Nifty Trade Setup 23 October: निफ्टी के अहम स्तर और 15 संकेत

23 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में कारोबार शुरू होने से पहले निवेशकों की नजर Nifty 50 और Bank Nifty के अहम स्तरों, ऑप्शन डेटा और बाजार की चाल पर रहेगी। 22 अक्टूबर को Nifty 50 लगातार तीसरे सत्र में गिरा और 0.5 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी के साथ 22,687 के आसपास बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार के कारण बाजार का तकनीकी रुझान कमजोर बना हुआ है।

Nifty 50 के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

निफ्टी के लिए 22,500 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि इंडेक्स इस स्तर के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की ओर 22,800 से 22,900 का दायरा रेजिस्टेंस बन सकता है। इसके बाद 23,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर अहम रहेगा।

पिवट स्तरों के आधार पर निफ्टी के रेजिस्टेंस 22,764, 22,818 और 22,906 हैं। सपोर्ट 22,588, 22,534 और 22,446 पर देखे जा रहे हैं। दैनिक चार्ट पर Doji कैंडल बनने से खरीदारों और विक्रेताओं के बीच अनिश्चितता दिखी। RSI घटकर 43.98 पर आया, जबकि MACD अपनी संदर्भ रेखा से ऊपर रहा, लेकिन गति कमजोर पड़ती दिखी।

📊 Nifty 50: बाजार के मुख्य स्तर

  • 22 अक्टूबर का स्तर: करीब 22,687
  • मुख्य सपोर्ट: 22,500
  • पिवट सपोर्ट: 22,588, 22,534 और 22,446
  • पहला रेजिस्टेंस जोन: 22,800–22,900
  • अगला अहम स्तर: 23,000
  • तकनीकी संकेत: कमजोर गति और बाजार में अनिश्चितता

Bank Nifty के स्तर और तकनीकी संकेत

Bank Nifty 22 अक्टूबर को 0.09 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, हालांकि दिन के निचले स्तर से इसमें सुधार आया। इंडेक्स ने लंबी ऊपरी और निचली छाया वाली कैंडल बनाई, जो बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता का संकेत देती है। बैंकिंग इंडेक्स अब भी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे है और मोमेंटम संकेतक कमजोर बने हुए हैं।

Bank Nifty के पिवट रेजिस्टेंस 55,098, 55,257 और 55,515 हैं। सपोर्ट 54,582, 54,423 और 54,165 पर हैं। Fibonacci के आधार पर 55,657 और 56,238 रेजिस्टेंस, जबकि 54,053 और 52,784 सपोर्ट के स्तर हैं। इन स्तरों पर इंडेक्स की प्रतिक्रिया से कारोबारी रुझान का अंदाजा मिल सकता है।

ऑप्शन डेटा से क्या संकेत मिलते हैं?

Nifty के मासिक ऑप्शन डेटा में 23,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा Call ओपन इंटरेस्ट, करीब 1.55 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट, दर्ज हुआ। इसके बाद 23,200 पर करीब 1 करोड़ और 23,100 पर 94.36 लाख कॉन्ट्रैक्ट रहे। 22,600 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा Call writing हुई, जबकि 22,900 पर सबसे अधिक Call unwinding दर्ज की गई।

Put ऑप्शन में 22,500 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा ओपन इंटरेस्ट, 92.55 लाख कॉन्ट्रैक्ट, था। 22,600 और 22,700 स्ट्राइक भी महत्वपूर्ण रहे। 22,600 पर सबसे ज्यादा Put writing हुई। यह डेटा कुछ संभावित सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर दिखाता है, लेकिन इससे बाजार की दिशा की गारंटी नहीं मिलती।

⚠️ ट्रेडिंग से पहले इन जोखिमों पर ध्यान दें

  • कमजोर रुझान: निफ्टी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है।
  • तेल की कीमतें: कच्चे तेल में तेजी बाजार की धारणा पर असर डाल सकती है।
  • वोलैटिलिटी: Bank Nifty में उतार-चढ़ाव और दिशाहीन संकेत दिखे।
  • ऑप्शन डेटा: 23,000 Call और 22,500 Put स्तरों पर नजर रखें।
  • जोखिम प्रबंधन: बिना योजना और स्टॉप-लॉस के ट्रेड न करें।
  • सत्यापन: कारोबार से पहले NSE की आधिकारिक ऑप्शन चेन पर ताजा आंकड़े देखें।

Bank Nifty ऑप्शन, PCR और बाजार की पोजिशन

Bank Nifty के Call ऑप्शन में 56,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा ओपन इंटरेस्ट, 15.64 लाख कॉन्ट्रैक्ट, दर्ज हुआ। 55,000 और 55,500 स्ट्राइक भी प्रमुख रहे। Put ऑप्शन में 55,000 स्ट्राइक पर 11.11 लाख कॉन्ट्रैक्ट के साथ सबसे ज्यादा ओपन इंटरेस्ट था। 54,500 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा Put writing देखी गई।

Nifty का Put-Call Ratio (PCR) 22 अक्टूबर को बढ़कर 0.88 हो गया, जबकि पिछले सत्र में यह 0.78 था। PCR में बढ़ोतरी कभी-कभी बेहतर धारणा का संकेत दे सकती है, लेकिन इसे अकेले खरीद या बिक्री का संकेत नहीं मानना चाहिए। दूसरे तकनीकी संकेतों और बाजार की खबरों के साथ इसका आकलन जरूरी है।

स्टॉक्स में पोजिशन बनने के संकेत

दिए गए आंकड़ों के अनुसार 32 शेयरों में Long Build-up, 70 में Long Unwinding, 74 में Short Build-up और 41 में Short-Covering देखा गया। ओपन इंटरेस्ट और कीमत में बदलाव से ट्रेडर्स की पोजिशन के बारे में संकेत मिलते हैं, लेकिन हर शेयर का जोखिम और कारोबार अलग हो सकता है।

High Delivery वाले शेयरों में डिलीवरी आधारित निवेश की दिलचस्पी दिखाई दे सकती है। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में ऐसे शेयरों के नाम और India VIX का आंकड़ा नहीं दिया गया है, इसलिए इनके बारे में कोई अलग स्तर या अनुमान नहीं निकाला जा सकता।

F&O Ban में शामिल शेयर

फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में उन शेयरों को प्रतिबंधित किया जा सकता है जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट बाजार की कुल पोजिशन सीमा के 95 प्रतिशत से ऊपर चले जाते हैं। 23 अक्टूबर के लिए दी गई सूची में Ambuja Cements, Kaynes Technology India और SAIL को प्रतिबंधित सूची में बनाए रखा गया है। कोई नया शेयर नहीं जोड़ा गया और न ही किसी शेयर को हटाया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. 23 अक्टूबर को Nifty 50 का मुख्य सपोर्ट क्या है?

Nifty 50 के लिए 22,500 को मुख्य सपोर्ट माना जा रहा है। इसके नीचे मजबूत गिरावट आने पर बिकवाली बढ़ सकती है। फिर भी कारोबार से पहले ताजा बाजार डेटा और अपने जोखिम के अनुसार निर्णय लेना जरूरी है।

2. Nifty 50 के सामने कौन से रेजिस्टेंस स्तर हैं?

निफ्टी के लिए 22,800 से 22,900 का दायरा पहला अहम रेजिस्टेंस जोन है। इसके ऊपर 23,000 का स्तर महत्वपूर्ण हो सकता है। इंडेक्स इन स्तरों पर कैसा प्रदर्शन करता है, उससे बाजार की निकट अवधि की दिशा के संकेत मिल सकते हैं।

3. Bank Nifty का मुख्य सपोर्ट कितना है?

Bank Nifty के पिवट आधार पर 54,582, 54,423 और 54,165 सपोर्ट स्तर हैं। Fibonacci के अनुसार 54,053 भी अहम स्तर है। ये तकनीकी स्तर हैं, इसलिए इन्हें निश्चित नतीजे की तरह नहीं देखना चाहिए।

4. Put-Call Ratio 0.88 का क्या मतलब है?

Nifty का PCR पिछले सत्र के 0.78 से बढ़कर 0.88 हुआ। यह ऑप्शन बाजार में पोजिशन के बदलते संतुलन को दिखाता है। PCR को अकेले तेजी या मंदी का पक्का संकेत मानने के बजाय अन्य संकेतकों के साथ देखना चाहिए।

5. F&O Ban में कौन से शेयर बने हुए हैं?

दी गई जानकारी के अनुसार Ambuja Cements, Kaynes Technology India और SAIL F&O Ban सूची में बने हुए हैं। इस सूची में कोई नया शेयर शामिल नहीं हुआ और कोई शेयर हटाया नहीं गया। ट्रेड से पहले एक्सचेंज की ताजा सूची जरूर जांचें।

निष्कर्ष

23 अक्टूबर के कारोबार में निफ्टी का 22,500 सपोर्ट, 22,800–22,900 रेजिस्टेंस और Bank Nifty के तकनीकी स्तर अहम रहेंगे। कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की तेजी के बीच जल्दबाजी से बचें। ऑप्शन डेटा को अन्य संकेतों के साथ समझें और जोखिम सीमित रखें।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य शिक्षा के लिए है। इसे निवेश सलाह न मानें। शेयर बाजार में जोखिम होता है, इसलिए निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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