पटना में मंगलवार को NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले महीने हुए छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने गांधी मैदान से रैली शुरू की, लेकिन आयकर गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
पटना में छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
इस प्रदर्शन में एनएसयूआई, एआईएसएफ और डीवाईएफआई समेत कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि पिछले महीने आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामले वापस लिए जाएं। छात्रों ने यह भी मांग की कि सरकार उन लोगों की सत्यापित सूची जारी करे जिन्हें रिहा किया जा चुका है और जो अब भी जेल में बंद हैं।
प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों का आरोप था कि सरकार ने पहले सभी छात्रों की रिहाई और मुकदमे वापस लेने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक उस पर पूरी तरह अमल नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनके कई साथी अभी भी घर नहीं लौटे हैं, जिससे उनके परिवारों में चिंता बनी हुई है।
📌 छात्र प्रदर्शन की प्रमुख मांगें
- रिहाई: गिरफ्तार छात्रों को तुरंत छोड़ा जाए
- मुकदमे: सभी आपराधिक मामले वापस हों
- सूची: रिहा और जेल में बंद छात्रों की जानकारी जारी हो
- आरोप: पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग
- प्रदर्शन: छात्र संगठनों का विरोध जारी
छात्र संगठनों के आरोप और मांगें
छात्र नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सीवान में आंदोलन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया था। उनका कहना है कि संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव और बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम भी शामिल हुए। वाटर कैनन चलाए जाने के बाद पुलिस ने कुछ नेताओं को वहां से हटाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की थी, इसलिए उन्हें रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
🚨 पुलिस का पक्ष
- बैरिकेडिंग: प्रतिबंधित क्षेत्र में रोक
- कार्रवाई: वाटर कैनन का इस्तेमाल
- हिरासत: औपचारिक गिरफ्तारी से इनकार
- प्रतिनिधिमंडल: मांगें अधिकारियों तक भेजीं
- स्थिति: कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दावा
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
पुलिस का कहना है कि किसी को औपचारिक रूप से हिरासत में नहीं लिया गया, बल्कि प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को उनकी मांग संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए भेजा गया। वहीं छात्र संगठनों ने साफ किया है कि जब तक सभी गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। मामले से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और जांच के आधार पर तथ्य समय के साथ बदल सकते हैं।