नीट यूजी 2026 री-एग्जाम में पंजाब के लुधियाना निवासी आर्यन गुप्ता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल की है। आर्यन और हरियाणा के पंशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से टॉप किया है। आर्यन की इस सफलता के बाद उनके परिवार और रिश्तेदारों में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी उनके जश्न के वीडियो चर्चा में हैं।
NEET UG 2026 में आर्यन गुप्ता ने किया टॉप
आर्यन ने बताया कि इस सफलता के पीछे मेहनत के साथ-साथ किस्मत की भी भूमिका रही। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार और खासतौर पर अपने बड़े भाई को दिया, जिन्होंने NEET UG 2025 में AIR 54 हासिल की थी। आर्यन का परिवार मेडिकल क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। उनके पिता एनेस्थिसियोलॉजिस्ट और मां गायनेकोलॉजिस्ट हैं। परिवार के कई अन्य सदस्य भी डॉक्टर हैं, जिससे उन्हें बचपन से ही मेडिकल फील्ड में जाने की प्रेरणा मिली।
आर्यन ने बताया कि उनकी डॉक्टर बनने की इच्छा के पीछे एक व्यक्तिगत वजह भी है। उन्होंने कैंसर के कारण अपनी दादी को खो दिया था, इसलिए भविष्य में वह ऑन्कोलॉजिस्ट बनकर लोगों की मदद करना चाहते हैं। वह छठी कक्षा से ही ओलंपियाड जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहे थे, लेकिन NEET की गंभीर तैयारी उन्होंने 11वीं कक्षा से शुरू की।
आर्यन गुप्ता की सफलता की कहानी
- रैंक: NEET UG 2026 AIR 1
- अंक: 720 में से 715
- स्थान: लुधियाना, पंजाब
- प्रेरणा: परिवार और मेडिकल क्षेत्र
- लक्ष्य: ऑन्कोलॉजिस्ट बनकर सेवा करना
- तैयारी: 11वीं कक्षा से NEET की तैयारी शुरू की
री-एग्जाम के बाद बदली आर्यन की किस्मत
नीट यूजी की पहली परीक्षा रद्द होने के बाद आर्यन के लिए यह समय काफी मुश्किल था। पेपर लीक की खबरों के बाद 3 मई को हुई परीक्षा रद्द कर दी गई थी। आर्यन ने बताया कि यह खबर सुनकर वह काफी निराश हुए और दो दिन तक परेशान रहे, लेकिन बाद में उन्होंने स्थिति को स्वीकार किया और फिर से तैयारी में जुट गए।
उन्होंने बताया कि पहली परीक्षा में उनके पांच सवाल गलत हुए थे, जबकि री-एग्जाम में सिर्फ एक गलती हुई। दोबारा परीक्षा का मौका उनके लिए एक नए अवसर की तरह साबित हुआ और इसी वजह से वह देश के टॉप उम्मीदवार बन सके।
आर्यन का मानना है कि परीक्षा में मेहनत के साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य भी जरूरी होता है। उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान नींद और आराम को नजरअंदाज नहीं किया। वह रात में करीब छह घंटे सोते थे और दिन में थोड़ी देर आराम भी करते थे। उनका कहना है कि लगातार पढ़ाई के साथ छोटे ब्रेक लेने से पढ़ाई में फोकस बना रहता है।
लगातार अभ्यास से मिली सफलता
आर्यन ने अपनी सफलता में regular practice और शिक्षकों के मार्गदर्शन को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि लगातार टेस्ट देने और अपनी गलतियों को सुधारने से उनकी तैयारी बेहतर हुई। डाउट क्लियर करने वाले सेशन से उनके concepts मजबूत हुए और धीरे-धीरे प्रदर्शन में सुधार आया।
हरियाणा के पंशुल बंसल ने भी 715 अंक हासिल कर टॉप रैंक प्राप्त की है। पंशुल का कहना है कि सफलता के लिए लगातार पढ़ाई करना जरूरी है। उन्होंने पढ़ाई को छोटे हिस्सों में बांटकर तैयारी की। उनके अनुसार, एक दिन ज्यादा पढ़ना और अगले दिन बिल्कुल नहीं पढ़ना सही तरीका नहीं है।
NEET UG 2026 रिजल्ट के मुख्य आंकड़े
- 700+ अंक: 19 उम्मीदवार
- 690+ अंक: 138 उम्मीदवार
- फ्रेशर्स: 93 प्रतिशत से ज्यादा टॉप स्कोरर
- टॉपर्स की उम्र: 17 से 19 वर्ष
- सबसे ज्यादा सफल उम्मीदवार: उत्तर प्रदेश से
- महिलाओं का प्रदर्शन: सफलता दर पुरुषों से अधिक
NEET UG 2026 में सफल उम्मीदवारों के आंकड़े
नीट यूजी 2026 में कुल 19 उम्मीदवारों ने 720 में से 700 से अधिक अंक हासिल किए हैं। 705 से ज्यादा अंक पाने वाले टॉप उम्मीदवार पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्यों से हैं।
इस साल 690 से अधिक अंक हासिल करने वाले 138 उम्मीदवार हैं। इनमें ज्यादातर उम्मीदवार पहली बार परीक्षा देने वाले हैं। आंकड़ों के अनुसार, 93 प्रतिशत से ज्यादा उम्मीदवारों ने पहली बार NEET परीक्षा दी थी। वहीं अधिकतर टॉपर्स की उम्र 17 से 19 वर्ष के बीच रही।
देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सफल उम्मीदवार सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की है, जबकि लक्षद्वीप से भी कई उम्मीदवार सफल रहे हैं। महिलाओं की सफलता दर पुरुषों से थोड़ी अधिक रही।
कैटेगरी के अनुसार देखें तो ओबीसी-NCL वर्ग से करीब 5.12 लाख उम्मीदवार सफल हुए हैं। जनरल वर्ग से 2.91 लाख, एससी वर्ग से 1.59 लाख, जनरल EWS से 95,026 और एसटी वर्ग से 63,716 उम्मीदवारों ने परीक्षा क्वालिफाई की है। इसके अलावा PwBD और PwD वर्ग के उम्मीदवार भी सफल हुए हैं।
