पीपीएफएएस म्यूचुअल फंड ने अपने पांच फंड से जुड़े निवेश नियमों में बदलाव की जानकारी दी है। ये बदलाव 26 अगस्त 2026 से लागू किए गए हैं। इनमें इक्विटी, डेट, सोना-चांदी और अन्य साधनों में निवेश की सीमा के साथ कुछ योजनाओं के नाम में भी बदलाव किया गया है। निवेशकों के लिए इन बदलावों को समझना जरूरी है, क्योंकि इससे अलग-अलग योजनाओं में पैसे लगाने की रणनीति और निवेश का तरीका प्रभावित हो सकता है।
पीपीएफएएस के पांच फंड में क्या बदला

पैराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड अब अपनी कुल राशि का 65 से 100 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी और उससे जुड़े साधनों में लगा सकता है। बाकी 0 से 35 प्रतिशत राशि मनी मार्केट और अन्य आसानी से नकदी में बदले जा सकने वाले साधनों में रखी जा सकती है। इसमें सोना और चांदी से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड तथा इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट भी शामिल हो सकते हैं। योजना को विदेशी इक्विटी और उससे जुड़े साधनों में भी निवेश की अनुमति होगी।
पैराग पारिख आर्बिट्राज फंड के निवेश ढांचे में भी बदलाव किया गया है। सामान्य बाजार परिस्थितियों में 65 से 100 प्रतिशत राशि इक्विटी और इक्विटी डेरिवेटिव में लगाई जा सकती है। शेष राशि सरकारी प्रतिभूतियों, प्रमाणपत्र जमा, घरेलू म्यूचुअल फंड, सोने-चांदी से जुड़े साधनों और अल्पकालिक ऋण साधनों में रखी जा सकती है। अगर बाजार की स्थिति रक्षात्मक मानी जाती है तो इक्विटी में निवेश 0 से 65 प्रतिशत तक रखा जा सकता है और बाकी 35 से 100 प्रतिशत राशि सुरक्षित साधनों में लगाई जा सकती है।
फ्लेक्सी कैप और आर्बिट्राज फंड में बदलाव
पैराग पारिख ईएलएसएस टैक्स सेवर फंड के निवेश नियम में भी बदलाव हुआ है। अब इस योजना में 80 से 100 प्रतिशत राशि इक्विटी और उससे जुड़े साधनों में लगाई जा सकती है। बची हुई 0 से 20 प्रतिशत राशि मनी मार्केट साधनों, सोने-चांदी से जुड़े फंड, इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट, म्यूचुअल फंड या अन्य तरल साधनों में निवेश की जा सकती है। पहले बची हुई राशि के लिए मुख्य रूप से मनी मार्केट और डेट साधनों का प्रावधान था।
📊 PPFAS फंड में निवेश बदलाव
- लागू होने की तारीख: 26 अगस्त 2026
- फ्लेक्सी कैप: 65 से 100 प्रतिशत इक्विटी
- आर्बिट्राज: 65 से 100 प्रतिशत इक्विटी और डेरिवेटिव
- ईएलएसएस: 80 से 100 प्रतिशत इक्विटी
- कंजर्वेटिव हाइब्रिड: 75 से 90 प्रतिशत डेट और मनी मार्केट
- लार्ज कैप: 80 से 100 प्रतिशत बड़ी कंपनियों में निवेश
पैराग पारिख कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड में 75 से 90 प्रतिशत राशि मनी मार्केट और डेट प्रतिभूतियों में निवेश की जाएगी। इसमें 10 से 25 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी और उससे जुड़े साधनों में रखा जा सकता है। इसके अलावा 0 से 10 प्रतिशत राशि सोने और चांदी से जुड़े फंड, संबंधित साधनों और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट में लगाई जा सकती है।
पैराग पारिख लार्ज कैप फंड में बड़ी कंपनियों के शेयरों और संबंधित साधनों में 80 से 100 प्रतिशत निवेश किया जा सकता है। बाकी 0 से 20 प्रतिशत राशि अन्य कंपनियों, विदेशी कंपनियों, विदेशी फंड या अन्य अनुमत साधनों में लगाई जा सकती है। इसके अलावा मनी मार्केट साधन, सोना-चांदी से जुड़े फंड और घरेलू म्यूचुअल फंड में भी निवेश का विकल्प रखा गया है।
कंजर्वेटिव हाइब्रिड और लार्ज कैप फंड की नई सीमा
इन बदलावों के साथ तीन योजनाओं के नाम से जुड़े विवरण में भी संशोधन किया गया है। ईएलएसएस टैक्स सेवर फंड के नाम में अब योजना की ईएलएसएस विशेषताओं को स्पष्ट किया गया है। डायनेमिक एसेट एलोकेशन फंड के नए विवरण में बताया गया है कि यह डेट और इक्विटी दोनों साधनों में निवेश करने वाली खुली योजना है। वहीं आर्बिट्राज फंड के नए विवरण में इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट में निवेश की अनुमति नहीं होने की बात स्पष्ट की गई है।
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि किसी फंड के निवेश नियमों में बदलाव होने का मतलब यह नहीं है कि उसमें निवेश करना सभी लोगों के लिए उचित होगा। पैसा लगाने से पहले योजना के नए दस्तावेज, जोखिम और अपने वित्तीय लक्ष्य को समझना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर प्रमाणित वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
⚠️ निवेश से पहले इन बातों पर ध्यान दें
- नियमों में बदलाव: पांच फंड की निवेश सीमा बदली गई है
- जोखिम: हर योजना का जोखिम अलग हो सकता है
- दस्तावेज: नए योजना दस्तावेज को ध्यान से पढ़ें
- वित्तीय लक्ष्य: निवेश से पहले अपने लक्ष्य को समझें
- सलाह: जरूरत होने पर प्रमाणित वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लें
- जरूरी बात: नियमों में बदलाव निवेश को सभी के लिए उचित नहीं बनाता
