नीट यूजी 2026 के नतीजों में इस बार पहली बार परीक्षा देने वाले छात्रों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के जारी आंकड़ों के अनुसार, 720 में से 690 से अधिक अंक हासिल करने वाले अधिकांश उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने पहली बार NEET परीक्षा दी। इससे साफ है कि इस वर्ष टॉप रैंक हासिल करने वालों में फ्रेशर्स की संख्या सबसे अधिक रही।
NEET UG 2026 में फ्रेशर्स का शानदार प्रदर्शन
इस साल पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया। करीब 20 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से लगभग 11.21 लाख उम्मीदवार सफल रहे। अब ये छात्र MBBS, बीडीएस, आयुष और अन्य स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्र होंगे।
NEET UG 2026 रिजल्ट की मुख्य बातें
- कुल परीक्षार्थी: लगभग 20 लाख
- सफल उम्मीदवार: करीब 11.21 लाख
- ऑल इंडिया रैंक 1: आर्यन गुप्ता और पांशुल बंसल
- टॉप स्कोर: 715 अंक
- फ्रेशर्स का दबदबा: 690+ अंक पाने वालों में अधिकांश पहली बार परीक्षा देने वाले
- अगला चरण: मेडिकल काउंसलिंग और एडमिशन प्रक्रिया
690 से अधिक अंक पाने वाले छात्रों का प्रदर्शन
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंची रैंक हासिल करने वाले छात्रों में पहली बार परीक्षा देने वालों का दबदबा रहा। 690 से अधिक अंक पाने वाले कुल 138 उम्मीदवारों में से 128 छात्र फ्रेशर्स हैं। यानी 93 प्रतिशत से अधिक टॉप स्कोरर ऐसे रहे जिन्होंने पहली बार यह परीक्षा दी। इन अधिकांश छात्रों की उम्र 17 से 19 वर्ष के बीच है।
एनटीए के आंकड़ों के मुताबिक, 700 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 19 उम्मीदवार हैं। वहीं 650 या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले 1,492 छात्र रहे। 600 से ज्यादा अंक पाने वाले उम्मीदवारों की संख्या 10,160 रही, जबकि 500 से अधिक अंक लाने वाले 90,780 अभ्यर्थी हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि इस बार प्रतियोगिता काफी कठिन रही और अच्छे अंक हासिल करने के लिए छात्रों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
NEET UG 2026 स्कोर आंकड़े
- 690+ अंक: 138 उम्मीदवार
- फ्रेशर्स: 128 उम्मीदवार
- 700+ अंक: 19 उम्मीदवार
- 650+ अंक: 1,492 उम्मीदवार
- 600+ अंक: 10,160 उम्मीदवार
- 500+ अंक: 90,780 उम्मीदवार
अब शुरू होगी मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया
देश में मेडिकल शिक्षा के लिए इस समय लगभग 1,36,939 Medical सीटें उपलब्ध हैं। इनमें करीब 56 हजार सीटें सरकारी कॉलेजों में और लगभग 52 हजार सीटें निजी कॉलेजों में हैं। परिणाम घोषित होने के बाद अब जल्द ही Counselling प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, जिसके माध्यम से योग्य उम्मीदवारों को विभिन्न मेडिकल संस्थानों में प्रवेश मिलेगा। सफल छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और आधिकारिक सूचना के अनुसार आगे की प्रवेश प्रक्रिया में समय पर हिस्सा लें।