दिल्ली पुलिस की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली नाबालिग लड़की से जुड़े मामले में नया अपडेट सामने आया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल नियमित FIR दर्ज नहीं हुई है और पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है।
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली नाबालिग लड़की के मामले में अभी तक नियमित FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस के अनुसार, पिछले सप्ताह नोएडा पुलिस की ओर से भेजी गई Zero FIR फिलहाल विचाराधीन है और इसे अभी दिल्ली में नियमित एफआईआर में नहीं बदला गया है। ऐसे में इस समय केस वापस लेने का सवाल भी नहीं उठता। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नियमित एफआईआर दर्ज करने पर फैसला सभी तथ्यों और नाबालिग के दावों की जांच के बाद ही लिया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने FIR को लेकर स्थिति की स्पष्ट की
यह मामला उस वीडियो के बाद चर्चा में आया जिसमें एक नाबालिग लड़की पर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगा। पुलिस का कहना है कि अभी पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है और अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। इसलिए फिलहाल कानूनी प्रक्रिया शुरुआती चरण में ही है और कोई नियमित मामला दर्ज नहीं हुआ है।
इस घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लड़की के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को डराने की कोशिश की जा रही है और कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लड़की को किसी तरह की सहायता की जरूरत होगी तो वह उसके साथ खड़े रहेंगे।
मामले की प्रमुख बातें
- स्थिति: नियमित FIR अभी दर्ज नहीं
- Zero FIR: नोएडा पुलिस ने भेजी
- जांच: दिल्ली पुलिस कर रही है
- निर्णय: तथ्यों की जांच के बाद होगा
- मामला: कथित आपत्तिजनक टिप्पणी
- प्रक्रिया: कानूनी समीक्षा जारी
राजनीतिक बयान और सोशल मीडिया विवाद
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति को कथित अपशब्दों के आधार पर आपराधिक प्रक्रिया में घसीटना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कई जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं, तब ऐसे मामलों में समान कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती। उन्होंने सरकार से युवाओं को निशाना न बनाने की अपील भी की।
इस बीच नोएडा पुलिस द्वारा दर्ज Zero FIR के बाद सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ गया। इसके बाद संबंधित लड़की ने एक वीडियो जारी कर कहा कि वह दूसरों के प्रभाव में आ गई थी। उसने खुद को 15 वर्ष की बताया और कहा कि वायरल वीडियो उसने अपलोड नहीं किया था। साथ ही उसने अपने बयान पर अफसोस जताते हुए कहा कि उसे इस घटना पर शर्मिंदगी है।
आगे क्या होगा
- पुलिस: सभी साक्ष्यों की समीक्षा करेगी
- बयान: संबंधित पक्षों से जांच जारी
- कानूनी स्थिति: मामला विचाराधीन
- अगला कदम: नियमित FIR पर फैसला
- आधार: उपलब्ध साक्ष्य और दस्तावेज
- स्थिति: जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई
जांच पूरी होने के बाद होगा अंतिम फैसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उनके साथ-साथ उनकी दिवंगत मां के लिए भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे उन्हें दुख पहुंचा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भटके हुए बच्चों को माफ कर सही रास्ता दिखाने की जरूरत है।
फिलहाल यह मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है। जब तक Zero FIR को नियमित एफआईआर में बदलने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक जांच और दस्तावेजों की समीक्षा जारी रहेगी। आने वाले दिनों में पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। जांच पूरी होने पर आधिकारिक तथ्य बदल सकते हैं।
