पासपोर्ट नागरिकता का नहीं, यात्रा का दस्तावेज़: MEA का बड़ा बयान

बुधवार को जब भारत ने 14वां passport सेवा दिवस मनाया, तो विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण-पत्र नहीं, बल्कि यात्रा का एक दस्तावेज़ है।

पासपोर्ट सेवा दिवस पर विदेश मंत्रालय का बड़ा संदेश

International स्तर पर स्वीकार्यता बढ़ाने और धोखाधड़ी का खतरा कम करने के लिए, मंत्रालय ने नए चिप-आधारित ई-पासपोर्ट में बायोमेट्रिक डेटा जैसी सुविधाओं पर ज़ोर दिया।

कई मीडिया आउटलेट्स ने एक अधिकारी के हवाले से कहा, “पासपोर्ट बहुत सावधानी से जांच-पड़ताल के बाद जारी किया जाता है और यह कई सरकारी विभागों के दस्तावेज़ों पर आधारित होता है।”

पासपोर्ट और नागरिकता को लेकर स्पष्टता

वोटर रिकॉर्ड के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) पर हाल ही में हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार सिर्फ़ पहचान का दस्तावेज़ है, नागरिकता का पक्का सबूत नहीं; इस बात से यह टिप्पणी अहम हो जाती है।

अधिकारी ने बताया कि 500 ​​से ज़्यादा पासपोर्ट केंद्रों और अकेले 2025 में 1.5 करोड़ पासपोर्ट और उससे जुड़ी सेवाओं के साथ, सरकार सेवाओं को और आसान बनाने के लिए काम कर रही है।

MEA के सूत्र के अनुसार, 2025 में 1.5 करोड़ पासपोर्ट और उससे जुड़ी सेवाएं दी गईं, जिनमें से 1.39 करोड़ सिर्फ़ पासपोर्ट थे। पुलिस वेरिफिकेशन को छोड़कर, पासपोर्ट के लिए ज़रूरी छह कामकाजी दिनों के दौरान PSK और POPSK में 45 मिनट से भी कम समय लगता है।

📘 पासपोर्ट सेवा दिवस 2026 की प्रमुख बातें

  • अवसर: 14वां पासपोर्ट सेवा दिवस
  • मुख्य संदेश: पासपोर्ट नागरिकता नहीं, यात्रा दस्तावेज़ है
  • सेवाएं: 2025 में 1.5 करोड़ पासपोर्ट एवं संबंधित सेवाएं
  • पासपोर्ट जारी: 1.39 करोड़
  • केंद्र: 545 पासपोर्ट केंद्र संचालित

पासपोर्ट केंद्रों का विस्तार और सुविधाएं

MEA प्रतिनिधि ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अब देश भर में 545 पासपोर्ट केंद्र हैं, जबकि पहले 77 केंद्र थे। यानी अब केंद्रों की संख्या दस साल पहले की तुलना में छह गुना ज़्यादा है।

अधिकारी ने कहा, “हमने पिछले साल दस POPSK खोले थे और इस साल हम दस और जोड़ना चाहते हैं।” MEA अधिकारी के अनुसार, अब ऐसे 27 देश हैं जहाँ भारतीय बिना वीज़ा के जा सकते हैं, जबकि 2019 में यह संख्या 16 थी। अधिकारी ने कहा, “47 देशों में भारतीयों के लिए ‘वीज़ा ऑन अराइवल’ की सुविधा है और 66 देश भारतीयों को इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा देते हैं।”

अधिकारी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ज़्यादातर मोबिलिटी एग्रीमेंट यूरोप के साथ हैं। इनसे शिक्षाविदों, छात्रों, अप्रेंटिस, आम यात्रियों और कंपनियों के लिए आना-जाना आसान हो जाता है। साथ ही, एक ऐसी व्यवस्था भी बनाई जा रही है जिससे अवैध प्रवासियों की वापसी आसान हो सके।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बयान

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को 14वें ‘पासपोर्ट सेवा दिवस’ के मौके पर पासपोर्ट सेवाओं की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि ये सेवाएँ असरदार, पारदर्शी और नागरिकों पर केंद्रित हैं और ये जनता की सेवा के प्रति विदेश मंत्रालय के समर्पण को दिखाती हैं।

जयशंकर ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह दिन ‘पासपोर्ट अधिनियम, 1967’ की सालगिरह के तौर पर मनाया जाता है और यह भारत के पासपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण को दर्शाता है। उन्होंने ‘पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम’ की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “कम से कम सरकार, ज़्यादा से ज़्यादा गवर्नेंस” (Minimum Government, Maximum Governance) वाली सोच को दिया।

विदेश में रहने वाले भारतीयों को बेहतर सेवा देने के लिए, उन्होंने यह भी बताया कि विदेश मंत्रालय ने कई अहम डिजिटल उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इनमें दुनिया भर में भारतीय दूतावासों और मिशनों में ‘ग्लोबल पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम’ (GPSP V2.0) को लागू करना और देश के भीतर अपग्रेडेड ‘पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम’ (PSP V2.0) को सफलतापूर्वक शुरू करना शामिल है।

🔐 ई-पासपोर्ट और सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी

  • तकनीक: चिप-आधारित ई-पासपोर्ट
  • सुरक्षा: बायोमेट्रिक डेटा आधारित सत्यापन
  • उद्देश्य: धोखाधड़ी का खतरा कम करना
  • लाभ: अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता में वृद्धि
  • फोकस: सुरक्षित और आधुनिक यात्रा दस्तावेज़

ई-पासपोर्ट और तकनीकी आधुनिकीकरण

पासपोर्ट कई सरकारी एजेंसियों के रिकॉर्ड की गहन जाँच-पड़ताल के बाद जारी किया जाता है। उन्होंने बताया कि चिप-वाले ई-पासपोर्ट (chip-enabled e-Passports) का सफल लॉन्च इस तकनीकी बदलाव की एक खास विशेषता है; ये पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और ऑथेंटिकेशन (प्रमाणीकरण) की ज़रूरतों को पूरा करते हैं।

पासपोर्ट के काम को समझना ज़रूरी है क्योंकि यह नागरिकता का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि यात्रा का दस्तावेज़ है। पासपोर्ट सेवाओं में एक बड़ी तकनीकी प्रगति के तौर पर, चिप-वाले ई-पासपोर्ट को सफलतापूर्वक लागू करने से सुरक्षा बेहतर होती है और धोखाधड़ी का खतरा कम होता है।

पासपोर्ट केंद्रों और सेवाओं का विस्तार नागरिकों के लिए यात्रा दस्तावेज़ हासिल करने की सुविधा को बेहतर बनाने के प्रति सरकार के समर्पण को दिखाता है।

Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक बयानों और रिपोर्टों पर आधारित है। आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी स्रोत देखें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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