PM GatiShakti: 396 Infrastructure Projects का बड़ा अपडेट

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, PM GatiShakti पहल के तहत अलग-अलग मंत्रालयों से जुड़े 396 infrastructure projects का मूल्यांकन किया गया है। इन परियोजनाओं में सड़क और रेलवे से जुड़े काम भी शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत करीब 18.66 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।

PM GatiShakti के तहत 396 परियोजनाओं का मूल्यांकन

इन परियोजनाओं का मूल्यांकन Network Planning Group (NPG) ने किया है। इस समूह का गठन 13 अक्टूबर 2021 को शुरू की गई PM GatiShakti पहल के तहत किया गया था। सरकार के अनुसार, अब तक 396 परियोजनाओं का NPG व्यवस्था के जरिए मूल्यांकन हो चुका है।

PM GatiShakti के तहत 396 Infrastructure Projects का मूल्यांकन
PM GatiShakti के तहत 396 Infrastructure Projects की कुल लागत 18.66 लाख करोड़ रुपये।

 

इन 396 परियोजनाओं में से 256 को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 198 परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो गया है। सरकार का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में infrastructure को एक साथ जोड़कर देश में परिवहन और सामान पहुंचाने की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

लॉजिस्टिक्स लागत कम करना PM GatiShakti का लक्ष्य

PM GatiShakti की शुरुआत देश में infrastructure विकास को एकीकृत तरीके से आगे बढ़ाने और logistics cost को कम करने के लिए की गई थी। 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली logistics और connectivity से जुड़ी परियोजनाओं को NPG के जरिए भेजा जाता है, ताकि उनकी योजना और आपसी जुड़ाव का बेहतर तरीके से आकलन किया जा सके।

15 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित करते हुए GatiShakti के तहत पूरे देश में तेज और बिना रुकावट connectivity पर ध्यान देने की जरूरत बताई। इसका उद्देश्य अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है, जिससे लोगों और सामान की आवाजाही आसान हो सके।

🚆 PM GatiShakti की प्रमुख बातें

  • कुल परियोजनाएं: 396
  • अनुमानित लागत: करीब 18.66 लाख करोड़ रुपये
  • मंजूर परियोजनाएं: 256
  • काम शुरू: 198 परियोजनाओं पर
  • मूल्यांकन: Network Planning Group (NPG)
  • शुरुआत: 13 अक्टूबर 2021

पूरे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को जोड़ने पर जोर

विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल का ध्यान केवल शहरों और बंदरगाहों को जोड़ने तक सीमित नहीं होना चाहिए। कारखाने से निकलने वाले सामान को सीधे ग्राहक तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को बेहतर बनाना भी जरूरी है। इससे परिवहन व्यवस्था में होने वाली देरी और अतिरिक्त खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है।

FarEye के CBO Suryansh Jalan के अनुसार, physical infrastructure से क्षमता तैयार होती है, लेकिन digital व्यवस्था उस क्षमता को व्यापार के लिए ज्यादा उपयोगी बनाती है। आने वाले समय में भारत की logistics व्यवस्था को अलग-अलग परिवहन साधनों, real-time जानकारी, बेहतर रास्तों और last-mile delivery के साथ जोड़ने की जरूरत होगी।

📦 बेहतर Logistics के संभावित फायदे

  • कम लागत: सामान की आवाजाही का खर्च घटाने में मदद
  • बेहतर connectivity: अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच तालमेल
  • Real-time जानकारी: परिवहन और रास्तों की बेहतर निगरानी
  • Last-mile delivery: ग्राहक तक सामान पहुंचाने की प्रक्रिया बेहतर करना
  • प्रतिस्पर्धा: भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने में मदद

Digital व्यवस्था से logistics को मिल सकती है मजबूती

उनका कहना है कि अगर यह व्यवस्था बेहतर तरीके से लागू होती है तो सामान की आवाजाही का खर्च कम हो सकता है। इससे भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ेगी और देश का logistics network आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण ताकत बन सकता है।

Disclaimer: यह जानकारी समाचार उद्देश्य के लिए है और आंकड़ों में बदलाव संभव है।

Gourav Kumar Singh

About the Author

Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

Read More →

Leave a Comment