केंद्र सरकार पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP प्रदर्शन के बीच यह संशोधन विधेयक संसद में पेश किया जा सकता है।
पेपर लीक रोकने वाले कानून में बदलाव की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पेपर लीक रोकने वाले कानून में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यह विधेयक 27 जुलाई को संसद में पेश किए जाने की संभावना है।
प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य पेपर लीक और संगठित नकल करने वालों पर सख्त कार्रवाई करना है। नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक में शामिल लोगों को कम से कम 5 साल की जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया जा सकता है। वहीं, संगठित तरीके से पेपर लीक करने के मामलों में सजा 10 साल तक हो सकती है और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
जांच प्रक्रिया तेज करने का प्रस्ताव
सरकार का कहना है कि नए बदलावों से जांच प्रक्रिया तेज होगी। इसके लिए पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच तीन महीने के अंदर पूरी करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का प्रावधान किया जा सकता है।
मौजूदा कानून के तहत व्यक्तिगत रूप से अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों को 3 से 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, संगठित अपराध और पेपर लीक से जुड़े मामलों में 5 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 1 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
Public Examinations Act 2024 में क्या है प्रावधान
Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 को परीक्षा में पेपर लीक, नकल और संगठित धोखाधड़ी रोकने के लिए बनाया गया था। यह कानून NEET, JEE, UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग भर्ती परीक्षा और NTA द्वारा आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं पर लागू होता है।
इस कानून के तहत सभी अपराधों को संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौता योग्य बनाया गया है। जांच की जिम्मेदारी DSP या उससे ऊपर के अधिकारी को दी गई है। जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार किसी केंद्रीय जांच एजेंसी को भी जांच सौंप सकती है।
NEET विवाद के बाद जांच और सख्ती
NEET पेपर लीक विवाद के बाद दिल्ली पुलिस ने भी परीक्षा से जुड़े अपराधों की जांच के लिए क्राइम ब्रांच में एक विशेष जांच टीम बनाई है। इसके अलावा दिल्ली हाई कोर्ट ने भी ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक वीडियो संदेश में कहा था कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है।
NTA में सुधार की योजना
सरकार अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में भी सुधार करने की योजना पर काम कर रही है। NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक बदलाव किए जा रहे हैं।
📚 परीक्षा कानून में प्रस्तावित बदलाव
- कानून: Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024
- उद्देश्य: पेपर लीक और नकल रोकना
- नई सजा: पेपर लीक में 5 साल तक जेल का प्रस्ताव
- संगठित अपराध: 10 साल तक जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना
- जांच समय: मामलों की जांच 3 महीने में पूरी करने का प्रस्ताव
⚠️ NEET विवाद और परीक्षा सुधार
- विवाद: NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन
- कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने विशेष जांच टीम बनाई
- कोर्ट: फास्ट ट्रैक सुनवाई की व्यवस्था
- सुधार: NTA में प्रशासनिक बदलाव की योजना
- लक्ष्य: परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना
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