NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध के बीच CJP ने केंद्र सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें दोहराई हैं। संगठन ने कहा है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध के बीच CJP ने केंद्र सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें दोहराई हैं। संगठन ने कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उसकी सबसे बड़ी और गैर-समझौता मांग है। इसके अलावा परीक्षा रद्द होने के बाद प्रभावित छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कानूनी कार्रवाई नहीं करने की मांग भी रखी गई है।
CJP ने सरकार के सामने रखीं प्रमुख मांगें
शुक्रवार को CJP के दो प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली स्थित विठ्ठलभाई पटेल हाउस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से करीब दो घंटे तक बातचीत की। दोनों पक्षों के बीच हुई इस बैठक में परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार और CJP के बीच बातचीत का अगला दौर शनिवार को होने वाला है।
CJP ने सरकार से मांग की है कि NEET परीक्षा से जुड़े मामलों में दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई न की जाए। संगठन ने कहा कि देशभर के छात्रों और समर्थकों से चर्चा के बाद इन मांगों को अंतिम रूप दिया गया है और इन्हें वापस नहीं लिया जाएगा।
CJP की प्रमुख मांगें
- शिक्षा मंत्री: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
- परीक्षा सुधार: NEET व्यवस्था में बदलाव
- मुआवजा: प्रभावित छात्रों के परिवारों को सहायता
- कानूनी कार्रवाई: छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग
- जांच: कथित पेपर लीक मामलों पर कार्रवाई
मुआवजे और FIR वापसी की मांग
संगठन ने यह भी मांग रखी कि जिन छात्रों ने परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या की, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही CJP ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ गलत व्यवहार किया गया, इसलिए केंद्र सरकार, रैपिड एक्शन फोर्स के प्रमुख और दिल्ली पुलिस आयुक्त को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
बैठक के बाद CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर संगठन किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई है।
आंदोलन और सरकार की प्रतिक्रिया
- प्रदर्शन: कई शहरों में छात्रों और समर्थकों की भागीदारी
- सरकार का पक्ष: सभी मांगों पर विचार करने का आश्वासन
- अगली बैठक: शनिवार को बातचीत का दूसरा दौर
- आगे की योजना: समाधान न मिलने पर देशव्यापी आंदोलन की संभावना
- प्रधानमंत्री का बयान: पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बताया
सरकार और CJP के बीच आगे की बातचीत
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि देश के 150 से 200 से अधिक शहरों में प्रदर्शन कर रहे लोग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मांग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने की बात कही है और शनिवार को फिर से बातचीत होगी। यदि कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है तो संगठन देशव्यापी आंदोलन का आह्वान कर सकता है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने CJP की सभी मांगों को सुना है और उचित विचार के बाद जवाब दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शनिवार को एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच बातचीत होगी।
प्रधानमंत्री ने पेपर लीक को बताया गंभीर मुद्दा
इस पूरे मामले के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी परीक्षा पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद चिंताजनक हैं। सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए नए कदम उठाने की बात कही है।
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