तरफ पेटेंट मुकदमा, शेयरों की तेज अस्थिरता और पूंजी जुटाने की योजना जैसे जोखिम भी सामने हैं। अब 27 जुलाई के तिमाही नतीजे और प्रबंधन की टिप्पणी यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि निवेशकों का भरोसा लौटता है या शेयर में उतार-चढ़ाव का दौर आगे भी जारी रहता है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले आधिकारिक फाइलिंग, जोखिम और अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर देखें।

