ईंधन की कमी की अफवाहों के कारण पूरे ओडिशा में गैस स्टेशनों के बाहर लंबी कतारें लग गईं, जिससे कई शहरों में लोग घबराकर ज़्यादा ईंधन खरीदने लगे। पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद यह भीड़ और भी बढ़ गई।
भुवनेश्वर, कटक और राज्य के अन्य हिस्सों में गैस स्टेशनों पर लोग भीषण गर्मी में घंटों तक कतारों में खड़े रहे। बताया जा रहा है कि कई जगहों पर गुरुवार आधी रात से ही कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।
ओडिशा में petrol pump पर बढ़ी भीड़
कुछ यात्रियों के मुताबिक, पेट्रोल पंप कथित तौर पर दोपहिया वाहनों को एक बार में लगभग 200 रुपये का ही ईंधन भरवाने दे रहे थे।
यह घबराहट सिर्फ़ शहरी इलाकों तक ही सीमित नहीं थी। ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के अनुसार, किसानों ने फ़सलों के लिए अहम मौसम में सिंचाई पंप सेटों के लिए ईंधन की कमी पर नाराज़गी ज़ाहिर की, जबकि पुरी और चिल्का झील जैसे मशहूर पर्यटन स्थलों पर नाव चलाने वालों ने शिकायत की कि उन्हें कंटेनरों में डीज़ल लेने में दिक्कत हो रही है।
⛽ ओडिशा में ईंधन खरीदने की होड़
- मुख्य कारण: ईंधन की कमी की अफवाहें
- प्रभावित शहर: भुवनेश्वर, कटक और अन्य इलाके
- कीमत बढ़ोतरी: पेट्रोल-डीज़ल में ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि
- स्थिति: पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें
- दोपहिया सीमा: कई जगह ₹200 तक ईंधन
- असर: ट्रैफ़िक जाम और घंटों इंतज़ार
सप्लाई को लेकर बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में हालिया तनाव के कारण आपूर्ति में देरी की आशंका से, भुवनेश्वर और कटक में सैकड़ों वाहन चालक गैस स्टेशनों के खुलने से पहले ही उनके बाहर कतारों में खड़े हो गए। इस भीड़भाड़ के कारण कटक की ‘लिंक रोड’ और भुवनेश्वर की ‘जयदेव विहार-नंदन कानन रोड’ तथा ‘जनपथ’ जैसी मुख्य सड़कों पर भारी ट्रैफ़िक जाम लग गया। ‘TOI’ के अनुसार, ट्रैफ़िक को नियंत्रित करने और भीड़ को संभालने के लिए कई जगहों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
इस बीच, तेल कंपनियों ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक कमल शील के अनुसार, पूरे ओडिशा में सप्लाई केंद्रों पर दस से तेरह दिनों के लिए ईंधन की सप्लाई उपलब्ध थी। उन्होंने कहा, “राज्य में कहीं भी ईंधन की सप्लाई सीमित नहीं है। घबराने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं है।”
🚨 ईंधन सप्लाई पर तेल कंपनियों का बयान
- IOC का दावा: राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं
- उपलब्ध स्टॉक: 10 से 13 दिनों की सप्लाई मौजूद
- मुख्य चिंता: अफवाहों के कारण बढ़ी घबराहट
- प्रशासनिक कदम: कई जगह पुलिस तैनात
- असर: ट्रैफ़िक जाम और लंबी लाइनें
- लोगों से अपील: घबराकर ज़्यादा ईंधन न खरीदें
लोगों को करना पड़ा लंबा इंतज़ार
हालाँकि, कुछ गैस स्टेशनों पर लोगों को इंतज़ार करने में काफ़ी ज़्यादा समय लगा या फिर कुछ समय के लिए ईंधन खत्म हो गया। कई यात्रियों के अनुसार, फ़िलिंग स्टेशन चलाने वालों ने अब हर गाड़ी को दिए जाने वाले ईंधन की मात्रा सीमित करना शुरू कर दिया है।
“मैं सुबह छह बजे से यहाँ खड़ा हूँ। Pump देर से खुला, जिसके कुछ ही मिनटों में लाइन एक किलोमीटर से भी ज़्यादा लंबी हो गई। सप्लाई में रुकावटों को लेकर लोगों में डर है। ईंधन की कीमतें बढ़ने के बावजूद लाइनें और लंबी होती जा रही हैं,” रसूलगढ़ के पास एक यात्री सत्य दास ने TOI को बताया।
कटक और Bhuneshwar में ट्रैफ़िक जाम
कटक में भी ऐसी ही घटनाएँ देखने को मिलीं, जहाँ गैस स्टेशनों के पास ट्रैफ़िक जाम की समस्या और भी बढ़ गई। अजय दास नाम के एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, “मैंने पेट्रोल पंपों पर इतनी ज़्यादा भीड़ पहले कभी नहीं देखी।”
Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक रिपोर्ट्स और मीडिया स्रोतों पर आधारित है। ईंधन की उपलब्धता और कीमतों से जुड़ी जानकारी समय के साथ बदल सकती है। कृपया आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।

