8 जुलाई 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भी देश में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं। साथ ही, E20 पेट्रोल को लेकर सरकार की ओर से महत्वपूर्ण बयान भी सामने आए हैं।
8 जुलाई को देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है, फिर भी भारत में फिलहाल ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं। इसकी बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव है।
पश्चिम एशिया तनाव के बीच कच्चे तेल में तेजी
अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को कच्चे तेल में करीब 3 प्रतिशत की तेजी आई और बुधवार की एशियाई ट्रेडिंग में ब्रेंट क्रूड 76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जहाजों पर हमलों और उसके बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। इसके कारण दुनियाभर में तेल सप्लाई को लेकर आशंका बनी हुई है।
भारत के बड़े शहरों में 8 जुलाई को पेट्रोल और डीजल के दाम पहले जैसे ही रहे। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है।
⛽ 8 जुलाई: प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
- दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये, डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर
- कोलकाता: पेट्रोल 113.51 रुपये, डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर
- मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये, डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर
- स्थिति: 8 जुलाई को ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं
- कारण: कच्चे तेल में तेजी के बावजूद घरेलू दाम स्थिर
- फोकस: पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत में राहत
बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट
चेन्नई में पेट्रोल 107.76 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर है। बेंगलुरु में पेट्रोल 111.68 रुपये और डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर है। इसी तरह गुरुग्राम, नोएडा, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ, पटना और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में भी कीमतें स्थिर रहीं।
इस बीच E20 पेट्रोल को लेकर भी चर्चा तेज है। E20 का मतलब है ऐसा पेट्रोल जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है। सरकार ने E20 को लेकर उठ रही चिंताओं को गलत बताया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वाहन कंपनियों और सर्विस से जुड़े लोगों की तरफ से ऐसी कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई है कि E20 से गाड़ियों में दिक्कत हो रही हो।
E20 पेट्रोल पर सरकार का रुख और दावे
उनका कहना है कि भारत में पिछले कई सालों से एथेनॉल मिले ईंधन का इस्तेमाल हो रहा है और अब E20 भी काफी समय से चल रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी साफ कहा कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों को नुकसान होने की बात सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत हर साल ईंधन आयात पर बहुत बड़ी रकम खर्च करता है, इसलिए एथेनॉल मिश्रित ईंधन और स्वच्छ ऊर्जा की तरफ बढ़ना देश के लिए जरूरी है।
🚗 E20 पेट्रोल पर सरकार का क्या कहना है?
- E20 क्या है: ऐसा पेट्रोल जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है
- सरकार का दावा: E20 से गाड़ियों में दिक्कत की बड़ी शिकायतें सामने नहीं आईं
- हरदीप सिंह पुरी: E20 को लेकर उठ रही चिंताओं को गलत बताया
- नितिन गडकरी: E20 से गाड़ियों को नुकसान होने की बात सही नहीं
- बड़ा उद्देश्य: ईंधन आयात पर निर्भरता कम करना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना
- संदेश: एथेनॉल मिश्रित ईंधन को सरकार जरूरी कदम मान रही है
ईंधन आयात घटाने और स्वच्छ ऊर्जा पर जोर
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर हैं। साथ ही, केंद्र सरकार E20 पेट्रोल को सुरक्षित और जरूरी कदम बता रही है, क्योंकि इससे आयात पर निर्भरता कम करने और साफ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: पेट्रोल-डीजल के दाम शहर, टैक्स और स्थानीय अपडेट के अनुसार बदल सकते हैं, इसलिए ताजा रेट आधिकारिक स्रोत से जरूर जांचें।

